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Hamirpur News: दोहरे हत्याकांड मामले में तीन दोषियों को सजा

Wed, 12 Jul 2023 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Wed, 12 Jul 2023 12:29 AM IST
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Three convicted in double murder case
हमीरपुर। गैर इरादतन दोहरे हत्याकांड के 20 साल पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं विशेष सत्र न्यायाधीश पीके जयंत की अदालत ने एक दोषी को उम्रकैद, दूसरे को 10 वर्ष व तीसरे को एक वर्ष की सजा सुनाई है। वहीं 51 हजार का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं चौथे आरोपी की मुकदमा के दौरान मौत हो गई है।
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सुमेरपुर थानाक्षेत्र के देवगांव निवासी पीड़ित राममनोहर खंगार ने दी तहरीर में बताया कि 11 मई 2003 को शाम करीब पांच बजे उसका बेटा राजकुमार दुकान में सामान लेने जा रहा था। तभी पालों के कुआं के पास गांव निवासी जयकरन पाल मिला जो उसके बेटे को गालियां देते हुए कहा कहां जा रहे हो। उसने गालियां देने से मना किया तो उसने उसके बेटे के दो तीन थप्पड़ मार दिए। जिसपर उसने घर आकर अपनी मां भूरी व भाई रामप्रसाद से बताया। जिसपर उसकी पत्नी व भाई एवं उसका चचेरा भाई राम औतार जयकरन के यहां उलाहना देने गए तो देखा कि जयकरन अपने हाथ में अवैध बंदूक लिए था। उसका पिता रामेश्वर हाथ में लाठी व उसका चाचा लल्लू डबल बैरल बंदूक लिए था। जबकि खेमराज विश्वकर्मा हाथ में तमंचा लिए वहीं बैठा था। जब उसकी पत्नी व चचेरे भाई ने जयकरन से कहा कि उसके बेटे को क्याें मारा है। इसकी बात पर विवाद में लल्लू ने बंदूक से फायर झोंक दिया। जिससे उसकी पत्नी के सिर में व भाई रामप्रसाद के पेट में गोली लगी। जबकि उसके चचेरे भाई रामऔतार के दाहिने कान व कंधे में लगी। जिसपर उसकी पत्नी व भाई रामप्रसाद की मौके पर मौत हो गई। जबकि चचेरा भाई बाल-बाल बच गया। सभी आरोपी गाली गलौज करते हुए मौके से फरार हो गए।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ल व राजेश तिवारी ने बताया कि मामले में नौ गवाह पेश हुए हैं। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषी लल्लू को आजीवन कारावास, जयकरन को 10 साल का कारावास व जयकरन के पिता रामेश्वर को एक वर्ष की सजा सुनाई है। जबकि चौथे आरोपी खेमराज विश्वकर्मा की मुकदमा के दौरान मौत हो गई थी। बताया कि दोषी लल्लू को 30 हजार, जयकरन को 20 हजार व रामेश्वर को एक हजार अर्थदंड लगाया है। कहा कि जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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तीसरी बार दोषी लल्लू को मिली उम्रकैद की सजा
दोषी लल्लू पाल को अदालत ने तीसरी बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके पूर्व उसने पूर्व प्रधान रामजीवन पाल की वर्ष 2010 में हत्या कर दी थी। जिसके बाद वर्ष 2012 में उसकी पत्नी प्रधान बन गई। इस मामले में लल्लू को वर्ष 2017 में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं दूसरे हत्या के मामले में दोषी को 25 नवंबर 2022 को जिला जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मामले में दोषी जेल में सजा काट रहा है।

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दोनों पक्षों में चल रही रंजिश
पीड़ित राममनोहर ने बताया कि उसकी किसी से कोई व्यक्तिगत बुराई नहीं थी। बताया कि पूर्व प्रधान रामजीवन पाल ने दोषी लल्लू के भाई की हत्या कर दी थी। जिससे दोनों पक्षों में रंजिश थी। गांव नाते वह दोनों पक्षों के पास उठता बैठता था। जिससे दोषी लल्लू व जयकरन उससे बुराई मानते थे। जिसके चलते उन लोगों ने घटना को अंजाम दिया था।
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