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नगर निगम में 31 गांवों को शामिल करने पर रोक
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 12 Apr 2017 01:19 AM IST
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नगर निगम गोरखपुर।
- फोटो : Amar Ujala
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शहर की सीमा से सटे 31 गांव को नगर निगम में शामिल करने पर रोक लग गई है। निकाय चुनाव का बिगुल बज जाने और परिसीमन के लिए वक्त न मिलने से निगम के प्रस्ताव पर शासन ने अभी विचार ही नहीं किया। अब इन गांवों के पांच साल बाद ही नगर निगम में शामिल हो पाने की उम्मीद है। यही नहीं, वोटरों की संख्या मानक से अधिक न होने से इस बार वार्ड भी नहीं बढ़ेंगे। भौगोलिक आधार पर परिसीमन में कुछ बदलाव हो सकते हैं। परिसीमन पूरा करने के लिए आयोग ने 12 अप्रैल तक की समय सीमा तय की थी।
सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचास्थानीय) जगनारायण मौर्या का कहना है कि नगर निगम में इन गांवों के शामिल करने पर रोक को लेकर अभी कोई लिखित आदेश नहीं आया है मगर शासन से इसकी सूचना मिली है। निगम में परिसीमन का काम भी तकरीबन पूरा हो चुका है। नगर पंचायतों की रिपोर्ट भी बुधवार की शाम तक आ जाने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि आयोग के मानक के मुताबिक सात से नौ लाख वोटर वाले निगम में 70 वार्ड होने चाहिए। नगर निगम में वोटरों की संख्या 8.08 लाख है, जबकि सात नगर पंचायतों में 97 हजार ही वोटर हैं। नगर निगम और नगर पंचायतों को मिला दें तो भी यहां के नगर निकाय में कुल 9.06 लाख वोटर ही हो रहे हैं। ऐसे में वार्ड बढ़ने की संभावना खत्म हो गई है। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक भौगोलिक आधार पर कुछ मोहल्लों के वार्ड बदल सकते हैं। उधर, शहर से सटे 31 गांव के नगर निगम में शामिल होने की फिलहाल कवायद ठप हो जाने से इन गांवों के विकास की उम्मीद भी टूट गई है। यही नहीं, नगर निगम में इन गांवों के शामिल होने की सुगबुगाहट शुरू होते ही वहां की जमीन के दाम भी अचानक बढ़ गए थे। जमीन के कारोबारियों को भी इससे बड़ा झटका लगा है।
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वोटर बनने के लिए मिलेगा एक और मौका
पांच साल के भीतर वोटरों की संख्या में विशेष इजाफा नहीं हुआ। जो लोग अभी वोटर नहीं बन पाए हैं, उन्हें परिसीमन बाद एक और मौका मिलेगा। आयोग संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है जिसमें खुद प्रयास कर वोटर बनना होगा। मतदाताआें को फार्म भरकर खुद ही बीएलओ के पास या निर्वाचन कार्यालय में जमा करना पड़ेगा।
निकाय का नाम कुल वार्ड बूथ वोटर संख्या
नगर निगम 70 710 808931
सहजनवां 16 33 24744
बांसगांव 12 20 13411
मुंडेरा बाजार 11 11 8767
पीपीगंज 11 15 11229
पिपराइच 12 14 12361
गोला बाजार 11 13 10719
बड़हलगंज 14 20 16365
निगम में ईवीएम, पंचायतों में बैलेट से मतदान
नगर निगम में ईवीएम से चुनाव होगा, जबकि नगर पंचायतों में बैलेट पत्र से वोट पड़ेंगे। निगम के 70 वार्ड में 710 बूथ हैं। इसके लिए 10 फीसदी अतिरिक्त समेत 1562 ईवीएम की जरूरत है। प्रत्येक बूथ पर दो ईवीएम लगेंगी। एक मेयर के लिए दूसरा पार्षद के लिए। ईवीएम मध्य प्रदेश से आनी थी, मगर वहां उप चुनाव होने से अभी नहीं पहुंच सकी।
