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टिकट चेकिंग स्टाफ को जल्द मिलेगा रनिंग स्टॉफ का दर्जा, रेलवे बोर्ड ने गठित की तीन सदस्यीय समिति

Sun, 16 Dec 2018 07:58 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरखपुर Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 16 Dec 2018 07:58 PM IST
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Ticket checking Staff will soon get Running staff status
टीटीई - फोटो : फाइल फोटो

रेलवे में टिकट चेकिंग स्टॉफ (टीटीई, टीसी) को रनिंग स्टॉफ का दर्जा देने की कड़ी में रेलवे बोर्ड ने कदम बढ़ा दिया है। इस मामले में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति भत्ता मद में बढ़ने वाले खर्च सहित अन्य बिंदुओं पर विचार कर तीन महीने में रिपोर्ट सौंपेगी। रनिंग स्टॉफ का दर्जा मिलने के बाद चेकिंग स्टॉफ को ड्राइवर और गार्ड की तरह ही रनिंग एवं माइलेज एलाउंस भी मिलने लगेगा। करीब 24 हजार कर्मियों को लाभ होगा। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

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रेलवे रेलवे बोर्ड के अंडर सेक्रेटरी ईस्ट वन विजय कुमार ने 28 नवंबर को पत्र जारी कर कहा है कि टिकट चेकिंग स्टॉफ की मांग पर उन्हें रनिंग स्टॉफ का दर्जा देने के लिए समिति गठित की गई है। समिति में रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य (वाणिज्य) को समन्वयक, अतिरिक्त सदस्य (कार्मिक) और प्रमुख कार्यकारी निदेशक (वित्त) को सदस्य बनाया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने सकारात्मक रुख दिखाया है। इसका हम स्वागत करते हैं। रेलवे की मान्यता प्राप्त संगठन एनएफआईआर के महामंत्री एम. राघवैया ने कार्यसमिति की बैठक में भी इसे प्रमुखता से उठाया था। रेलवे बोर्ड के सामने भी यह मसला रखा गया था।
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एनईआर में 2500 हैं टिकट चेकिंग स्टॉफ
पूर्वोत्तर रेलवे में करीब 2500 टिकट चेकिंग स्टॉफ कार्यरत है। बोर्ड ने अगर इन्हें रनिंग स्टॉफ का दर्जा दे दिया तो सीधे तौर पर इन्हें लाभ पहुंचेगा। कई भत्ते बढ़ जाएंगे और मूल वेतन में इन भत्तों की 30 फीसदी रकम जोड़ी जाएगी।
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आजादी के पहले था रनिंग स्टाफ का दर्जा
टिकट चेकिंग स्टॉफ को आजादी के पहले रनिंग स्टॉफ का दर्जा दिया गया था। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी खुदीराम बोस ने मुजफ्फरपुर में अंग्रेज कलेक्टर को मारा था। छापेमारी में वह एक टिकट चेकिंग स्टॉफ के घर पकड़े गए थे। इसी के बाद अंग्रेजों ने चेकिंग स्टॉफ को अलग श्रेणी में रख दिया।

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