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अन्ना मवेशी व बनगायू से किसान परेशान
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पौथिया। किसानों के लिए अन्ना मवेशी मुसीबत बने हैं। वहीं, प्रशासन ढिंढोरा पीट रहा है कि हर गांव में गोशाला बनी हैं। उनमें अन्ना मवेशी बंद किए जा रहे हैं।
खरीफ की फसल अधिक वर्षा और बेतवा नदी की बाढ़ से बर्बाद हो चुकी है। वहीं, अन्ना जानवरों के कारण किसान बची फसलें बचाने को परेशान हैं। कीरतपुर गांव के किसान रामबाबू यादव, रामबरन यादव ने बताया कि क्षेत्र में अन्ना मवेशी के साथ 300 से ज्यादा वन गायें खेत में डेरा जमाए हैं। बताया कि हरे व खड़ी फसलों में मवेशियों का झुंड खेत में घुसकर फसलों को चट कर देते हैं। कहा कि किसान खेतों में कटीले तार लगाए हैं।
फिर भी भूख के कारण मवेशी अपने शरीर को चीरते हुए खेतों में घुसकर फसल चट करने में कसर नहीं छोड़ते। किसानों का कहना है कि वह अन्ना पशु से इतना परेशान नहीं जितना वन गायों से हैं। किसानों ने इन्हें बंद कराए जाने की मांग डीएम से की है। ब्यूरो
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खरीफ की फसल अधिक वर्षा और बेतवा नदी की बाढ़ से बर्बाद हो चुकी है। वहीं, अन्ना जानवरों के कारण किसान बची फसलें बचाने को परेशान हैं। कीरतपुर गांव के किसान रामबाबू यादव, रामबरन यादव ने बताया कि क्षेत्र में अन्ना मवेशी के साथ 300 से ज्यादा वन गायें खेत में डेरा जमाए हैं। बताया कि हरे व खड़ी फसलों में मवेशियों का झुंड खेत में घुसकर फसलों को चट कर देते हैं। कहा कि किसान खेतों में कटीले तार लगाए हैं।
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फिर भी भूख के कारण मवेशी अपने शरीर को चीरते हुए खेतों में घुसकर फसल चट करने में कसर नहीं छोड़ते। किसानों का कहना है कि वह अन्ना पशु से इतना परेशान नहीं जितना वन गायों से हैं। किसानों ने इन्हें बंद कराए जाने की मांग डीएम से की है। ब्यूरो
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