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जहां जरूरत होगी, सरकार फेरबदल करेगी: अखिलेश
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2013 07:20 PM IST
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि फेरबदल फायदेमंद होता है इसलिए जहां जरूरत है उनकी सरकार फेरबदल करेगी। प्रशासनिक स्तर पर अफसरों में फेरबदल और कार्रवाई होती ही रहती है।
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उनका कहना है कि सरकार की कोशिश यही है कि पार्टी के फैसले जमीन तक पहुंचे। इसके लिए जहां और जिस स्तर पर बदलाव की जरूरत होगी, किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लैपटॉप तेजी से बांटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और लैपटॉप आपूर्ति करने वाली कंपनियों का भुगतान भी होगा।
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बाढ़ पर सरकार निगरानी रखे हुए है और राहत के लिए जहां जितनी धनराशि की जरूरत होगी, मुहैया कराई जाएगी।
मंगलवार को सचिवालय एनेक्सी में उत्तराखंड के आपदा पीड़ितों के लिए दानदाताओं से चेक प्राप्त करने के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में अखिलेश ने ये बातें कहीं।
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बाढ़ के संबंध में पूछे गए सवाल पर आमतौर पर प्रदेश में बाढ़ बाद में आती थी लेकिन इस बार पहले आ गई। गोंडा, बस्ती, संतकबीरनगर, बहराइच आदि ज्यादा प्रभावित हैं। कई जगह बांध टूट गए हैं।
प्रशासन को बचाव के लिए हर संभव उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार और प्रशासनिक तंत्र बाढ़ की निगरानी कर रहा है। सभी को हिदायत दी गई है कि बाढ़ से किसी तरह की जनहानि न होने पाए। बाढ़ से बचाव और राहत के लिए सरकार जरूरत भर धनराशि उपलब्ध कराएगी।
उत्तराखंड पीड़ितों को मुआवजा
उत्तराखंड में आई आपदा से प्रभावित प्रदेश के लोगों को मुआवजा देने के संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी सारी जानकारी एकत्र कराई जा रही है। पीड़ितों के परिवार वालों से भी संपर्क करके जानकारी ली जा रही है।
सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद इस बारे में कोई निर्णय किया जाएगा। मिश्र में अगवा किए गए जहाज में मौजूद यूपी के भी दो लोगों को छुड़ाने के संबंध में सरकार के स्तर से की जाने वाली पहल के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को जानकारी देकर इन्हें जल्द छुड़ाने का प्रयास किया जाएगा।
संविधान से इतर बनाए गए प्रकोष्ठ भंग
समाजवार्टी पार्टी के कई प्रकोष्ठों को भंग किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का फैसला है। जो प्रकोष्ठ पार्टी संविधान के अनुरूप नहीं गठित थे उन्हें तो रोकना ही पड़ेगा। इससे नुकसान हो रहा था।
उन्होंने कहा कि जब कोई फर्जी आईएएस बनकर पंचम तल (मुख्यमंत्री कार्यालय) तक पहुंच सकता है तो पार्टी के नाम पर भी नाजायज काम कर सकता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए संविधान से हटकर बनाए गए प्रकोष्ठों को भंग किया गया है।
आरक्षण का मामला कोर्ट में
इलाहाबाद में आरक्षण के मुद्दे पर हुए बवाल के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि चूंकि यह मामला अभी कोर्ट में इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
कोर्ट के फैसले का सम्मान
जातिगत सम्मेलनों पर हाईकोर्ट कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपना जवाब देंगे। कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे। समाज के सभी वर्गों में जागरूकता पैदा हो इसलिए सभी दल इस तरह के सम्मेलन कर रहे हैं।
दो साल की सजा पाने वालों के चुनाव लड़ने पर रोक संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी उन्होंने कोर्ट का सम्मान करने की बात कही। शिक्षा विभाग में दोहरा चार्ज संभाल रहे वासुदेव यादव पर हाईकोर्ट की टिप्पणी के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार कोर्ट का फैसला देखेगी।