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उदयभान के परिवार के लिए चारों तरफ से बढ़े मदद के हाथ
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उदयभान के परिवार के लिए चारों तरफ से बढ़े मदद के हाथ
गोरखपुर। सड़क दुर्घटना में परिवार के मुखिया उदयभान की मौत से गगहा का जो परिवार बृहस्पतिवार तक सदमे और अंधकारमय भविष्य की आशंका में डूब गया था, शुक्रवार का सूरज उसके लिए तमाम खुशियां और उम्मीदें लेकर आया। अमर उजाला में इस परिवार की दर्दनाक दास्तां पढ़कर घर के चूल्हे की गारंटी से लेकर बच्चों की पढ़ाई, इलाज और बेहतर भविष्य के लिए कुछ भी करने तैयार लोगों के प्रस्तावों का सैलाब-सा आ गया। अमर उजाला इन महादानियों और उदयभान के परिवार के बीच सेतु बनकर कोशिश करेगा कि ज्यादा से ज्यादा मदद जरूरतमंद परिवार तक सीधे पहुंच सके।
करोड़ों जनधन खाते खुलवाने का दावा करने वाली सरकार के लिए यह सूचना अहम होगी कि इस गरीब परिवार के मुखिया के पास अपना एक बैंक एकाउंट तक नहीं था। प्रशासन और सरकार के लिए यह संदेश भी है कि सामाजिक सुरक्षा की तमाम योजनाएं लाने के बावजूद यह अब तक आम आदमी तक नहीं पहुंच सकी हैं। खैर, सरकार न सही, हमारा सामाजिक ताना-बाना अब भी इतना संवेदनशील और मजबूत हैं कि किसी के दुख की खबर लगते ही हम उनकी मदद के लिए तत्पर हो उठते हैं। शुक्रवार को गोरखपुर और आस-पास के तमाम बाशिंदों ने कुछ ऐसी ही संवेदनशीलता का परिचय दिया। चार दिन पहले एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले उदयभान चौधरी को न जानने वाले तमाम लोग खबर लगते ही दुखों से लड़ रहे उनके परिवार की मदद के लिए शुक्रवार को खड़े हो गए। गोरखपुर के साथ ही संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर और अमरोहा तक से लोगों ने पीड़ित परिवार के मदद का वादा कि या।
किसी ने घर का चूल्हा हमेशा जलता रहे, इसकी गारंटी ली तो किसी ने बच्चों की नि:शुल्क पढ़ाई कराने को तो कोई उदयभान की चौथी बेटी मानवी के इलाज का जिम्मा उठाने को तैयार है। नेपाल घूमने के बाद शुक्रवार को वापस अपने जिले अमरोहा लौट रहे मनोज चौधरी ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर के जरिए उदयभान के घर की पीड़ा से रूबरू होकर आर्थिक मदद का आश्वास दिया। साथ ही यह भी आश्वस्त किया कि वे अमरोहा में अपने और जानने वालों को भी मदद के लिए प्रेरित करेंगे। तो वहीं पुणे से अपने गांव उरूवां आए श्रीकांत यादव ने पीड़ित परिवार के रहने और खेती करने के लिए अपनी जमीन ही उनके नाम करने का आश्वासन दिया।
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बशारतपुर के एसएन पाठक ने तो पूरे परिवार को ही एक तरह से गोद लेने की बात कही है। उनका कहना है कि वे उदयभान की दोनों बड़ी बेटियों प्रियंका और रिया की शहर के किसी प्रतिष्ठित नर्सिंग होम में नौकरी दिलाने के साथ ही पूरे परिवार के रहने की व्यवस्था और बाकी बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाएंगे। चौथी बेटी मानवी के इलाज का भी वह खर्च उठाने को तैयार हैं।
कोई वेतन, तो कोई अपनी बचत से करेगा आर्थिक मदद
