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Hamirpur News: महिला जज से छेड़खानी के दोषी अधिवक्ता को चार वर्ष का कारावास
Wed, 12 Jul 2023 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Wed, 12 Jul 2023 12:39 AM IST
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हमीरपुर। जिले में तैनात रहीं एक महिला जज से छेड़छाड़ के दोषी अधिवक्ता को अदालत ने चार वर्ष का कारावास व साढ़े चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। फैसला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसला सुनाया।
वादी पक्ष के अधिवक्ता प्राणेश सिंह व अभियोजन अधिकारी पवन बाजपेयी ने बताया कि जिले में तैनात रही एक महिला जज ने 19 अगस्त 2022 को सदर कोतवाली में अधिवक्ता मोहम्मद हारून के खिलाफ छेड़खानी, भद्दे इशारे करने व पीछा करने का मुकदमा दर्ज कराया। पीड़िता ने बताया कि मोहम्मद हारून ने 18 से 24 जुलाई 2022 तक न्यायालय कक्ष से निकलने के दौरान दो बार अभद्रता की। वहीं कोर्ट में घंटों बैठकर परेशान करता रह। 25 जुलाई की शाम यमुना पाथ-वे पर टहलने के दौरान उसने अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
बताया कि चेतावनी के बाद भी वह मिलने पर गलत इशारे करता और उनका पीछा करता साथ ही उनसे संपर्क करने की कोशिश करता रहा। मामले में पुलिस ने छेड़खानी, भद्दे इशारे करने, पीछा करने व लज्जा का अनादर करने को अपशब्द बोलने का मुकदमा दर्ज किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए सिविल जज जूनियर डिवीजन आयुषी चतुर्वेदी ने उक्त सभी आरोपों में मोहम्मद हारून को दोषी माना। लेकिन तीन वर्ष अधिक सजा होने के कारण धारा 325 के तहत पत्रावली सीजेएम को भेज दी। जिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार शासन ने दोषी को चार वर्ष का कारावास व साढ़े चार हजार रुपये का जुर्माना सुनाया।
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वादी पक्ष के अधिवक्ता प्राणेश सिंह व अभियोजन अधिकारी पवन बाजपेयी ने बताया कि जिले में तैनात रही एक महिला जज ने 19 अगस्त 2022 को सदर कोतवाली में अधिवक्ता मोहम्मद हारून के खिलाफ छेड़खानी, भद्दे इशारे करने व पीछा करने का मुकदमा दर्ज कराया। पीड़िता ने बताया कि मोहम्मद हारून ने 18 से 24 जुलाई 2022 तक न्यायालय कक्ष से निकलने के दौरान दो बार अभद्रता की। वहीं कोर्ट में घंटों बैठकर परेशान करता रह। 25 जुलाई की शाम यमुना पाथ-वे पर टहलने के दौरान उसने अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
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बताया कि चेतावनी के बाद भी वह मिलने पर गलत इशारे करता और उनका पीछा करता साथ ही उनसे संपर्क करने की कोशिश करता रहा। मामले में पुलिस ने छेड़खानी, भद्दे इशारे करने, पीछा करने व लज्जा का अनादर करने को अपशब्द बोलने का मुकदमा दर्ज किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए सिविल जज जूनियर डिवीजन आयुषी चतुर्वेदी ने उक्त सभी आरोपों में मोहम्मद हारून को दोषी माना। लेकिन तीन वर्ष अधिक सजा होने के कारण धारा 325 के तहत पत्रावली सीजेएम को भेज दी। जिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार शासन ने दोषी को चार वर्ष का कारावास व साढ़े चार हजार रुपये का जुर्माना सुनाया।
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