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दिव्यांग अपहरण व हत्या का मामला पर्दाफाश

Sat, 09 Nov 2019 01:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Nov 2019 01:21 AM IST
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three arrest in murder case
दिव्यांग की हत्या में भाई की पत्नी व दो युवक गिरफ्तार
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गोरखपुर। खोराबार इलाके के जंगल चंवरी के अयोध्या टोला निवासी दिव्यांग उमेश यादव (40) के अपहरण और हत्या की साजिश उसके छोटे भाई अशोक की पत्नी सुमन देवी ने ही रची थी। उसी ने झंगहा के जंगल रसूलपुर स्थित मायके के प्रदीप यादव को हत्या करने के लिए मनाया था। प्रदीप ने अपने साथी व झंगहा के राघोपट्टी पड़री निवासी आदित्यनाथ यादव व चौरीचौरा के चकदेईया निवासी लालू यादव उर्फ मेंटल के साथ मिलकर पहले उमेश का अपहरण किया और फिर गाड़ी में ही गला दबाकर हत्या कर शव को देवरिया के सोनौरा में फेंक दिया था।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को आदित्यनाथ और लालू उर्फ मेंटल व सुमन को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गमछा और दिव्यांग का आधार कार्ड बरामद कर लिया है। हत्या का मुख्य आरोपी अभी फरार है। शुक्रवार की शाम पुलिस लाइंस में एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ व सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि इंस्पेक्टर खोराबार सुनील राय अपने हमराही एसएसआई अनिल उपाध्याय, सिपाही संजय सिंह, आनंद मिश्रा, राजेंद्र वर्मा, पवनेश पांडेय, शशिकांत, कुसुम यादव और रेनू वर्मा के साथ दिव्यांग की हत्या के आरोपियों की तलाश में थे। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या के तीन आरोपी कोनी तिराहे पर हैं। पुलिस वहां पहुंची तो एक आरोपी फरार हो गया। शेष दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आदित्यनाथ यादव और लालू यादव के रूप में हुई। दोनों ने पूछताछ में फरार होने वाले आरोपी का नाम प्रदीप बताया। पुलिस ने इनके बताए अनुसार खोराबार के जंगल चंवरी निवासी सुमन यादव को भी गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस की पूछताछ में दिव्यांग के छोटे भाई की पत्नी सुमन ने बताया कि उमेश के खाते में एक लाख रुपये थे। साथ ही उसके हिस्से में करोड़ों की सवा बीघा जमीन भी थी, जिसे वह लेना चाहती थी। इधर उसके एक परिचित के आने-जाने पर उमेश एतराज जताने लगा। कुछ दिनों से झगड़ा भी करता था। सुमन को लगा कि अगर उसे रास्ते से हटवा दे तो जमीन और रुपये भी उसके हो जाएंगे। साथ ही झगड़े के वजह से बदनामी भी नहीं होगी। इस लिए उसके अपहरण और हत्या की साजिश रची।
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सुमन 15 दिन पूर्व अपने बहन की मौत के बाद ब्रह्मभोज में शामिल होने झंगहा के जंगल रसूलपुर स्थित मायके गई थी। वहीं पर उसकी मुलाकात पड़ोसी प्रदीप से हुई। सुमन ने पूरी बात बता कर अपहरण कर हत्या की बात कही। उसके बाद प्रदीप ने अपने दोस्तों आदित्यनाथ और लालू को शामिल किया। एक नवंबर की शाम को प्लान के अनुसार सुमन ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर प्रदीप को स्कार्पियो से बुलाया। उसके बाद घर के बाहर बैठे उमेश का अपहरण कर लिया गया।

पुलिस ने अपनी जांच में सुमन के भाई व अशोक के साले धीरज और दोस्त तथा जंगल चंवरी निवासी विजय यादव को क्लीन चिट दे दी। पुलिस ने बताया कि वारदात के समय दोनों की लोकेशन घटना स्थल या उसके आसपास नहीं थी। उन्हें अपहरण के बारे में कोई सूचना नहीं थी। हालांकि इसे लेेकर भी कई तरह की चर्चा चल रही है।
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