{"_id":"58540cbb4f1c1b896064b5f5","slug":"8-6-percent-of-children-in-the-district-are-atikuposhit","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 8.6 फीसदी बच्चे हैं अतिकुपोषित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 8.6 फीसदी बच्चे हैं अतिकुपोषित
ब्यूरो अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 16 Dec 2016 09:38 PM IST
विज्ञापन
अतिकुपोषित
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दो चरणों में 10 और 13 दिसंबर को आयोजित वजन दिवस में सर्वे के दौरान जिले में 8.6 प्रतिशत बच्चे अति कुपोषित पाए गए हैं। इस मामले में जिले में धौलाना सबसे बेहतर तो हापुड़ ब्लॉक की स्थिति सबसे खराब है।
विज्ञापन
हौसला पोषण योजना के तहत अब आंगनबाड़ी कार्यकत्री ऐसे बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान रखेंगी। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर अतिकुुपोषित बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराकर उनकी सेहत सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में 10 और 13 दिसंबर को दो चरणों में वजन दिवस का आयोजन किया गया था। इस दौरान जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। सर्वे के दौरान जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के आंकड़े चौकाने वाले हाए हैं।
विज्ञापन
जिले में 8.6 प्रतिशत बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में मिले। जबकि, 17.31 प्रतिशत बच्चे कुपोषण की स्थिति में हैं। जिले में कुल 116806 बच्चों में से 112912 बच्चों का ही वजन हो सका। जिनमें 83646 बच्चे सामान्य पाए गए। 19550 बच्चे कुपोषित श्रेणी तो 9716 अति कुपोषित पाए गए।
इस मामले में सबसे बेहतर स्थिति धौलाना ब्लॉक की रही। यहां अतिकुपोषित बच्चों का प्रतिशत 6.85 है। जबकि, हापुड़ में 9.43 प्रतिशत, सिंभावली में 9.33 प्रतिशत और गढ़ में 8.57 प्रतिशत बच्चे अतिकुपोषित पाए गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सावित्री देवी ने बताया कि अतिकुपोषित बच्चों में से जिनकी हालत अधिक खराब है उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। ताकि उनकी स्थिति में सुधार हो सके। साथ ही चयनित बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जिम्मेदारी दी जाएगी।