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बेटियां मुश्किलों का डटकर मुकाबला करें: लव कुमार
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2015 12:44 AM IST
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अमर उजाला फाउण्डेशन की ओर से शहर के सात कॉलेजों में चलाए गए ‘पावर एंजेल्स’ कार्यक्रम का शुक्रवार को रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में समापन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि एसएसपी लव कुमार ने छात्राओं के हौसले और हुनर की सराहना की। नसीहत दी कि शारीरिक मजबूती के साथ ही खुद को हमेशा मानसिक रूप से मजबूत रखें। परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, घबराने के बजाय उनका डटकर मुकाबला करें।
अमर उजाला फाउण्डेशन के ‘बेटी ही बचाएगी’ अभियान के तहत तीन महीने तक शहर के इंटर कॉलेजों में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। पंद्रह-पंद्रह दिनों का यह आयोजन एबीसी पब्लिक स्कूल, भगवती प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज, एडी कन्या इंटर कॉलेज, रामदेई कन्या इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, मसकरा इंटर कॉलेज, आरपीएम एकेडमी रुस्तमपुर में हुआ।
समापन समारोह में जुटी छात्राओं ने सामूहिक रूप से ट्रेनिंग में हासिल कौशल का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि ने इस पहल को सराहा, साथ ही छात्राओं से आग्रह किया कि अपने आसपास होने वाले अन्याय को देखकर चुप बैठने की बजाय उसे खत्म करने के लिए आगे आएं, जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद जरूर लें। फोन नम्बर 1090 का हवाला देकर कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पुलिस की कोशिश है। इस मौके पर डॉ. मसर्रत नकवी ने कहा कि ‘अमर उजाला’ के ऐसे प्रयासों की सराहना न सिर्फ देश में हो रही है बल्कि इंटरनेट के जरिए ख़बर रखने वाले विदेशी साथी भी इसके कायल हो गए हैं। महिलाओं को हर परिस्थिति का मुकाबला करने का हुनर आना चाहिए।
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छात्राओं को प्रशिक्षित करने का यह आयोजन पूर्वांचल नि:युद्ध अकादमी के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप के नेतृत्व और प्रशिक्षकों अर्पिता श्रीवास्तव, रोशनी पाल और योगेंद्र प्रताप की देखरेख में चला। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने भी अपने कौशल का प्रदर्शन किया। संचालन जिम्नास्टिक के प्रशिक्षक अकरम परवेज ने किया। इस मौके पर क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी एसएएच नकवी, फिरोज आरा, ताइक्वांडो प्रशिक्षक लालदेव, प्रवीण, सीमा विश्वकर्मा, विजय लक्ष्मी सिंह, अजय सिंह सहित बड़ी संख्या में कॉलेज की शिक्षक और छात्राएं मौजूद रहीं।
जिम्नास्टिक खिलाड़ियों ने भरा जोश
समापन समारोह के दौरान रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले जिम्नास्ट ने प्रशिक्षक सीमा विश्वकर्मा की देखरेख में दिलचस्प प्रस्तुति देकर छात्राओं में जोश भर दिया। श्रेया, क्षितिज, जितेंद्र, विवेक, अमन, सतीश, सनी और अंकित के प्रदर्शन की खूब तारीफ हुई।
हर हाल में अपनी हिफाजत के काबिल
लड़कियों के लिए पावर एंजेल कार्यक्रम वरदान साबित हुआ है। इसमें ट्रेनिंग लेने के बाद खुद पर विश्वास बढ़ा है। अब हम किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा कर सकते हैं।
श्रद्धा त्रिपाठी, आर्य कन्या इंटर कॉलेज
दूसरों की भी कर सकती हूं मदद
मनचलों से मुकाबले के लिए अब मैं हर समय तैयार रहती हूं। ट्रेनिंग से पहले डर लगता था, लेकिन अब दिल से डर पूरी तरह से निकल गया है। अब मैं दूसरों की भी मदद कर सकती हूं।
श्वेता मिश्रा, आर्य कन्या इंटर कॉलेज
घरवालों का भी बढ़ा है विश्वास
पहले स्कूल से आने में जरा भी देर होती थी तो घर वाले परेशान हो जाते थे, लेकिन अब उनका भी विश्वास बढ़ा है। स्कूल से लेकर घर तक अब मैं अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हूं।
शिवांगी यादव, भगवती प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज
ट्रेनिंग से शक्ति आ गई
सड़क से गुजरते वक्त अक्सर मन में संकोच या कहें कि डर रहता था, लेकिन अब वह छूमंतर हो गया है। मुझे अपने आप पर, मुश्किल से निपटने के अपने कौशल पर भरोसा पैदा हुआ है।
खुशी मद्देशिया, भगवती प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज
अपने आप को समझने की जरूरत
लड़कियों को सबसे पहले अपने आप को समझने की जरूरत है। मैंने सीख लिया है कि अगर हम खुद पर विश्वास रखें तो कोई हालात मुश्किल नहीं हैं।
