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गोरखपुर शहर या ग्रामीण से ताल ठोकेंगे सुनील सिंह
अमर उजाला ब्यरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 01 Feb 2017 01:26 AM IST
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प्रेस वार्ता करते हियुवा के सुनील सिंह व अन्य।
- फोटो : Amar Ujala
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सदर सांसद महंत आदित्यनाथ से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरी हिंदू युवा वाहिनी बुधवार को बस्ती और सिद्धार्थनगर की सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। हियुवा अब तक छह सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर चुकी है। कभी नौतनवा से भाजपा के टिकट के लिए दावेदार माने जा रहे प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह जहां गोरखपुर शहर या ग्रामीण विधानसभा से ताल ठोक सकते हैं तो वहीं महामंत्री रामलक्ष्मण फिर बांसगांव से अपनी किस्मत आजमाएंगे।
मंगलवार को हुई कोर कमेटी की बैठक में इस पर सहमति बन गई। बुधवार को इसकी औपचारिक घोषणा भी हो जाएगी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक सुनील के शहर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी डॉ आरएमडी के खिलाफ चुनाव लड़ने की उम्मीद ज्यादा है। ‘अमर उजाला’ से हुई बातचीत में सुनील सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री के चुनाव लड़ने पर संशय था मगर कोर कमेटी ने निर्णय किया है कि ये दोनों पदाधिकारी भी चुनाव लड़ें। उन्होंने कहा कि बस्ती, सिद्धार्थनगर के बाद देवरिया और कुशीनगर की कुछ विधानसभा सीटों पर भी हिंदू युवा वाहिनी अपने प्रत्याशी उतारेगी। उधर, सुनील सिंह ने एक बार फिर कहा कि उनकी लड़ाई महंत नहीं बल्कि भाजपा से है। महंत, उनके लिए पूज्यनीय हैं और वे जो भी कर रहे हैं उनके सम्मान के लिए कर रहे हैं। भाजपा ने उन्हें वो सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। ऐसे में हियुवा इस चुनाव में भाजपा को जवाब देकर महंत की बेक द्री का बदला लेगी।
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‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि संगठन के संविधान में इसकी पूरी व्याख्या है। पहले अनुशासन समिति संबंधित पदाधिकारी को नोटिस देगी। पदाधिकारी, समिति को अपना स्पष्टीकरण देगा। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट कोर कमेटी को देगी। फिर कोर कमेटी ही यह निर्णय करेगी संबंधित पदाधिकारी को उसके पद या संगठन से हटाया जाए या नहीं, जबकि उनके मामले में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। बिना विधिक प्रक्रिया पूरी किए एक प्रेस नोट पर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष और रामलक्ष्मण को प्रदेश महामंत्री पद से हटाने की कार्रवाई को वह नहीं मानते। विधिक तौर पर वह ही हियुवा के प्रदेश अध्यक्ष और रामलक्ष्मण प्रदेश महामंत्री। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अगर किसी को संदेह हो तो वह अधिवेशन बुला सकता है। 80 फीसदी लोग उनके साथ हैं।
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मंगलवार को हुई कोर कमेटी की बैठक में इस पर सहमति बन गई। बुधवार को इसकी औपचारिक घोषणा भी हो जाएगी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक सुनील के शहर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी डॉ आरएमडी के खिलाफ चुनाव लड़ने की उम्मीद ज्यादा है। ‘अमर उजाला’ से हुई बातचीत में सुनील सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री के चुनाव लड़ने पर संशय था मगर कोर कमेटी ने निर्णय किया है कि ये दोनों पदाधिकारी भी चुनाव लड़ें। उन्होंने कहा कि बस्ती, सिद्धार्थनगर के बाद देवरिया और कुशीनगर की कुछ विधानसभा सीटों पर भी हिंदू युवा वाहिनी अपने प्रत्याशी उतारेगी। उधर, सुनील सिंह ने एक बार फिर कहा कि उनकी लड़ाई महंत नहीं बल्कि भाजपा से है। महंत, उनके लिए पूज्यनीय हैं और वे जो भी कर रहे हैं उनके सम्मान के लिए कर रहे हैं। भाजपा ने उन्हें वो सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। ऐसे में हियुवा इस चुनाव में भाजपा को जवाब देकर महंत की बेक द्री का बदला लेगी।
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महंत की कार्रवाई गलत, मैं ही हूं प्रदेश अध्यक्ष : सुनील
हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने की कार्रवाई पर मंगलवार को सुनील सिंह ने निष्कासन की कार्रवाई पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया। बोले, सिर्फ महंत आदित्यनाथ के निर्देश का हवाला देते हुए एक प्रेस नोट के जरिए उन्हें पद से नहीं हटाया जा सकता।
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‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि संगठन के संविधान में इसकी पूरी व्याख्या है। पहले अनुशासन समिति संबंधित पदाधिकारी को नोटिस देगी। पदाधिकारी, समिति को अपना स्पष्टीकरण देगा। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट कोर कमेटी को देगी। फिर कोर कमेटी ही यह निर्णय करेगी संबंधित पदाधिकारी को उसके पद या संगठन से हटाया जाए या नहीं, जबकि उनके मामले में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। बिना विधिक प्रक्रिया पूरी किए एक प्रेस नोट पर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष और रामलक्ष्मण को प्रदेश महामंत्री पद से हटाने की कार्रवाई को वह नहीं मानते। विधिक तौर पर वह ही हियुवा के प्रदेश अध्यक्ष और रामलक्ष्मण प्रदेश महामंत्री। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अगर किसी को संदेह हो तो वह अधिवेशन बुला सकता है। 80 फीसदी लोग उनके साथ हैं।