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Hapur News: जिले में बिना फिटनेस दौड़ रहे 5960 ऑटो और ई-रिक्शा
Tue, 07 Jan 2025 10:30 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 07 Jan 2025 10:30 PM IST
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हापुड़। जिले की सड़कों पर बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र के 6895 वाहन दौड़ रहे हैं। इन वाहनों में 1212 ई-रिक्शा और 4748 ऑटो शामिल हैं। इसके बाद भी परिवहन विभाग के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि इनमें 4800 वाहनों पर विभाग का करीब 17 करोड़ रुपये भी बकाया है।
शहर की सड़कों पर जाम का बड़ा कारण ई-रिक्शा और थ्रीव्हीलर हैं। दोनों प्रकार के वाहन लोकल रूट के साथ हाईवे पर भी दौड़ रहे हैं। जिन वाहनों के पास फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं है, उसमें सबसे ज्यादा ई-रिक्शा और थ्रीव्हीलर शामिल हैं। हर दिन हजारों लोग वाहनों में सफर करते हैं। ऐसे में इन लोगों की जान पर खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी परिवहन विभाग के अधिकारी बेखबर हैं। इन वाहनों के पास न तो सवारियां ढोने के लिए वैध परमिट है और न ही फिटेनस प्रमाण-पत्र है। बसों की आड़ में भी लोकल रूटों पर इन वाहनों का संचालन हो रहा है। जबकि, इनके पास मात्र टूरिस्ट के लिए ही परमिट है।
वाहनों से नहीं हो रही वसूली
जिले में करीब 4800 वाहनों के ऊपर परिवहन विभाग का करीब 17 करोड़ रुपये बकाया है। इसे वसूलने के लिए ओटीएस भी लागू की गई है। सड़कों पर संचालन के बाद भी वसूली तक नहीं हो पा रही है। जिससे विभाग को राजस्व का नुकसान पहुंच रहा है।
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इन वाहनों की फिटनेस समाप्त--
वाहन का प्रकार
संख्या
बस
पांच
ई-रिक्शा
1212
गुड्स कैरिअर
158
मैक्सी कैब
8
मोटर कैब
126
थ्रीव्हीलर
गुड्स व पैसेंजर
4748
कोट -
बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र के जिन वाहनों का संचालन हो रहा है। उनके विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। कई वाहन सीज भी जांच कर किए गए हैं। विभाग का अभियान जिले में लगातार जारी है।
- रमेश कुमार चौबे, एआरटीओ प्रवर्तन
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शहर की सड़कों पर जाम का बड़ा कारण ई-रिक्शा और थ्रीव्हीलर हैं। दोनों प्रकार के वाहन लोकल रूट के साथ हाईवे पर भी दौड़ रहे हैं। जिन वाहनों के पास फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं है, उसमें सबसे ज्यादा ई-रिक्शा और थ्रीव्हीलर शामिल हैं। हर दिन हजारों लोग वाहनों में सफर करते हैं। ऐसे में इन लोगों की जान पर खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी परिवहन विभाग के अधिकारी बेखबर हैं। इन वाहनों के पास न तो सवारियां ढोने के लिए वैध परमिट है और न ही फिटेनस प्रमाण-पत्र है। बसों की आड़ में भी लोकल रूटों पर इन वाहनों का संचालन हो रहा है। जबकि, इनके पास मात्र टूरिस्ट के लिए ही परमिट है।
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वाहनों से नहीं हो रही वसूली
जिले में करीब 4800 वाहनों के ऊपर परिवहन विभाग का करीब 17 करोड़ रुपये बकाया है। इसे वसूलने के लिए ओटीएस भी लागू की गई है। सड़कों पर संचालन के बाद भी वसूली तक नहीं हो पा रही है। जिससे विभाग को राजस्व का नुकसान पहुंच रहा है।
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इन वाहनों की फिटनेस समाप्त
वाहन का प्रकार
संख्या
बस
पांच
ई-रिक्शा
1212
गुड्स कैरिअर
158
मैक्सी कैब
8
मोटर कैब
126
थ्रीव्हीलर
गुड्स व पैसेंजर
4748
कोट -
बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र के जिन वाहनों का संचालन हो रहा है। उनके विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। कई वाहन सीज भी जांच कर किए गए हैं। विभाग का अभियान जिले में लगातार जारी है।
- रमेश कुमार चौबे, एआरटीओ प्रवर्तन