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मियाद खत्म, पर फोरलेन निर्माण अभी भी अधूरा
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Fri, 05 Jun 2015 12:44 AM IST
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जनपद मुख्यालय को जालौन से जोड़ने के उद्देश्य से बनाया जा रहा निर्माणाधीन
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फोरलेन गति नहीं पकड़ पा रहा है। निर्माण कार्य की समय सीमा भी समाप्त हो
गई। निमार्णाधीन 22 किमी सड़क को कार्यदाई संस्था ने झलोखर, कुरारा कस्बा व
मुख्यालय के पास दोनों ओर खोदकर छोड़ दिया है। जिससे सड़क पर हमेशा धूल के
गुबार छाए रहते हैं आसपास रहने वाले लोगों और वाहन सवारों को दिक्कत का
सामना करना पड़ रहा है।
जनपद मुख्यालयाें को फोरलेन से जोड़ने का कार्य प्रदेश सरकार ने कराने का निर्णय लिया। जिसके चलते जून 2013 में मुख्यालय आए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हमीरपुर-कालपी मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा की। इस घोषणा के तहत डेढ़ वर्ष के अंदर फोरलेन का निर्माण पूरा होना था। वह मियाद 30 मई को समाप्त हो चुकी है।
कार्यदाई संस्था पीएनसी कंपनी ने झलोखर गांव के निकट प्लांट लगा रखा है। मार्ग निर्माण में काफी समय तक पेड़ काटने को लेकर कंपनी के लोगों को इंतजार करना पड़ा। इसको लेकर पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी के लिए पत्राचार जारी रहा।
निर्माण कार्य में हो रही देरी को देखते कंपनी ने पेड़ों को छोड़ सड़क की दोनों साइडों पर काम तेज कर दिया। इधर एनओसी मिलते ही वन विभाग ने पेड़ाें को कटाने का काम शुरू किया।
तब कहीं जाकर पीएनसी ने निर्माण कार्य में कुछ तेजी दिखाई। इधर मुख्यालय सेवन विभाग तक दो किमी, झलोखर गांव के अंदर आधा किमी व कुरारा कस्बे में करीब दो किमी सड़क के दोनों ओर कंपनी ने खुदाई कर ली है।
खोदे गए इस मार्ग से गुजरना किसी आफत से कम नहीं है। मार्ग पर अगर जरा से संभलकर नहीं निकले तो दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। सड़क में पानी न डाले जाने से धूल का गुबार उड़ता रहता है।
जिससे मार्ग में चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुरारा कसबे मेंसड़क चौड़ीकरण में की जा रही खुदाई से पेयजल पाइप लाइनें आए दिन टूट जाती हैं जिससे लोगों में नाराजगी है।
पीएनसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके जैन ने कहा कि फोरलेन 15 मई 2015 तक पूरा कर लिया जाना था। लेकिन एनओसी देर से मिली है। समय से काम पूरा नहीं हो सका।
हालांकि इधर काम में रुकावट बेमौसम बरसात से भी हुई। जिसकारण भी कार्य समय से पूरा नहीं किया जा सका। फोरलेन पर पड़ने वाली 18 पुलियों का काम पूरा कर लिया गया हैं। इसके अलावा 90 फीसद काम भी पूरा हो गया हैै। अगर मौसम ने साथ दिया तो एक माह के भीतर कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
जनपद मुख्यालयाें को फोरलेन से जोड़ने का कार्य प्रदेश सरकार ने कराने का निर्णय लिया। जिसके चलते जून 2013 में मुख्यालय आए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हमीरपुर-कालपी मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा की। इस घोषणा के तहत डेढ़ वर्ष के अंदर फोरलेन का निर्माण पूरा होना था। वह मियाद 30 मई को समाप्त हो चुकी है।
कार्यदाई संस्था पीएनसी कंपनी ने झलोखर गांव के निकट प्लांट लगा रखा है। मार्ग निर्माण में काफी समय तक पेड़ काटने को लेकर कंपनी के लोगों को इंतजार करना पड़ा। इसको लेकर पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी के लिए पत्राचार जारी रहा।
निर्माण कार्य में हो रही देरी को देखते कंपनी ने पेड़ों को छोड़ सड़क की दोनों साइडों पर काम तेज कर दिया। इधर एनओसी मिलते ही वन विभाग ने पेड़ाें को कटाने का काम शुरू किया।
तब कहीं जाकर पीएनसी ने निर्माण कार्य में कुछ तेजी दिखाई। इधर मुख्यालय सेवन विभाग तक दो किमी, झलोखर गांव के अंदर आधा किमी व कुरारा कस्बे में करीब दो किमी सड़क के दोनों ओर कंपनी ने खुदाई कर ली है।
खोदे गए इस मार्ग से गुजरना किसी आफत से कम नहीं है। मार्ग पर अगर जरा से संभलकर नहीं निकले तो दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। सड़क में पानी न डाले जाने से धूल का गुबार उड़ता रहता है।
जिससे मार्ग में चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुरारा कसबे मेंसड़क चौड़ीकरण में की जा रही खुदाई से पेयजल पाइप लाइनें आए दिन टूट जाती हैं जिससे लोगों में नाराजगी है।
पीएनसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके जैन ने कहा कि फोरलेन 15 मई 2015 तक पूरा कर लिया जाना था। लेकिन एनओसी देर से मिली है। समय से काम पूरा नहीं हो सका।
हालांकि इधर काम में रुकावट बेमौसम बरसात से भी हुई। जिसकारण भी कार्य समय से पूरा नहीं किया जा सका। फोरलेन पर पड़ने वाली 18 पुलियों का काम पूरा कर लिया गया हैं। इसके अलावा 90 फीसद काम भी पूरा हो गया हैै। अगर मौसम ने साथ दिया तो एक माह के भीतर कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।