फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   There is no girls are reached for trail of wrestling at sports hostel

स्पोर्ट्स हॉस्टल को नहीं मिल सकीं ‘गीता-बबीता’

Wed, 24 May 2017 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 24 May 2017 01:47 AM IST
विज्ञापन
There is no girls are reached for trail of wrestling at sports hostel
हॉकी का ट्रायल देतीं खिल‌ाड़ी। - फोटो : Amar Ujala
‘दंगल’ फिल्म के प्रदर्शित होने के बाद से कुश्ती को लेकर जहां बेटियों में उत्साह बढ़ा हैं वहीं हरियाणा की फोगाट बहनें गीता और बबीता की जगह-जगह चर्चा होने लगी है। बेटियां कुश्ती में आने भी लगीं, लेकिन गोरखपुर में ऐसा नहीं है। कुश्ती के स्पोर्ट्स हॉस्टल में एडमिशन के लिए मंगलवार को हुए ट्रायल में एक भी बेटी नहीं पहुंच सकी। इसका मतलब है कि गोरखपुर की बेटियों पर फोगाट बहनों की उपलब्धि का जादू नहीं चल सका।
विज्ञापन


स्पोर्ट्स हॉस्टल में एडमिशन का ट्रायल क्षेत्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रहा है। मंगलवार को कुश्ती के साथ ही तैराकी का ट्रायल हुआ लेकिन बेटियों ने किनारा कर लिया। तैराकी के ट्रायल में भी एक बेटी नहीं आ सकी। जिमनास्टिक में चार और हॉकी के एडमिशन के लिए 13 महिला खिलाड़ियों ने ट्रायल दिया।
विज्ञापन


पांच चरणों में टेस्ट
पांच चरणों के फिजिकल टेस्ट में 100 मीटर दौड़, मेडिसिन बाल थ्रो, 60 मीटर शटल रन, स्टैंडिग ब्राड जंप, और आखिर में 800 मीटर दौड़ की बाधा को पार कर, स्किल टेस्ट के लिए जगह बनाई। शाम को हुए स्किल टेस्ट में जिमनास्टिक में चार और हॉकी के लिए 9 खिलाड़ी चुने गए हैं। जिला स्तर पर चयन के बाद ये खिलाड़ी मंडल स्तर के ट्रायल में अपना दमखम दिखाएंगे। जिमनास्टिक ट्रायल में निर्णायक सीमा विश्वकर्मा और मोहम्मद अकरम परवेज और हॉकी में शालिनी विश्वकर्मा और एनपी गौड़ शामिल रहे। ट्रायल के तीसरे दिन बालीबाल, फुटबॉल, बैडमिंटन और टेबल टेनिस के खेलों में 15 वर्ष से कम आयु के बालकों का चयन किया जायेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल दें साथ तो बने बात
खेल में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए जैसा प्रोत्साहन घर के साथ स्कूल से मिलना चाहिए, वैसा नहीं मिल पाता है। स्कूल प्रबंधन की बेरुखी इसमें अहम किरदार निभाती है। आज के दौर में घर में बच्चों को डॉक्टर या इंजीनियर बनाना ही अभिभावकों की प्राथमिकताओं में शुमार हो गया है। बच्चों को पढ़ाई पर ही ध्यान देने के लिए दबाव बनाया जाता है। इसके चलते बच्चे खेल के प्रति उदासीन बनते जा रहे हैं, जबकि खेल में कई खिलाड़ियों ने पूर्वांचल का नाम पूरे देश में रौशन किया है।  


इन दिग्गजों ने बढ़ाया मान
खेल छात्रावासों में रहकर कई खिलाड़ियों ने गोरखपुर का नाम देश में गौरवान्वित किया है। भारतीय कुश्ती कोच चंद्रविजय सिंह, भारत केसरी जनार्दन यादव, आलंपिक में रजत पदक विजेता सैयद अली, अर्जुन अवार्ड से सम्मानित प्रेम माया के नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed