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Hamirpur News: 26 लाख का हिसाब, 19 लाख में हो गया खेल
Tue, 02 Sep 2025 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Tue, 02 Sep 2025 12:34 AM IST
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हमीरपुर। डायग्नोस्टिक सर्विस के लिए मिले 44.91 लाख रुपये के खर्च का मामला भी जांच में फंस गया है। सीएमओ ने जैम पोर्टल से 25.92 लाख रुपये खर्च दिखा दिया। लेकिन 18.98 लाख रुपये का हिसाब नहीं मिल रहा है। खरीदे गए कई सामान ऐसा भी खरीदा गया। जिसका मौजूदा मशीनों में कोई उपयोग नहीं था। इस खरीद में भी लेखाधिकारी व अन्य सदस्यों को शामिल नहीं किया गया है। जांच टीमें फुटकर खर्च का ब्योरा जुटाने में लगी हुईं हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 22 सितंबर 2023 को जिले को डायग्नोस्टिक सर्विस के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 44,91,232 रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इस बजट से डीबीडीएमएस पोर्टल पर उपलब्ध आरसी द्वारा निर्धारित दरों पर सामग्रियों की खरीद की जानी थी। लेकिन सीएमओ डॉ. गीतम सिंह द्वारा 60 फीसदी सामग्री जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय कर लिया गया और 40 प्रतिशत सामग्री डीबीडीएमएस पोर्टल पर उपलब्ध आरसी के आधार पर किया गया।
जांच आख्या में जो सामग्री डीबीडीएमएस पोर्टल के आधार पर क्रय की गई, वह भी स्थापित मशीनों में उपयोग होने वाले रिजेंट (कैमिकल) आदि भिन्न मशीनों के लिए क्रय कर लिया गया। इससे स्थापित मशीनों में इस्तेमाल होने वाले रिजेंट आदि क्रय नहीं किये जा सके। इससे जन सामान्य को शासन द्वारा दी जाने वाली सेवाओं से वंचित रहा और धनराशि का दुरुपयोग सीएमओ द्वारा अपनी चहेती फर्मों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जाना प्रतीत होता है।
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सीएमओ ने नियमों को ताक पर रखकर निविदा के स्थान पर सीधे एल-1 के द्वारा बिना जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन कराए एवं क्रय समिति में वित्त एवं लेखाधिकारी को अनदेखा कर खरीद कर लिया गया। इस धनराशि में जांच टीम को 25,92,580 रुपये खर्च होने की पत्रावलियां मिली हैं, लेकिन शेष धनराशि 18.98 लाख का व्यय किस प्रकार किया गया अथवा नहीं किया गया। इसका कोई उल्लेख पत्रावली में नहीं किया गया है।
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इन फर्मों से की गई खरीद
फर्म - खरीदी गई सामग्री - तिथि - धनराशि (लाख में)
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1- मे. अमन कारपोरेशन लखनऊ - कंज्यूमेबल्स व पैथालॉजी सामग्री -13-02-25 - 858420
2- मे. तमिलनाडु सर्जिकल लखनऊ - उक्त - उक्त - 290000
3- मे. श्री दुर्गा इ.प्रा. लखनऊ - उक्त --- -- - 691980
4- हिमालयन्स ड्रग एंड फार्मास्युटिकल्स - उक्त -13-02-25 - 252250
5- इंडियन ड्रग एंड फार्मास्युटिकल्स - उक्त --- -- -- - 499930
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डायग्नोस्टिक सर्विस की मुख्य सेवाएं
प्रयोगशाला के अंतर्गत इनमें रक्त परीक्षण, मूत्र परीक्षण और अन्य ऊतक परीक्षण शामिल हैं, जो शरीर के अंदर की स्थिति को समझने में मदद करते हैं। एक्स-रे, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन जैसी तकनीक शरीर के अंदरूनी हिस्सों की तस्वीरें बनाती हैं। इससे चोट या बीमारी के कारणों का पता लगाने में मदद मिलती है। कुछ डायग्नोस्टिक सेवाएं स्क्रीनिंग भी करती हैं। किसी बीमारी के लक्षण दिखने से पहले ही उसकी जांच की जाती है। इससे उस बीमारी का जल्द पता लग सके।
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प्रत्येक जांच के लिए अलग-अलग रिजेंट (केमिकल) की आवश्यकता पड़ती है। सभी सीएचसी में पीओसीटी कंपनी की मशीनें लगी हैं। इनमें सीबीसी, लीवर, किडनी, सीआरपी, टायफाइड, हैपेटाटिस-बी, ब्लड शुगर, यूरिन शुगर सहित अन्य जांचें की जाती हैं। रिजेंट की डिमांड लगाने पर सीएमओ स्तर से ही इन्हें उपलब्ध कराया जाता है।
