{"_id":"5756d8004f1c1bee5a9c523c","slug":"third-tuesday-of-jyesth-month","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्येष्ठ के तीसरे मंगल पर गूंजे वेदमंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्येष्ठ के तीसरे मंगल पर गूंजे वेदमंत्र
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 07 Jun 2016 07:49 PM IST
विज्ञापन
काली बाड़ी मंदिर पर भण्डारे का आयोजन किया गया।
- फोटो : shivharsh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्येष्ठ के तीसरे मंगलवार को कालीबाड़ी मंदिर में हवन-पूजन का कार्यक्रम हुआ। मंदिर के महंत रवींद्र दास जी महराज की देखरेख में हुए कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। देर शाम भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भोग लगाया।
मौके पर मौजूद मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने कहा कि यह पर्व ईश्वरीय सत्ता में आस्था का प्रतीक है। इसे और बल देने के लिए मानव कल्याण की दिशा में कार्य करने की जरूरत है। महंत रवींद्र दास ने कहा कि इस पर्व के जरिए राम भक्त हनुमान के प्रति अगाध श्रद्धा दृष्टिगोचर होती है। श्रद्धालुओं को भाजपा नेता विपिन सिंह और समाजसेवी डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव, विनोद मद्धेशिया, चंदन अग्रवाल, जेपी गुप्ता ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर हुए संगीतमय सुंदरकांड पाठ और भजन की प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान मनोज जसरापुरिया, विनोद अग्रवाल, श्रीशचंद बंसल, सुरेश अग्रहरी, भोला अग्रहरी, राजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौके पर मौजूद मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने कहा कि यह पर्व ईश्वरीय सत्ता में आस्था का प्रतीक है। इसे और बल देने के लिए मानव कल्याण की दिशा में कार्य करने की जरूरत है। महंत रवींद्र दास ने कहा कि इस पर्व के जरिए राम भक्त हनुमान के प्रति अगाध श्रद्धा दृष्टिगोचर होती है। श्रद्धालुओं को भाजपा नेता विपिन सिंह और समाजसेवी डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव, विनोद मद्धेशिया, चंदन अग्रवाल, जेपी गुप्ता ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
इस मौके पर हुए संगीतमय सुंदरकांड पाठ और भजन की प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान मनोज जसरापुरिया, विनोद अग्रवाल, श्रीशचंद बंसल, सुरेश अग्रहरी, भोला अग्रहरी, राजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन