कसाब को इससे भी क्रूर सजा दी जाए

Hamirpur Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। 9 सितंबर 2010 को मुंबई हमले में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब को बुधवार को सुबह फांसी पर लटका दिया गया। कसाब की फांसी को लेकर अलग-अलग धर्म व वर्ग के लोगों ने प्रतिक्रियाएं व्यक्त की लेकिन सबकी मंशा यही रही कि ऐसे आतंकवादियों को अगर इससे भी क्रूर कोई सजा हो वह देनी चाहिए। सजा देने में इतनी देर नहीं होनी चाहिए। इस हमले में जहां मुंबई पुलिस के अधिकारी व जवान शहीद हुए वहीं जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए नौ आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। वहीं आतंकवादी अजमल कसाब को बहादुर जवानों ने गिरफ्तार कर लिया। अजमल कसाब की गिरफ्तारी के बाद निचली अदालत से लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने फांसी की सजा को बरकरार रखा। फांसी से बचने के लिए कसाब ने राष्ट्रपति से भी फरियाद लगाई। लेकिन राष्ट्रपति ने उसकी फरियाद को खारिज कर दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने गोपनीय ढंग से अजमल कसाब की फांसी की तिथि घोषित की और बुधवार को सुबह सात बजकर 36 मिनट पर फांसी पर लटका दिया गया। इसके बाद केंद्र सरकार के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने प्रेसवार्ता कर फांसी दिए जाने की पुष्टि की।
देर से हुआ फै सला
आयुष के जिला प्रभारी डा.इमाद ने अजमल कसाब को फांसी पर लटकाए जाने को बड़े देर का फैसला बताया। कहा कि देश पर हमला करने वाले ऐसे आतंकवादियों को तत्काल फांसी देनी चाहिए। कहा कि आतंकवादी की कोई जाति धर्म नहीं होती है।
अफजल गुरु को भी दी जाए फांसी
युगचेतना महाविद्यालय के प्रबंधक स्वामी नित्यानंद महाराज ने कहा कि देश पर हमला करने वाले आतंकवादी को इतने दिनों तक मेहमान बना कर रखा गया, यह गलत है। कहा कि अदालत के फैसले पर सरकार का यह कदम फिलहाल सराहनीय है। फिर भी अभी अधूरापन महसूस कर रहे है संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरु की फांसी पर शीघ्र लटकाया जाए।
देश पर हमला करने वालों को माफ न करें
मुख्यालय निवासी प्रवेंद्र कुमार कटारे उर्फ सोनूू का मानना है कि अपराधी को हरहाल में समय पर सजा मिलनी चाहिए। खासकर देश पर हमला करने वाले किसी भी आतंकवादी को माफ नहीं करना चाहिए। अजमल कसाब को फांसी पर लटकाए जाने से मुंबई में शहीद हुए जवानों के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है।
देर आए दुरुस्त आए
राहुल शुक्ला ने कहना है कि अजमल कसाब की सुरक्षा पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए लेकिन देर ही सही सरकार ने उचित फैसला लेकर यह साबित कर दिया कि देर आए दुरुस्त आए। साथ ही कहा कि पड़ोसी देश क ो यह संदेश दिया कि भारत पर हमला करने वाले का यही अंजाम होगा।
आतंकी का कोई जाति, धर्म नहीं
मोहम्मद इकबाल का कहना है कि कोई भी धर्म किसी बेगुनाह की हत्या की इजाजत नहीं देता है। आतंकवादी का कोई जाति धर्म नहीं है। जो भी निरीह लोगों की मौत का दोषी है उसे किसी भी हालत में बक्शा नहीं जाना चाहिए। कहा कि कसाब को फांसी पर लटका देर से सही सराहनीय कदम है।

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