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उरुवां ब्लाक का डीएम ने रोका चुनाव परिणाम
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:54 AM IST
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उरुवां ब्लाक के प्रमुख का चुनाव परिणाम जिलाधिकारी ने रविवार को रोक दिया। दुर्गावती देवी की शिकायत पर उन्होंने एडीएम प्रशासन से जांच करा कर रिपोर्ट आयोग को भेज दी। इस ब्लाक के रिटर्निंग अधिकारी ने सपा जिलाध्यक्ष के भाई की पत्नी तस्लीम फातिमा को निर्विरोध घोषित कर दिया था, जिसकी शिकायत प्रेक्षक और डीएम से की गई थी। दुर्गावती देवी का कहना था कि वह ब्लाक पर गई ही नहीं तो उनका पर्चा कैसे वापस हो गया।
शनिवार को ब्लाक प्रमुख चुनाव में नाम वापसी थी। उरुवा ब्लाक से दुर्गावती देवी सहित कुल चार महिलाओं ने नामांकन किया था। पर्चा वापसी का समय बीतने के बाद उनके चुनाव संचालक जब प्रत्याशियों की स्थिति जानने के लिए रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनके प्रत्याशी सहित कुल तीन लोगों ने पर्चा वापस ले लिया। यह सुन उनके होश उड़ गए। इसके बाद दुर्गावती देवी समर्थकों सहित प्रेक्षक से मिलने सर्किट हाउस पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। प्रेक्षक ने जिलाधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने को कहा। उनका फैक्स मिलने के बाद डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच सौंप कर और रिपोर्ट मांगी। एडीएम की जांच रिपोर्ट डीएम को दी जिसे निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया। इधर डीएम ने तत्काल प्रभाव से वहां का परिणाम रोक दिया। कहा कि आयोग जो निर्देश देगा उसके अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पूरे जिले में उरुवा की घटना दिन भर चर्चा के केंद्र में रही। इसे तमाम विपक्ष के नेता सत्ता की अंधरेगर्दी करार देते रहे। नाम न छापने के शर्त पर कई सपा नेताओं ने पार्टी के लिए आत्मघाती कदम करार दिया। कहा कि जिलाध्यक्ष ने सत्ता के हनक के बल पर ऐसा कार्य किया है जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
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शनिवार को ब्लाक प्रमुख चुनाव में नाम वापसी थी। उरुवा ब्लाक से दुर्गावती देवी सहित कुल चार महिलाओं ने नामांकन किया था। पर्चा वापसी का समय बीतने के बाद उनके चुनाव संचालक जब प्रत्याशियों की स्थिति जानने के लिए रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनके प्रत्याशी सहित कुल तीन लोगों ने पर्चा वापस ले लिया। यह सुन उनके होश उड़ गए। इसके बाद दुर्गावती देवी समर्थकों सहित प्रेक्षक से मिलने सर्किट हाउस पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। प्रेक्षक ने जिलाधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने को कहा। उनका फैक्स मिलने के बाद डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच सौंप कर और रिपोर्ट मांगी। एडीएम की जांच रिपोर्ट डीएम को दी जिसे निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया। इधर डीएम ने तत्काल प्रभाव से वहां का परिणाम रोक दिया। कहा कि आयोग जो निर्देश देगा उसके अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, पूरे जिले में उरुवा की घटना दिन भर चर्चा के केंद्र में रही। इसे तमाम विपक्ष के नेता सत्ता की अंधरेगर्दी करार देते रहे। नाम न छापने के शर्त पर कई सपा नेताओं ने पार्टी के लिए आत्मघाती कदम करार दिया। कहा कि जिलाध्यक्ष ने सत्ता के हनक के बल पर ऐसा कार्य किया है जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
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