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स्वरूप लेने लगीं दीक्षांत समारोह की तैयारियां
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Fri, 05 Aug 2016 01:40 AM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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दीक्षांत समारोह को लेकर गोरखपुर यूनिवर्सिटी की तैयारियां स्वरूप लेने लगी हैं। आयोजन के मद्देनजर समितियों के गठन को अंतिम रूप दे दिया गया है। अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र को सौंपी गई है। समितियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए आठ अगस्त को बैठक बुलाई गई है। इसमें दीक्षांत समारोह का खाका भी खींचा जाएगा।
25 सितंबर को प्रस्तावित इस 35वें दीक्षांत समारोह के इस बार भी खुले आसमान के नीचे ही होने की संभावना है। यूनिवर्सिटी प्रशासन की मंशा एक बार फिर यूनिवर्सिटी क्रीड़ांगन में समारोह को आयोजित करने की है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय की 100वीं जयंती को यादगार बनाने के लिए यूनिवर्सिटी हर संभव प्रयास में जुटी है। इसी क्रम में मुख्य अतिथि के लिए यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो अशोक कुमार ने प्रधानमंत्री का नाम प्रस्तावित किया था, जिसे अनुमोदित करते हुए कुलाधिपति राम नाईक ने प्रधानमंत्री को समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में आगमन के लिए न्यौता भी भेजा है।
हालांकि अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय से सहमति नहीं मिल पाई है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी दीक्षांत समारोह भारतीय परिधान में ही होगा। इसे लेकर भी आठ अगस्त में विस्तृत चर्चा होगी। कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि दीक्षांत सप्ताह के दौरान होने वाले आयोजनों का खाका भी तैयार किया जा रहा है। कोशिश यही है कि पंडित दीनदयाल जी को समर्पित इस दीक्षांत को भव्य बनाने में कोई कोर-कसर न रह जाए।
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25 सितंबर को प्रस्तावित इस 35वें दीक्षांत समारोह के इस बार भी खुले आसमान के नीचे ही होने की संभावना है। यूनिवर्सिटी प्रशासन की मंशा एक बार फिर यूनिवर्सिटी क्रीड़ांगन में समारोह को आयोजित करने की है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय की 100वीं जयंती को यादगार बनाने के लिए यूनिवर्सिटी हर संभव प्रयास में जुटी है। इसी क्रम में मुख्य अतिथि के लिए यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो अशोक कुमार ने प्रधानमंत्री का नाम प्रस्तावित किया था, जिसे अनुमोदित करते हुए कुलाधिपति राम नाईक ने प्रधानमंत्री को समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में आगमन के लिए न्यौता भी भेजा है।
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हालांकि अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय से सहमति नहीं मिल पाई है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी दीक्षांत समारोह भारतीय परिधान में ही होगा। इसे लेकर भी आठ अगस्त में विस्तृत चर्चा होगी। कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि दीक्षांत सप्ताह के दौरान होने वाले आयोजनों का खाका भी तैयार किया जा रहा है। कोशिश यही है कि पंडित दीनदयाल जी को समर्पित इस दीक्षांत को भव्य बनाने में कोई कोर-कसर न रह जाए।
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