- डॉ. राहुल सचान, एमओआईसी सरीला
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सीएचसी में 10-12 प्रकार की जांचे की जाती हैं। सभी में रिजेंट की आवश्यकता होती है। सीएमओ स्तर से बीते साल में रिजेंट उपलब्ध कराया गया था। ज्यादा जानकारी नहीं है।
- डॉ. रजत रंजन, सीएचसी अधीक्षक मौदहा
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 22 सितंबर 2023 को जिले को डायग्नोस्टिक सर्विस के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 44,91,232 रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इस बजट से डीबीडीएमएस पोर्टल पर उपलब्ध आरसी द्वारा निर्धारित दरों पर सामग्रियों की खरीद की जानी थी। लेकिन सीएमओ डॉ. गीतम सिंह द्वारा 60 फीसदी सामग्री जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय कर लिया गया और 40 प्रतिशत सामग्री डीबीडीएमएस पोर्टल पर उपलब्ध आरसी के आधार पर किया गया।
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जांच आख्या में जो सामग्री डीबीडीएमएस पोर्टल के आधार पर क्रय की गई, वह भी स्थापित मशीनों में उपयोग होने वाले रिजेंट (कैमिकल) आदि भिन्न मशीनों के लिए क्रय कर लिया गया। इससे स्थापित मशीनों में इस्तेमाल होने वाले रिजेंट आदि क्रय नहीं किये जा सके। इससे जन सामान्य को शासन द्वारा दी जाने वाली सेवाओं से वंचित रहा और धनराशि का दुरुपयोग सीएमओ द्वारा अपनी चहेती फर्मों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जाना प्रतीत होता है।
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सीएमओ ने नियमों को ताक पर रखकर निविदा के स्थान पर सीधे एल-1 के द्वारा बिना जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन कराए एवं क्रय समिति में वित्त एवं लेखाधिकारी को अनदेखा कर खरीद कर लिया गया। इस धनराशि में जांच टीम को 25,92,580 रुपये खर्च होने की पत्रावलियां मिली हैं, लेकिन शेष धनराशि 18.98 लाख का व्यय किस प्रकार किया गया अथवा नहीं किया गया। इसका कोई उल्लेख पत्रावली में नहीं किया गया है।
इन फर्मों से की गई खरीद
फर्म - खरीदी गई सामग्री - तिथि - धनराशि (लाख में)
1- मे. अमन कारपोरेशन लखनऊ - कंज्यूमेबल्स व पैथालॉजी सामग्री -13-02-25 - 858420
2- मे. तमिलनाडु सर्जिकल लखनऊ - उक्त - उक्त - 290000
3- मे. श्री दुर्गा इ.प्रा. लखनऊ - उक्त -
4- हिमालयन्स ड्रग एंड फार्मास्युटिकल्स - उक्त -13-02-25 - 252250
5- इंडियन ड्रग एंड फार्मास्युटिकल्स - उक्त -
डायग्नोस्टिक सर्विस की मुख्य सेवाएं
प्रयोगशाला के अंतर्गत इनमें रक्त परीक्षण, मूत्र परीक्षण और अन्य ऊतक परीक्षण शामिल हैं, जो शरीर के अंदर की स्थिति को समझने में मदद करते हैं। एक्स-रे, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन जैसी तकनीक शरीर के अंदरूनी हिस्सों की तस्वीरें बनाती हैं। इससे चोट या बीमारी के कारणों का पता लगाने में मदद मिलती है। कुछ डायग्नोस्टिक सेवाएं स्क्रीनिंग भी करती हैं। किसी बीमारी के लक्षण दिखने से पहले ही उसकी जांच की जाती है। इससे उस बीमारी का जल्द पता लग सके।
प्रत्येक जांच के लिए अलग-अलग रिजेंट (केमिकल) की आवश्यकता पड़ती है। सभी सीएचसी में पीओसीटी कंपनी की मशीनें लगी हैं। इनमें सीबीसी, लीवर, किडनी, सीआरपी, टायफाइड, हैपेटाटिस-बी, ब्लड शुगर, यूरिन शुगर सहित अन्य जांचें की जाती हैं। रिजेंट की डिमांड लगाने पर सीएमओ स्तर से ही इन्हें उपलब्ध कराया जाता है।
- डॉ. राहुल सचान, एमओआईसी सरीला
सीएचसी में 10-12 प्रकार की जांचे की जाती हैं। सभी में रिजेंट की आवश्यकता होती है। सीएमओ स्तर से बीते साल में रिजेंट उपलब्ध कराया गया था। ज्यादा जानकारी नहीं है।
- डॉ. रजत रंजन, सीएचसी अधीक्षक मौदहा