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बच्चा चोर समझ भीड़ ने तीन महिलाओं को पीटा
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बच्चा चोर समझ भीड़ ने तीन महिलाओं को पीटा
गोरखपुर। बच्चे चोरी करने वाले एक गिरोह की जिले में सक्त्रिस्यता के सोशलमीडिया पर वायरल फर्जी संदेश से जन्मी अफवाहों के चलते भीड़ का कहर मानसिक रोग से पीड़ित महिलाओं पर टूट रहा है। दो दिनों के भीतर बांसगांव, बेलीपार और कैंपियरगंज में तीन महिलाओं को बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीट डाला गया। एक महिला को गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराया गया। दो को महिला आश्रय गृह में रखा गया है। पुलिस के हवाले से जारी इस फर्जी संदेश से फैली अफवाहों की वजह से हो रही घटनाओं को देखते हुए सभी थानों की पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया है।
जानकारी के मुताबिक पहली घटना बांसगांव के रघुआडीह गांव में रविवार को घटी। मानसिक रोग से पीड़ित एक महिला सायरा को देर शाम बुरी तरह से पीटा गया। भीड़ का आरोप था कि महिला ने बच्चा चुराने की कोशिश की थी। इस मामले की जानकारी मातृ छाया व स्माइल होम रोटी बैंक के संचालक आजाद पांडेय ने दी। बांसगांव पुलिस ने सोमवार को घायल महिला को मातृ छाया आश्रय गृह पहुंचाया। इसके संचालक के मुताबिक महिला को इतना पीटा गया है कि वह ठीक से उठ बैठ नहीं पा रही है। उसे जिला चिकित्सालय के टिटनेस वार्ड में भर्ती कराया गया है। अफवाह के चक्कर में भीड़ ने महिला को निर्वस्त्र करके पीटा था। आश्रय गृह पहुंचने के बाद उसे गाउन (नाइटी) दिया गया।
दरअसल, पुलिस के नाम से जो अफवाह चल रही है, उसके मुताबिक कुछ लोग भिखारी के वेश में आएंगे। घर में घुसकर लूटपाट करेंगे, फिर आपका बच्चा चोरी करके ले जाएंगे। यह संदेश लगातार वायरल हो रहा है। इसी का नतीजा है कि भीड़ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रहीं हैं । मानसिक रूप से परेशान महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है।
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इसी तर्ज पर बेलीपार थानाक्षेत्र के भस्मा गांव में सोमवार देर शाम मानसिक रूप से परेशान महिला को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पीट दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि वह बच्चा चुराने आई थी। मामला पुलिस के पास पहुंचा। थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि वह मानसिक रूप से परेशान है। अब पिटाई से चुटहिल महिला को शहर के मातृ छाया आश्रय गृह में रखा गया है।
सोमवार को ही भीड़ ने कैंपियरगंज थानाक्षेत्र के तिवारीपुर में भी देर शाम एक महिला को बच्चा चोर समझकर पीटा दिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जल्द ही महिला को मातृ छाया आश्रयगृह में भर्ती कराया जाएगा। इसकी सूचना भी संचालक के पास आ गई है। संचालक का कहना है कि कैंपियरगंज पुलिस ने जो सूचना दी है, उसके मुताबिक महिला को गंभीर चोटें आई हैं।
प्रेमी से मिलने पहुंची युवती को बच्चा चोर समझकर पकड़ा
सहजनवां के एक गांव में प्रेमी से मिलने पहुंची संतकबीरनगर की युवती को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझ कर पकड़ लिया। ग्रामीणों ने युवती को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की जांच में मामला प्रेम संबंध का निकला। बाद में पुलिस ने युवती को घरवालों के हवाले कर दिया। युवती के मुताबिक वह प्रेमी से मिलने सहजनवां आई थी। एक प्राथमिक स्कूल में फूल खिले थे। बच्चों से फूल मांगने पहुंची तो शिक्षकों ने टोका टॉकी शुरू कर दी। कुछ शिक्षकों ने बुलाया तो घबरा कर भागने लगी। यह देख सैकड़ों ग्रामीण पीछा करने लगे। सबने पकड़ा और मारपीट पर आमादा हो गए। इसी बीच पुलिस पहुंच गई।
बच्चा चोरी की सूचना पर परेशान हुई तीन थानों की पुलिस
चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के सरदारनगर विकासखंड के भौवापार में प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की चोरी की अफवाह फैली। कहा गया कि कबाड़ी बोरे में भरकर बच्चों को ले जा रहा है। इस पर बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शिक्षकों को पता चला तो सूचना पुलिस को दी गई। इस सूचना के बाद चौरीचौरा, पिपराइच और झंगहा पुलिस मौके पर पहुंच गई। जांच में मामला फर्जी पाया गया।
