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पैदा हुआ लड़का दे दी लड़की
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Wed, 31 Aug 2016 07:50 PM IST
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महिला अस्पताल से बच्चा बदलने की शिकायत सीएमओ से करती महिला।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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जिला महिला अस्पताल में एक बार फिर बच्चा बदलने का मामला सामने आया है। एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसकी बेटी को बेटा पैदा हुआ था, मगर थोड़ी ही देर बाद उसे एक बेटी गोद में दी गई। वह एक महीने से कार्रवाई की मांग कर रही है। मगर कोई कार्रवाई न होने पर बुधवार को वह सांसद आदित्यनाथ से मिली। उनके हस्तक्षेप पर सीएमओ ने जांच का आदेश दिया है और आश्वासन भी दिया है कि जरूरत पड़ी तो डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
पिपरौली ब्लॉक के बनौड़ा गांव की श्यामा सिंह ने बताया कि महिला अस्पताल में उनकी बेटी ज्योति को बीते 29 जुलाई को आपरेशन से बच्चा पैदा हुआ था। बच्चा होने के बाद मुझे अंदर बुलाया गया और बेटे को दिखाया गया। इसके बाद मुझे बाहर से साबुन, तौलिया लाने को कहा गया। मैं सामान लेकर लौटी तो बाहर ही रुक गई। थोड़ी देर बाद मेरी गोद में एक बच्ची दी गई। मैंने उसी समय बच्चा बदले जाने का सवाल पूछा तो सभी कर्मचारी और डॉक्टरों ने मुझे घेर लिया। मैंने भी सोचा पहले किसी तरह से बेटी की जान बचा ली जाए, फिर बात करेंगे। डिस्चार्ज होने के बाद मैं शिकायत लेकर एसआईसी के पास पहुंची, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बुधवार को वह शिकायत लेकर सदर सांसद के पास पहुंची, जिसके बाद उन्होंने सीएमओ से फोन पर बात की। सांसद के फोन के बाद सीएमओ के पास महिला पहुंची और लिखित शिकायत की है।
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महिला ने शिकायत की है। गंभीर मामला है, इसके जांच का आदेश दे दिया गया है। जरूरत पड़ी तो डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ
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पिपरौली ब्लॉक के बनौड़ा गांव की श्यामा सिंह ने बताया कि महिला अस्पताल में उनकी बेटी ज्योति को बीते 29 जुलाई को आपरेशन से बच्चा पैदा हुआ था। बच्चा होने के बाद मुझे अंदर बुलाया गया और बेटे को दिखाया गया। इसके बाद मुझे बाहर से साबुन, तौलिया लाने को कहा गया। मैं सामान लेकर लौटी तो बाहर ही रुक गई। थोड़ी देर बाद मेरी गोद में एक बच्ची दी गई। मैंने उसी समय बच्चा बदले जाने का सवाल पूछा तो सभी कर्मचारी और डॉक्टरों ने मुझे घेर लिया। मैंने भी सोचा पहले किसी तरह से बेटी की जान बचा ली जाए, फिर बात करेंगे। डिस्चार्ज होने के बाद मैं शिकायत लेकर एसआईसी के पास पहुंची, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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बुधवार को वह शिकायत लेकर सदर सांसद के पास पहुंची, जिसके बाद उन्होंने सीएमओ से फोन पर बात की। सांसद के फोन के बाद सीएमओ के पास महिला पहुंची और लिखित शिकायत की है।
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महिला ने शिकायत की है। गंभीर मामला है, इसके जांच का आदेश दे दिया गया है। जरूरत पड़ी तो डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