आरपीएफ आईजी ऑफिस में कांस्टेबल पद पर तैनात रामाशीष यादव अपने एक दिन का वेतन देंगे तो छोटे काजीपुर के वृंदालाल श्रीवास्तव ने एक हजार रुपये और 20 किलो आटा तो वहीं अंधियारी बाग के सूर्यकांत साहनी आर्थिक मदद के साथ ही राशन भी देंगे। रसूलपुर, धुरियापार के अरुण पाठक और उनके मित्रों का ग्रुप मिलकर मदद करेगा। वहीं बस्ती के बाबू लाल, गोरखपुर के रिजवी, हसनगंज मिर्जापुर के व्यापारी शैलेष कुमार गुप्ता, जेलरोड के रिटायर्ड इंजीनियर हर्ष, सहजनवां के निरंजन पांडेय, जैतपुर के भरत, खोराबार के ऋषि कुमार, बिस्टौली बुजुर्ग के उदयभान त्रिपाठी, डड़िया, गोला के राम प्रवेश विश्वकर्मा, शहर के कोतवाली रोड के विनय चौधरी, रानीडीहा के राजेश गुप्ता,कैंपियरगंज के सुनील राज गौतम, पीपीगंज के अशोक कुमार वर्मा, चौरीचौरा के प्राइमरी स्कूल में तैनात अशोक कुमार यादव ने अपने सामर्थ्य के मुताबिक आर्थिक मदद करने तो कुशीनगर के मूल निवासी व शाहपुर में रह रहे अशोक कुमार ने अपनी बचत की रकम में से पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद करने की पेशकश की है।
महिलाएं छुड़ाएंगी रेहन की जमीन
बेटी मानवी के इलाज के लिए उदयभान के परिवार को अपनी जो 20 डिसमिल जमीन रेहन पर रखनी पड़ी थी उसे छुड़ाने में इस्माइलपुर की नम्रता गौड़, गोरखपुर की सोनम और नौसड़ की अन्नू उपाध्याय ने मदद का प्रस्ताव दिया है।
ये उठाएंगे बच्चों को पढ़ाई का खर्च
चौरीचौरा के रामकिंकर सिंह राधा कृष्ण बासमती देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक है। उनका कहना है कि वे उदयभान के इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले सभी बेटे-बेटियों को अपने कॉलेज में मुफ्त शिक्षा देंगे। मगहर, संतकबीरनगर के जगदीश गुप्ता ने 11वीं में पहुंचे बेटे और बेटी का पूरा खर्च उठाने का वादा किया तो वहीं मछली गांव कैंपियरगंज के सत्येंद्र पाठक ने सभी बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने की इच्छा जताई।
मानवी का कराएंगे इलाज
अहिरौली बड़हलगंज के अरुण कुमार दूबे ने बड़हलगंज के किसी भी अस्पताल में उदयभान की बेटी मानवी के पैर का इलाज कराने का प्रस्ताव रखा है। वहीं बड़हलगंज के ही डॉ सुशील ने इलाज और उसका पूरा खर्च उठाने की पेशकश की है।
सीडीओ के पहल पर पीड़ित परिवार को 11 हजार रुपये मदद
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सीडीओ अनुज सिंह की पहल पर शुक्रवार को प्रशासन और विकास से जुड़े अफसर भी मृतक उदयभान के पीड़ित परिवार की मदद को आगे आए। गगहा के बीडीओ सुनील कौशल और एडीओ पंचायत संजय पांडेय समेत ब्लाक के अफसर, कर्मचारी गजपुर स्थित पीड़ित के घर बिंदु और उनकी संतानों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और उन्हें 11 हजार रुपये की आर्थिक मदद के साथ ही उनका राशन कार्ड बनवाया। बीडीओ ने कोटेदार को तत्काल घर पर राशन पहुंचाने के साथ ही प्रधान और गांव के संपन्न लोगों से उदयभान के ब्रह्मभोज में आने वाला खर्च उठाने में सहयोग करने को कहा।
सीडीओ अनुज सिंह ने बताया कि दुख की इस घड़ी में प्रशासन बिंदु और उनकी संतानों के साथ है। उन्होंने बताया कि एसडीएम बांसगांव को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत परिवार को मदद दिलाने के साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजना पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद दिलाने का भी प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं सीडीओ के निर्देश पर डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंंह भदौरिया ने पीड़ित परिवार के बच्चों की मंशा जानने के बाद गांव के ही पास विश्वनाथ चौरसिया इंटर कॉलेज में उनका प्रवेश कराने और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। शनिवार की सुबह 10 बजे सभी बच्चों को प्रवेश के लिए विद्यालय बुलाया गया है। इस संबंध में बांसगांव के एसडीएम ने भी स्कूल के प्रबंधक से बात की है कि बच्चों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो।
आज खुलेगा बिंदु का बैंक खाता