16 जोनल, 48 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती
निकाय आरओ सहायक आरओ जोनल मजिस्ट्रेट सेक्टर मजिस्ट्रेट
नगर निगम 19 38 9 34
सहजनवां 2 4 1 2
बांसगांव 2 4 1 2
मुंडेरा बाजार 2 4 1 2
पीपीगंज 2 4 1 2
पिपराइच 2 4 1 2
गोला बाजार 2 4 1 2
बड़हलगंज 2 4 1 2
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सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचास्थानीय) जगनारायण मौर्या का कहना है कि नगर निगम में इन गांवों के शामिल करने पर रोक को लेकर अभी कोई लिखित आदेश नहीं आया है मगर शासन से इसकी सूचना मिली है। निगम में परिसीमन का काम भी तकरीबन पूरा हो चुका है। नगर पंचायतों की रिपोर्ट भी बुधवार की शाम तक आ जाने की उम्मीद है।
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उन्होंने बताया कि आयोग के मानक के मुताबिक सात से नौ लाख वोटर वाले निगम में 70 वार्ड होने चाहिए। नगर निगम में वोटरों की संख्या 8.08 लाख है, जबकि सात नगर पंचायतों में 97 हजार ही वोटर हैं। नगर निगम और नगर पंचायतों को मिला दें तो भी यहां के नगर निकाय में कुल 9.06 लाख वोटर ही हो रहे हैं। ऐसे में वार्ड बढ़ने की संभावना खत्म हो गई है। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक भौगोलिक आधार पर कुछ मोहल्लों के वार्ड बदल सकते हैं। उधर, शहर से सटे 31 गांव के नगर निगम में शामिल होने की फिलहाल कवायद ठप हो जाने से इन गांवों के विकास की उम्मीद भी टूट गई है। यही नहीं, नगर निगम में इन गांवों के शामिल होने की सुगबुगाहट शुरू होते ही वहां की जमीन के दाम भी अचानक बढ़ गए थे। जमीन के कारोबारियों को भी इससे बड़ा झटका लगा है।
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वोटर बनने के लिए मिलेगा एक और मौका
पांच साल के भीतर वोटरों की संख्या में विशेष इजाफा नहीं हुआ। जो लोग अभी वोटर नहीं बन पाए हैं, उन्हें परिसीमन बाद एक और मौका मिलेगा। आयोग संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है जिसमें खुद प्रयास कर वोटर बनना होगा। मतदाताआें को फार्म भरकर खुद ही बीएलओ के पास या निर्वाचन कार्यालय में जमा करना पड़ेगा।
निकाय का नाम कुल वार्ड बूथ वोटर संख्या
नगर निगम 70 710 808931
सहजनवां 16 33 24744
बांसगांव 12 20 13411
मुंडेरा बाजार 11 11 8767
पीपीगंज 11 15 11229
पिपराइच 12 14 12361
गोला बाजार 11 13 10719
बड़हलगंज 14 20 16365
निगम में ईवीएम, पंचायतों में बैलेट से मतदान
नगर निगम में ईवीएम से चुनाव होगा, जबकि नगर पंचायतों में बैलेट पत्र से वोट पड़ेंगे। निगम के 70 वार्ड में 710 बूथ हैं। इसके लिए 10 फीसदी अतिरिक्त समेत 1562 ईवीएम की जरूरत है। प्रत्येक बूथ पर दो ईवीएम लगेंगी। एक मेयर के लिए दूसरा पार्षद के लिए। ईवीएम मध्य प्रदेश से आनी थी, मगर वहां उप चुनाव होने से अभी नहीं पहुंच सकी।
16 जोनल, 48 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती
निकाय आरओ सहायक आरओ जोनल मजिस्ट्रेट सेक्टर मजिस्ट्रेट
नगर निगम 19 38 9 34
सहजनवां 2 4 1 2
बांसगांव 2 4 1 2
मुंडेरा बाजार 2 4 1 2
पीपीगंज 2 4 1 2
पिपराइच 2 4 1 2
गोला बाजार 2 4 1 2
बड़हलगंज 2 4 1 2