{"_id":"6a1f035ff4272feea0bda1c68e3e92c4","slug":"teliphone-booth-put-on-jail-after-lucknow-clearence-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ से मंजूरी के बाद जेल में लगेगा टेलीफोन बूथ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ से मंजूरी के बाद जेल में लगेगा टेलीफोन बूथ
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Feb 2016 10:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। मंडलीय कारागार में टेलीफोन बूथ लगने का मामला लटकता ही जा रहा है। 31 अक्टूबर 2015 तक जेल में दो टेलीफोन बूथ लग जाना था, लेकिन अभी तक जेल में इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। जेल अधीक्षक ने बीएसएनएल के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी मांगी है तो वहीं बीएसएनएल अधिकारी लखनऊ से मंजूरी मिलने के बाद ही जेल में फोन बूथ लगवाने की बात कह रहे हैं।
शासन ने बंदियों की सहूलियत के लिए जेल में टेलीफोन बूथ लगाने का आदेश दिया था। ताकि बंदी अपने घरवालों और रिश्तेदारों से बातचीत कर सकें। इसके लिए नियम भी बनाए गए थे। बंदियों की बातचीत का रिकॉर्ड जेल प्रशासन के पास रहता। इसका दुरुपयोग न हो सके इसलिए बंदी क्या बात कर रहे है इसको टेप किया जाना था। शासन ने इसके लिए 31 अक्टूबर 2015 की समय सीमा निर्धारित की थी। मंडलीय कारागार में बंदियों की संख्या अधिक होने के कारण यहां पर दो टेलीफोन बूथ लगने प्रस्तावित थे। इस मद में बीएसएनएल को रुपये भी जारी कर दिए गए, लेकिन अभी तक इसको लेकर जेल में कोई काम शुरू नहीं हुआ है। जेल प्रशासन भी इसे लेकर खासा परेशान है।
31 अक्टूबर 2015 तक समय सीमा निर्धारित थी। जीएम बीएसएनएल को दूसरी बार पत्र भेजा गया है। शासन की तरफ से रुपये भी आवंटित कर दिए गए हैं।
एसके शर्मा, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
टेलीफोन बूथ का जेल में लगने के वरिष्ठ जेल अधीक्षक का पत्र मिला है। पत्र को लखनऊ भेज दिया गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद बूथ को लगवा दिया जाएगा।
राम जी तिवारी, जीएम बीएसएनएल
विज्ञापन
शासन ने बंदियों की सहूलियत के लिए जेल में टेलीफोन बूथ लगाने का आदेश दिया था। ताकि बंदी अपने घरवालों और रिश्तेदारों से बातचीत कर सकें। इसके लिए नियम भी बनाए गए थे। बंदियों की बातचीत का रिकॉर्ड जेल प्रशासन के पास रहता। इसका दुरुपयोग न हो सके इसलिए बंदी क्या बात कर रहे है इसको टेप किया जाना था। शासन ने इसके लिए 31 अक्टूबर 2015 की समय सीमा निर्धारित की थी। मंडलीय कारागार में बंदियों की संख्या अधिक होने के कारण यहां पर दो टेलीफोन बूथ लगने प्रस्तावित थे। इस मद में बीएसएनएल को रुपये भी जारी कर दिए गए, लेकिन अभी तक इसको लेकर जेल में कोई काम शुरू नहीं हुआ है। जेल प्रशासन भी इसे लेकर खासा परेशान है।
विज्ञापन
31 अक्टूबर 2015 तक समय सीमा निर्धारित थी। जीएम बीएसएनएल को दूसरी बार पत्र भेजा गया है। शासन की तरफ से रुपये भी आवंटित कर दिए गए हैं।
एसके शर्मा, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
टेलीफोन बूथ का जेल में लगने के वरिष्ठ जेल अधीक्षक का पत्र मिला है। पत्र को लखनऊ भेज दिया गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद बूथ को लगवा दिया जाएगा।
राम जी तिवारी, जीएम बीएसएनएल