मृतक उदयभान की मुफलिसी का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि उनका किसी बैंक में कभी खाता नहीं हो सका । उनकी पत्नी बिंदु कहती हैं कि खाने, बच्चों की पढ़ाई से कभी रुपये बचें तब तो बैंक में रखने के बारे में सोचा जा सके। अब जबकि लोग उनकी मदद के लिए आगे आए हैं तो शनिवार को वह बैंक में अपना खाता खोलेंगी। अमर उजाला रविवार के अंक में उनके बैंक खाते का पूरा विवरण प्रकाशित करेगा ताकि जो भी उनकी मदद करना चाहे उन्हें सहूलियत हो सके। वहीं सीधे गगहा ब्लाक के गजपुर गांव जाकर भी बिंदु और उनकी संतानों की मदद की जा सकती है।
- परिवार से बात करनी है तो यह नंबर मिलाएं- 8853473263
- कोई और दिक्कत हो अमर उजाला से भी संपर्क कर सकते हैं- 88590029200
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गोरखपुर। सड़क दुर्घटना में परिवार के मुखिया उदयभान की मौत से गगहा का जो परिवार बृहस्पतिवार तक सदमे और अंधकारमय भविष्य की आशंका में डूब गया था, शुक्रवार का सूरज उसके लिए तमाम खुशियां और उम्मीदें लेकर आया। अमर उजाला में इस परिवार की दर्दनाक दास्तां पढ़कर घर के चूल्हे की गारंटी से लेकर बच्चों की पढ़ाई, इलाज और बेहतर भविष्य के लिए कुछ भी करने तैयार लोगों के प्रस्तावों का सैलाब-सा आ गया। अमर उजाला इन महादानियों और उदयभान के परिवार के बीच सेतु बनकर कोशिश करेगा कि ज्यादा से ज्यादा मदद जरूरतमंद परिवार तक सीधे पहुंच सके।
करोड़ों जनधन खाते खुलवाने का दावा करने वाली सरकार के लिए यह सूचना अहम होगी कि इस गरीब परिवार के मुखिया के पास अपना एक बैंक एकाउंट तक नहीं था। प्रशासन और सरकार के लिए यह संदेश भी है कि सामाजिक सुरक्षा की तमाम योजनाएं लाने के बावजूद यह अब तक आम आदमी तक नहीं पहुंच सकी हैं। खैर, सरकार न सही, हमारा सामाजिक ताना-बाना अब भी इतना संवेदनशील और मजबूत हैं कि किसी के दुख की खबर लगते ही हम उनकी मदद के लिए तत्पर हो उठते हैं। शुक्रवार को गोरखपुर और आस-पास के तमाम बाशिंदों ने कुछ ऐसी ही संवेदनशीलता का परिचय दिया। चार दिन पहले एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले उदयभान चौधरी को न जानने वाले तमाम लोग खबर लगते ही दुखों से लड़ रहे उनके परिवार की मदद के लिए शुक्रवार को खड़े हो गए। गोरखपुर के साथ ही संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर और अमरोहा तक से लोगों ने पीड़ित परिवार के मदद का वादा कि या।
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कोई वेतन, तो कोई अपनी बचत से करेगा आर्थिक मदद
आरपीएफ आईजी ऑफिस में कांस्टेबल पद पर तैनात रामाशीष यादव अपने एक दिन का वेतन देंगे तो छोटे काजीपुर के वृंदालाल श्रीवास्तव ने एक हजार रुपये और 20 किलो आटा तो वहीं अंधियारी बाग के सूर्यकांत साहनी आर्थिक मदद के साथ ही राशन भी देंगे। रसूलपुर, धुरियापार के अरुण पाठक और उनके मित्रों का ग्रुप मिलकर मदद करेगा। वहीं बस्ती के बाबू लाल, गोरखपुर के रिजवी, हसनगंज मिर्जापुर के व्यापारी शैलेष कुमार गुप्ता, जेलरोड के रिटायर्ड इंजीनियर हर्ष, सहजनवां के निरंजन पांडेय, जैतपुर के भरत, खोराबार के ऋषि कुमार, बिस्टौली बुजुर्ग के उदयभान त्रिपाठी, डड़िया, गोला के राम प्रवेश विश्वकर्मा, शहर के कोतवाली रोड के विनय चौधरी, रानीडीहा के राजेश गुप्ता,कैंपियरगंज के सुनील राज गौतम, पीपीगंज के अशोक कुमार वर्मा, चौरीचौरा के प्राइमरी स्कूल में तैनात अशोक कुमार यादव ने अपने सामर्थ्य के मुताबिक आर्थिक मदद करने तो कुशीनगर के मूल निवासी व शाहपुर में रह रहे अशोक कुमार ने अपनी बचत की रकम में से पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद करने की पेशकश की है।
महिलाएं छुड़ाएंगी रेहन की जमीन
बेटी मानवी के इलाज के लिए उदयभान के परिवार को अपनी जो 20 डिसमिल जमीन रेहन पर रखनी पड़ी थी उसे छुड़ाने में इस्माइलपुर की नम्रता गौड़, गोरखपुर की सोनम और नौसड़ की अन्नू उपाध्याय ने मदद का प्रस्ताव दिया है।
ये उठाएंगे बच्चों को पढ़ाई का खर्च
चौरीचौरा के रामकिंकर सिंह राधा कृष्ण बासमती देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक है। उनका कहना है कि वे उदयभान के इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले सभी बेटे-बेटियों को अपने कॉलेज में मुफ्त शिक्षा देंगे। मगहर, संतकबीरनगर के जगदीश गुप्ता ने 11वीं में पहुंचे बेटे और बेटी का पूरा खर्च उठाने का वादा किया तो वहीं मछली गांव कैंपियरगंज के सत्येंद्र पाठक ने सभी बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने की इच्छा जताई।
मानवी का कराएंगे इलाज
अहिरौली बड़हलगंज के अरुण कुमार दूबे ने बड़हलगंज के किसी भी अस्पताल में उदयभान की बेटी मानवी के पैर का इलाज कराने का प्रस्ताव रखा है। वहीं बड़हलगंज के ही डॉ सुशील ने इलाज और उसका पूरा खर्च उठाने की पेशकश की है।
सीडीओ के पहल पर पीड़ित परिवार को 11 हजार रुपये मदद
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सीडीओ अनुज सिंह की पहल पर शुक्रवार को प्रशासन और विकास से जुड़े अफसर भी मृतक उदयभान के पीड़ित परिवार की मदद को आगे आए। गगहा के बीडीओ सुनील कौशल और एडीओ पंचायत संजय पांडेय समेत ब्लाक के अफसर, कर्मचारी गजपुर स्थित पीड़ित के घर बिंदु और उनकी संतानों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और उन्हें 11 हजार रुपये की आर्थिक मदद के साथ ही उनका राशन कार्ड बनवाया। बीडीओ ने कोटेदार को तत्काल घर पर राशन पहुंचाने के साथ ही प्रधान और गांव के संपन्न लोगों से उदयभान के ब्रह्मभोज में आने वाला खर्च उठाने में सहयोग करने को कहा।
सीडीओ अनुज सिंह ने बताया कि दुख की इस घड़ी में प्रशासन बिंदु और उनकी संतानों के साथ है। उन्होंने बताया कि एसडीएम बांसगांव को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत परिवार को मदद दिलाने के साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजना पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद दिलाने का भी प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं सीडीओ के निर्देश पर डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंंह भदौरिया ने पीड़ित परिवार के बच्चों की मंशा जानने के बाद गांव के ही पास विश्वनाथ चौरसिया इंटर कॉलेज में उनका प्रवेश कराने और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। शनिवार की सुबह 10 बजे सभी बच्चों को प्रवेश के लिए विद्यालय बुलाया गया है। इस संबंध में बांसगांव के एसडीएम ने भी स्कूल के प्रबंधक से बात की है कि बच्चों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो।
आज खुलेगा बिंदु का बैंक खाता
मृतक उदयभान की मुफलिसी का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि उनका किसी बैंक में कभी खाता नहीं हो सका । उनकी पत्नी बिंदु कहती हैं कि खाने, बच्चों की पढ़ाई से कभी रुपये बचें तब तो बैंक में रखने के बारे में सोचा जा सके। अब जबकि लोग उनकी मदद के लिए आगे आए हैं तो शनिवार को वह बैंक में अपना खाता खोलेंगी। अमर उजाला रविवार के अंक में उनके बैंक खाते का पूरा विवरण प्रकाशित करेगा ताकि जो भी उनकी मदद करना चाहे उन्हें सहूलियत हो सके। वहीं सीधे गगहा ब्लाक के गजपुर गांव जाकर भी बिंदु और उनकी संतानों की मदद की जा सकती है।
- परिवार से बात करनी है तो यह नंबर मिलाएं- 8853473263
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