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स्वास्थ्य केंद्र के बाहर घंटों तड़पी गर्भवती, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:56 AM IST
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प्रसूता की मौत होने पर बिलखते घर वाले।
- फोटो : Amar Ujala
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उरुवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर समय से इलाज न मिलने पर मंगलवार को प्रसूता की जान चली गई। घरवाले मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन उपचार की जगह सिर्फ एक कंबल मिला। उनका कहना है कि समय पर इलाज न मिलने पर महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। मौत के बाद भड़के घरवालों ने जमकर हंगामा मचाया। वे अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सिकरीगंज के विनय गुप्ता की 20 वर्षीय पत्नी कंचन गुप्ता को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार रात करीब 11:30 बजे घरवाले पीएचसी लेकर पहुंचे। घरवालों के मुताबिक जच्चा-बच्चा केंद्र में ताला लगा था और अंदर कुछ दाई ही मौजूद थीं। काफी कहने पर एक दाई आईं और कंबल देकर चली गईं। करीब तीन घंटे तक गर्भवती कड़ाके की ठंड में चबूतरे पर कराहती रही। घरवालों को जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो उन्होंने एक रिश्तेदार को फोन किया, जिनकी मदद से घर वाले कंचन को धुरियापार के एक निजी नर्सिंग होम ले गए।
काफी दबाव के बाद उन्हें नर्सिंग होम में भर्ती किया गया, जहां सुबह उन्होंने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद डॉक्टर ने केस रेफर कर दिया। घर वाले प्रसूता को लेकर दोबारा उरुवा स्वास्थ्य केंद्र जा रहे थे, मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके सिंह का कहना है कि मरीज के अस्पताल आने की सूचना मुझे रात में नहीं मिली। यदि स्टाफ ने कोई लापरवाही की है तो जांच कराई जाएगी।
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सिकरीगंज के विनय गुप्ता की 20 वर्षीय पत्नी कंचन गुप्ता को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार रात करीब 11:30 बजे घरवाले पीएचसी लेकर पहुंचे। घरवालों के मुताबिक जच्चा-बच्चा केंद्र में ताला लगा था और अंदर कुछ दाई ही मौजूद थीं। काफी कहने पर एक दाई आईं और कंबल देकर चली गईं। करीब तीन घंटे तक गर्भवती कड़ाके की ठंड में चबूतरे पर कराहती रही। घरवालों को जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो उन्होंने एक रिश्तेदार को फोन किया, जिनकी मदद से घर वाले कंचन को धुरियापार के एक निजी नर्सिंग होम ले गए।
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काफी दबाव के बाद उन्हें नर्सिंग होम में भर्ती किया गया, जहां सुबह उन्होंने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद डॉक्टर ने केस रेफर कर दिया। घर वाले प्रसूता को लेकर दोबारा उरुवा स्वास्थ्य केंद्र जा रहे थे, मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके सिंह का कहना है कि मरीज के अस्पताल आने की सूचना मुझे रात में नहीं मिली। यदि स्टाफ ने कोई लापरवाही की है तो जांच कराई जाएगी।
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