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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   20 centimeters away from danger mark of Ganga.

खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर दूर गंगा

Thu, 14 Jul 2016 09:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Thu, 14 Jul 2016 09:49 PM IST
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20 centimeters away from danger mark of Ganga.
पहाड़ों पर झमाझम बारिश से ब्रजघाट में उफनाई गंगा - फोटो : अमर उजाला

पहाड़ों पर भारी बरसात और बिजनौर बैराज व हरिद्वार से सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर दूर रह गया था।

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शुक्रवार को नदी का जलस्तर करीब पांच सेंटीमीटर और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में खादर के गांवों में दहशत का माहौल है। वहीं प्रशासन ने भी बाढ़ से बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
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उत्तराखंड सहित हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में झमाझम बारिश होने का सिलसिला जारी है।

इससे ब्रजघाट में गंगा एक बार फिर से उफान पर है। साथ ही बिजनौर बैराज और हरिद्वार से बृहस्पतिवार को भी करीब सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके शुक्रवार दोपहर तक ब्रजघाट पहुंचने से गंगा के जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होनी तय है।
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नदी का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र से जुड़े दो दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों में दहशत का माहौल है। वहीं गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने के कारण निचले हजारों हेक्टेयर जंगल में फिर से जलभराव हो गया है।

इससे एक ओर तो सैकड़ों बीघे फसल बर्बाद हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों के सामने मवेशियों के चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियां भी तेजी से पांव पसार रही हैं।

केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर झमाझम बारिश होने से ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

इसके चलते बृहस्पतिवार शाम को नदी का जलस्तर बढ़कर 198.13 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है। बुधवार को यह 197. 82 मीटर पर था।

गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ ही प्रशासन सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को सभी राहत चौकियाें का अलर्ट कर दिया गया। प्रशासन की टीम बाढ़ संभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही है।

बाढ़ आने की आशंका बढ़ने के साथ ही खादर के गांवों में चौतरफा बेचैनी बढ़ गई है। तहसील प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। तहसीलदार भगत सिंह ने बताया कि जलस्तर में बढ़ोतरी होने के बाद भी फिलहाल बाढ़ आने का कोई खतरा नहीं है।

शुक्रवार को बिजनौर बैराज और हरिद्वार से छोड़ा गया पानी पहुंचने के बाद नदी के जलस्तर में करीब पांच सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हो सकती है। एहतियातन राहत चौकियों को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है।


गंगा जलस्तर की बढ़ोतरी और बाढ़ संभावित गांवों का निगरानी के लिए लेखपालों सहित राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। जरूरत पड़ने पर तहसील मुख्यालय में बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी। इसमें अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे।

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