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Hamirpur News: रबी की बुआई की तैयारी में लगे किसान, समितियों से नदारद खाद
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हमीरपुर। रबी फसलों की बोआई की तैयारियों के साथ ही किसान खाद की व्यवस्था में जुट गए है। वह अगेती फसलों की समय से बोआई करने के लिए खाद पाने को सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे है। मौजूदा में ज्यादातर समितियों में खाद नहीं है। इससे किसान परेशान हैं। सहकारिता विभाग ने जिले में पर्याप्त खाद होने का दावा कर सत्यापन के बाद इसका वितरण कराने की बात कही है।
पितर पक्ष शुरू होते ही रबी फसलों की बोआई शुरू हो जाती है। इसके चलते जिले में किसान अगेती फसलों लाही सरसों और सब्जी वाली मटर की बुआई को लेकर तैयारियों में जुटे हैं। जहां कुछ किसान खेत तैयार करने में जुटे हैं, वहीं खेत तैयार कर चुके किसान खाद मिलने पर बुआई की तैयारी में है। ऐसे में किसान समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
जिले में 46 साधन सहकारी समितियां हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख किसान सदस्य हैं। ऐसे में किसान पहले से बुआई के लिए खाद एकत्र कर रखने की जुगत भिड़ा रहे है, जबकि विभाग के अनुसार जिले में खाद का कोई संकट नहीं है। मौजूदा में तीन हजार मैट्रिक टन डीएपी, 3200 मैट्रिक टन यूरिया व 36 हजार बाटल नैनो यूरिया की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। जिसे सत्यापन के बाद मंगलवार से सभी समितियों में वितरित कराए जाने की बात कही जा रही है।
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मौदहा के उरदना निवासी युवा किसान विवेक ने बताया कि खेत बोआई के लिए तैयार पड़े हैं। पिछले दो दिनों से खाद के लिए समितियों के चक्कर लगा रहा है। लेकिन समितियों में खाद ही नहीं है। जिससे बोआई लेट हो रही है।
पाटनपुर गांव निवासी किसान आशीष ने बताया कि प्राईवेट दुकानों में मिलावटी व घटिया खाद मिलती है। जो बुआई में कारगर नहीं है। जिसके चलते सहकारी समिति में खाद लेने आया था। लेकिन समिति में खाद ही नहीं है। जिससे सरसों की बुआई पिछड़ रही है।
जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। दो दिन अवकाश होने के चलते सत्यापन नहीं हो सका है। सत्यापन के बाद खाद का वितरण मंगलवार से कराया जाएगा। किसान चिंता न करें सबको खाद उपलब्ध कराई जाएगी। - हरेंद्र सिंह, सहायक निबंधक सहकारिता।
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पितर पक्ष शुरू होते ही रबी फसलों की बोआई शुरू हो जाती है। इसके चलते जिले में किसान अगेती फसलों लाही सरसों और सब्जी वाली मटर की बुआई को लेकर तैयारियों में जुटे हैं। जहां कुछ किसान खेत तैयार करने में जुटे हैं, वहीं खेत तैयार कर चुके किसान खाद मिलने पर बुआई की तैयारी में है। ऐसे में किसान समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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जिले में 46 साधन सहकारी समितियां हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख किसान सदस्य हैं। ऐसे में किसान पहले से बुआई के लिए खाद एकत्र कर रखने की जुगत भिड़ा रहे है, जबकि विभाग के अनुसार जिले में खाद का कोई संकट नहीं है। मौजूदा में तीन हजार मैट्रिक टन डीएपी, 3200 मैट्रिक टन यूरिया व 36 हजार बाटल नैनो यूरिया की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। जिसे सत्यापन के बाद मंगलवार से सभी समितियों में वितरित कराए जाने की बात कही जा रही है।
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मौदहा के उरदना निवासी युवा किसान विवेक ने बताया कि खेत बोआई के लिए तैयार पड़े हैं। पिछले दो दिनों से खाद के लिए समितियों के चक्कर लगा रहा है। लेकिन समितियों में खाद ही नहीं है। जिससे बोआई लेट हो रही है।
पाटनपुर गांव निवासी किसान आशीष ने बताया कि प्राईवेट दुकानों में मिलावटी व घटिया खाद मिलती है। जो बुआई में कारगर नहीं है। जिसके चलते सहकारी समिति में खाद लेने आया था। लेकिन समिति में खाद ही नहीं है। जिससे सरसों की बुआई पिछड़ रही है।
जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। दो दिन अवकाश होने के चलते सत्यापन नहीं हो सका है। सत्यापन के बाद खाद का वितरण मंगलवार से कराया जाएगा। किसान चिंता न करें सबको खाद उपलब्ध कराई जाएगी। - हरेंद्र सिंह, सहायक निबंधक सहकारिता।