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कंपनियों के बुलाने पर जाने लगे कामगार, बाहर प्रदेशों से कामगारों को लेने आतीं हैं बसें
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गहरौली गांव में रोडवेज बस में बैठते यात्री।
- फोटो : HAMIRPUR
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गहरौली (हमीरपुर)। अनलॉक होते ही कंपनियां खुलने लगी हैं। ऐसे में कंपनी मालिकों ने अपने कर्मचारियों को फोन कर बुलाना शुरू कर दिया है। इसी के चलते तमाम कामगार जाने लगे हैं। पिछले चार दिनों में लगभग एक सैकड़ा से अधिक लोग काम पर जा चुके हैं।
गांवों में पर्याप्त काम न मिलने के कारण अधिकांश मजदूर व कुशल सुपरवाइजर दिल्ली, महाराष्ट्र, गुड़गांव सहित अन्य महानगरों में जाने लगे हैं। लॉकडाउन के कारण कारखाने और कंपनियां बंद हो गईं थी। उस समय मजदूर अपने घरों को वापस आ गए थे। लॉकडाउन खत्म होने पर कारखाने व कंपनियां खुलने लगी हैं। मालिकों ने अपने कर्मचारियों को फोन कर बुलाना शुरू कर दिया है।
इधर, महोबा डिपो की बस गहरौली से होकर दिल्ली जाने लगी है। जिसमें प्रतिदिन दिल्ली के लिए दर्जनों कामगार वापस जाने लगे हैं। रविवार को दिल्ली जाने वाली बस में गांव से 23 सुपरवाइजर व अन्य मजदूर अपने काम पर लौटे। हालांकि सुरक्षा के लिहाजा से परिचालक ने बस में चढ़ने वाले सभी लोगों को सैनिटाइज किया। जाने वाले मजदूर रामकेश, हरनारायण, विनीत ने बताया गांव में कोई काम धंधा नहीं है। इसलिए कंपनी मालिक के बुलाने पर जा रहे हैं।
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2500 कामगारों के बनाए जॉबकार्ड
मौदहा। विकासखंड के एडीओ बृजमोहन पटेल ने बताया प्रवासी मजदूरों में करीब 2500 के मनरेगा जॉबकार्ड बनाने के साथ उन्हें काम दिया गया है। बताया ब्लाक क्षेत्र में 12303 जॉबकार्ड बने हैं। जिसमें 18082 श्रमिकों को काम पर लगाया गया है। करीब 2600 लोगों को काम न होने की वजह से एक हजार रुपये उनके खातों में भेजे गए हैं। उधर सिसोलर प्रधान विजय शंकर प्रजापति ने बताया ऐसे सभी प्रवासियों को काम दिया गया है। संवाद
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गांवों में पर्याप्त काम न मिलने के कारण अधिकांश मजदूर व कुशल सुपरवाइजर दिल्ली, महाराष्ट्र, गुड़गांव सहित अन्य महानगरों में जाने लगे हैं। लॉकडाउन के कारण कारखाने और कंपनियां बंद हो गईं थी। उस समय मजदूर अपने घरों को वापस आ गए थे। लॉकडाउन खत्म होने पर कारखाने व कंपनियां खुलने लगी हैं। मालिकों ने अपने कर्मचारियों को फोन कर बुलाना शुरू कर दिया है।
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इधर, महोबा डिपो की बस गहरौली से होकर दिल्ली जाने लगी है। जिसमें प्रतिदिन दिल्ली के लिए दर्जनों कामगार वापस जाने लगे हैं। रविवार को दिल्ली जाने वाली बस में गांव से 23 सुपरवाइजर व अन्य मजदूर अपने काम पर लौटे। हालांकि सुरक्षा के लिहाजा से परिचालक ने बस में चढ़ने वाले सभी लोगों को सैनिटाइज किया। जाने वाले मजदूर रामकेश, हरनारायण, विनीत ने बताया गांव में कोई काम धंधा नहीं है। इसलिए कंपनी मालिक के बुलाने पर जा रहे हैं।
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2500 कामगारों के बनाए जॉबकार्ड
मौदहा। विकासखंड के एडीओ बृजमोहन पटेल ने बताया प्रवासी मजदूरों में करीब 2500 के मनरेगा जॉबकार्ड बनाने के साथ उन्हें काम दिया गया है। बताया ब्लाक क्षेत्र में 12303 जॉबकार्ड बने हैं। जिसमें 18082 श्रमिकों को काम पर लगाया गया है। करीब 2600 लोगों को काम न होने की वजह से एक हजार रुपये उनके खातों में भेजे गए हैं। उधर सिसोलर प्रधान विजय शंकर प्रजापति ने बताया ऐसे सभी प्रवासियों को काम दिया गया है। संवाद