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गोरखपुर। बच्चे चोरी करने वाले एक गिरोह की जिले में सक्त्रिस्यता के सोशलमीडिया पर वायरल फर्जी संदेश से जन्मी अफवाहों के चलते भीड़ का कहर मानसिक रोग से पीड़ित महिलाओं पर टूट रहा है। दो दिनों के भीतर बांसगांव, बेलीपार और कैंपियरगंज में तीन महिलाओं को बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीट डाला गया। एक महिला को गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराया गया। दो को महिला आश्रय गृह में रखा गया है। पुलिस के हवाले से जारी इस फर्जी संदेश से फैली अफवाहों की वजह से हो रही घटनाओं को देखते हुए सभी थानों की पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया है।
जानकारी के मुताबिक पहली घटना बांसगांव के रघुआडीह गांव में रविवार को घटी। मानसिक रोग से पीड़ित एक महिला सायरा को देर शाम बुरी तरह से पीटा गया। भीड़ का आरोप था कि महिला ने बच्चा चुराने की कोशिश की थी। इस मामले की जानकारी मातृ छाया व स्माइल होम रोटी बैंक के संचालक आजाद पांडेय ने दी। बांसगांव पुलिस ने सोमवार को घायल महिला को मातृ छाया आश्रय गृह पहुंचाया। इसके संचालक के मुताबिक महिला को इतना पीटा गया है कि वह ठीक से उठ बैठ नहीं पा रही है। उसे जिला चिकित्सालय के टिटनेस वार्ड में भर्ती कराया गया है। अफवाह के चक्कर में भीड़ ने महिला को निर्वस्त्र करके पीटा था। आश्रय गृह पहुंचने के बाद उसे गाउन (नाइटी) दिया गया।
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दरअसल, पुलिस के नाम से जो अफवाह चल रही है, उसके मुताबिक कुछ लोग भिखारी के वेश में आएंगे। घर में घुसकर लूटपाट करेंगे, फिर आपका बच्चा चोरी करके ले जाएंगे। यह संदेश लगातार वायरल हो रहा है। इसी का नतीजा है कि भीड़ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रहीं हैं । मानसिक रूप से परेशान महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है।
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इसी तर्ज पर बेलीपार थानाक्षेत्र के भस्मा गांव में सोमवार देर शाम मानसिक रूप से परेशान महिला को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पीट दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि वह बच्चा चुराने आई थी। मामला पुलिस के पास पहुंचा। थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि वह मानसिक रूप से परेशान है। अब पिटाई से चुटहिल महिला को शहर के मातृ छाया आश्रय गृह में रखा गया है।
सोमवार को ही भीड़ ने कैंपियरगंज थानाक्षेत्र के तिवारीपुर में भी देर शाम एक महिला को बच्चा चोर समझकर पीटा दिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जल्द ही महिला को मातृ छाया आश्रयगृह में भर्ती कराया जाएगा। इसकी सूचना भी संचालक के पास आ गई है। संचालक का कहना है कि कैंपियरगंज पुलिस ने जो सूचना दी है, उसके मुताबिक महिला को गंभीर चोटें आई हैं।
प्रेमी से मिलने पहुंची युवती को बच्चा चोर समझकर पकड़ा
सहजनवां के एक गांव में प्रेमी से मिलने पहुंची संतकबीरनगर की युवती को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझ कर पकड़ लिया। ग्रामीणों ने युवती को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की जांच में मामला प्रेम संबंध का निकला। बाद में पुलिस ने युवती को घरवालों के हवाले कर दिया। युवती के मुताबिक वह प्रेमी से मिलने सहजनवां आई थी। एक प्राथमिक स्कूल में फूल खिले थे। बच्चों से फूल मांगने पहुंची तो शिक्षकों ने टोका टॉकी शुरू कर दी। कुछ शिक्षकों ने बुलाया तो घबरा कर भागने लगी। यह देख सैकड़ों ग्रामीण पीछा करने लगे। सबने पकड़ा और मारपीट पर आमादा हो गए। इसी बीच पुलिस पहुंच गई।
बच्चा चोरी की सूचना पर परेशान हुई तीन थानों की पुलिस
चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के सरदारनगर विकासखंड के भौवापार में प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की चोरी की अफवाह फैली। कहा गया कि कबाड़ी बोरे में भरकर बच्चों को ले जा रहा है। इस पर बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शिक्षकों को पता चला तो सूचना पुलिस को दी गई। इस सूचना के बाद चौरीचौरा, पिपराइच और झंगहा पुलिस मौके पर पहुंच गई। जांच में मामला फर्जी पाया गया।