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पात्रों के नाम सत्यापन सूची से हटाने पर भड़के
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:38 AM IST
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मौदहा नगर पालिका में हंगामा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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खाद्य सुरक्षा में पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्डों की सूची के सत्यापन को लेकर नगर पालिका परिषद में जमकर हंगामा हुआ। मनमाने तरीके से पात्रों के नाम काटकर अपात्रों के बढ़ाने पर सत्यापन कर्मी से आक्रोशित महिला पुरुषों ने धक्कामुक्की की। हंगामे के बीच ईओ को पुलिस बुलानी पड़ी। फिर संबंधित कर्मचारी को निलंबित करने के आश्वासन के साथ पुन: जांच के आदेश देने पर मामला शांत हुआ।
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शासन की मंशा के मुताबिक, 70 से 75 प्रतिशत लोगों को पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड बनाने के आवेदन लिए गए थे। इसके लिए कुछ शर्तें भी थीं। लेकिन कुछ लोगों ने अपने आवेदन बड़ी संख्या में कर दिए। जबकि गरीब व्यक्ति पीछे रह गए। नतीजा यह हुआ कि लक्ष्य 80 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया। इससे सत्यापन का कार्य पूरे जनपद में चलाया गया।
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इसमें छह हजार से अधिक डुप्लीकेट नाम काटे गए और बड़ी संख्या में अपात्रों को सूची से हटाया गया। कस्बे में अपात्रों और डुप्लीकेट नामों की जांच के लिए 14 कर्मचारी नगर पालिका परिषद ने लगाए। लेकिन कछुआ गति से चलने वाले सत्यापन कार्य पूरा न होने पर लोगों को अभी तक राशन ही नहीं प्राप्त हुआ है।
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पालिका परिषद के सफाई कर्मी राजेंद्र को कुम्हरौड़ा और हैदरगंज के भुइयारानी मोहल्ले की सूची सत्यापन की जिम्मेदारी है। इस कर्मी के सत्यापन को लेकर शुक्रवार को नगर पालिका में जमकर बवाल हुआ। पालिका के पूर्व सदस्य छोटेलाल प्रजापति ने बताया कि जांच में कर्मी ने मोहल्ले की रामश्री पत्नी बड़ेलाल, मुलिया पत्नी शीतल, रज्जन पत्नी दयाशंकर जैसे दर्जनों पात्र महिलाओं के नाम काट दिए हैं।
इसी तरह भुइयारानी मोहल्ले के पात्रों ने बताया कि सूची से उनके नाम काटे जाने की खबर मिलने वह आए हैं। नगर पालिका में सुबह दस बजे दर्जनों महिला व पुरुष पहुंचे और संबंधित कर्मचारी को ढूंढकर उससे धक्का मुक्की करने लगे। लोगों का आक्रोश देख संबंधित कर्मचारी किसी तरह बचकर भागा।
वहीं पालिका में मौजूद अध्यक्ष प्रतिनिधि बाल्मीकि गोस्वामी ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी तो दो इंस्पेक्टर पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचे। अधिशाषी अधिकारी बीपी यादव भी पहुंच गए। ईओ ने बवाल कर रहे लोगों से सूची निरस्त कर नए तरीके से जांच कराने की बात कही। साथ ही खुद मौजूद रहकर सत्यापन करने का और कर्मी को निलंबित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही यह मामला शांत हो सका। उधर संबंधित कर्मी राजेंद्र का कहना है कि उसके साथ अभद्रता हुई है। वह संबंधित लोगों के विरुद्ध मामला दर्र्ज कराएगा।