उमरा खान, एडी कन्या इंटर कॉलेज
शोहदों का सामना कर सकती हूं
तमाम ऐसे लोग हैं जो लड़कियों को देखते ही फब्तियां कसने लगते हैं। ऐसे लोगों का मन को बढ़ाने से अच्छा है कि उनका डटकर सामना करें। ऐसा करने से हम दूसरों की भी मदद कर सकते हैं।
नेहा गुप्ता, एडी कन्या इंटर कॉलेज
अमर उजाला फाउण्डेशन के ‘बेटी ही बचाएगी’ अभियान के तहत तीन महीने तक शहर के इंटर कॉलेजों में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। पंद्रह-पंद्रह दिनों का यह आयोजन एबीसी पब्लिक स्कूल, भगवती प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज, एडी कन्या इंटर कॉलेज, रामदेई कन्या इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, मसकरा इंटर कॉलेज, आरपीएम एकेडमी रुस्तमपुर में हुआ।
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समापन समारोह में जुटी छात्राओं ने सामूहिक रूप से ट्रेनिंग में हासिल कौशल का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि ने इस पहल को सराहा, साथ ही छात्राओं से आग्रह किया कि अपने आसपास होने वाले अन्याय को देखकर चुप बैठने की बजाय उसे खत्म करने के लिए आगे आएं, जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद जरूर लें। फोन नम्बर 1090 का हवाला देकर कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पुलिस की कोशिश है। इस मौके पर डॉ. मसर्रत नकवी ने कहा कि ‘अमर उजाला’ के ऐसे प्रयासों की सराहना न सिर्फ देश में हो रही है बल्कि इंटरनेट के जरिए ख़बर रखने वाले विदेशी साथी भी इसके कायल हो गए हैं। महिलाओं को हर परिस्थिति का मुकाबला करने का हुनर आना चाहिए।
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छात्राओं को प्रशिक्षित करने का यह आयोजन पूर्वांचल नि:युद्ध अकादमी के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप के नेतृत्व और प्रशिक्षकों अर्पिता श्रीवास्तव, रोशनी पाल और योगेंद्र प्रताप की देखरेख में चला। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने भी अपने कौशल का प्रदर्शन किया। संचालन जिम्नास्टिक के प्रशिक्षक अकरम परवेज ने किया। इस मौके पर क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी एसएएच नकवी, फिरोज आरा, ताइक्वांडो प्रशिक्षक लालदेव, प्रवीण, सीमा विश्वकर्मा, विजय लक्ष्मी सिंह, अजय सिंह सहित बड़ी संख्या में कॉलेज की शिक्षक और छात्राएं मौजूद रहीं।
जिम्नास्टिक खिलाड़ियों ने भरा जोश
समापन समारोह के दौरान रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले जिम्नास्ट ने प्रशिक्षक सीमा विश्वकर्मा की देखरेख में दिलचस्प प्रस्तुति देकर छात्राओं में जोश भर दिया। श्रेया, क्षितिज, जितेंद्र, विवेक, अमन, सतीश, सनी और अंकित के प्रदर्शन की खूब तारीफ हुई।
हर हाल में अपनी हिफाजत के काबिल
लड़कियों के लिए पावर एंजेल कार्यक्रम वरदान साबित हुआ है। इसमें ट्रेनिंग लेने के बाद खुद पर विश्वास बढ़ा है। अब हम किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा कर सकते हैं।
श्रद्धा त्रिपाठी, आर्य कन्या इंटर कॉलेज
दूसरों की भी कर सकती हूं मदद
मनचलों से मुकाबले के लिए अब मैं हर समय तैयार रहती हूं। ट्रेनिंग से पहले डर लगता था, लेकिन अब दिल से डर पूरी तरह से निकल गया है। अब मैं दूसरों की भी मदद कर सकती हूं।
श्वेता मिश्रा, आर्य कन्या इंटर कॉलेज
घरवालों का भी बढ़ा है विश्वास
पहले स्कूल से आने में जरा भी देर होती थी तो घर वाले परेशान हो जाते थे, लेकिन अब उनका भी विश्वास बढ़ा है। स्कूल से लेकर घर तक अब मैं अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हूं।
शिवांगी यादव, भगवती प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज
ट्रेनिंग से शक्ति आ गई
सड़क से गुजरते वक्त अक्सर मन में संकोच या कहें कि डर रहता था, लेकिन अब वह छूमंतर हो गया है। मुझे अपने आप पर, मुश्किल से निपटने के अपने कौशल पर भरोसा पैदा हुआ है।
खुशी मद्देशिया, भगवती प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज
अपने आप को समझने की जरूरत
लड़कियों को सबसे पहले अपने आप को समझने की जरूरत है। मैंने सीख लिया है कि अगर हम खुद पर विश्वास रखें तो कोई हालात मुश्किल नहीं हैं।
उमरा खान, एडी कन्या इंटर कॉलेज
शोहदों का सामना कर सकती हूं
तमाम ऐसे लोग हैं जो लड़कियों को देखते ही फब्तियां कसने लगते हैं। ऐसे लोगों का मन को बढ़ाने से अच्छा है कि उनका डटकर सामना करें। ऐसा करने से हम दूसरों की भी मदद कर सकते हैं।
नेहा गुप्ता, एडी कन्या इंटर कॉलेज