{"_id":"58a079384f1c1b5833d83ff3","slug":"teachers-recruitment-will-be-challenge-for-new-vc","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए वीसी के लिए चुनौती होगी शिक्षक भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए वीसी के लिए चुनौती होगी शिक्षक भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 13 Feb 2017 01:16 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर यूनिवर्सिटी।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। कुलपति के कार्यकाल समाप्त होने के ठीक पहले नियुक्ति के अधिकार पर सरकार ने रोक लगा दी थी। अब नए कुलपति के सामने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखने की चुनौती होगी। शिक्षक संघ के पदाधिकारी कार्यवाहक कुलपति के सामने भी मामला उठाएंगे।
शिक्षकों की कमी की वजह से गोरखपुर यूनिवर्सिटी में शैक्षिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हैं। स्थिति यह है कि आधे से ज्यादा पद रिक्त हैं। 363 पद स्वीकृत है, लेकिन मात्र 172 शिक्षक ही हैं। कुछ विभागों में तो यह स्थिति है कि पीएचडी और जेआरएफ उपाधि धारक अध्यापन का काम करते हैं। कार्यकाल खत्म होने के पहले कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। रिक्तियों का विज्ञापन भी जारी होने के बाद आरक्षण संबंधी नियमावली की वजह से इसे पुन: प्रकाशित किया गया। 7 दिसंबर को पैनल भी गठित कर दिया गया था, लेकिन सरकार ने 12 दिसंबर को आदेश जारी कर कुलपति को नियुक्ति संबंधी अधिकार को रोक दिया। इससे शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रुक गई।
यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. आलोक कुमार गोयल का कहना है कि शिक्षकों की कमी से शिक्षक दबाव में हैं और पढ़ाई प्रभावित है। नए कुलपति के सामने भी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला उठाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षकों की कमी की वजह से गोरखपुर यूनिवर्सिटी में शैक्षिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हैं। स्थिति यह है कि आधे से ज्यादा पद रिक्त हैं। 363 पद स्वीकृत है, लेकिन मात्र 172 शिक्षक ही हैं। कुछ विभागों में तो यह स्थिति है कि पीएचडी और जेआरएफ उपाधि धारक अध्यापन का काम करते हैं। कार्यकाल खत्म होने के पहले कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। रिक्तियों का विज्ञापन भी जारी होने के बाद आरक्षण संबंधी नियमावली की वजह से इसे पुन: प्रकाशित किया गया। 7 दिसंबर को पैनल भी गठित कर दिया गया था, लेकिन सरकार ने 12 दिसंबर को आदेश जारी कर कुलपति को नियुक्ति संबंधी अधिकार को रोक दिया। इससे शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रुक गई।
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. आलोक कुमार गोयल का कहना है कि शिक्षकों की कमी से शिक्षक दबाव में हैं और पढ़ाई प्रभावित है। नए कुलपति के सामने भी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला उठाया जाएगा।
विज्ञापन