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एसएससी आनलाइन परीक्षा में सॉल्वर समेत चार गिरफ्तार, एक अब भी फरार
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गोरखपुर में सॉलवर गिरोह के चार गिरफ्तार सदस्यों के एसपी नार्थ अरविंद पाण्डेय, एसपी क्राइम अशोक व
एसएससी के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से साल्वर समेत चार गिरफ्तार
गोरखपुर। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से दो साल्वर, एक परीक्षार्थी समेत चार युवकों को क्राइम ब्रांच और पिपराइच पुलिस ने मंगलवार दोपहर में गिरफ्तार कर लिया। सभी को जंगल धूसड़ स्थित परीक्षा केंद्र ई टेक्निकल सेंटर के बाहर से पकड़ा गया। इनका एक साथी फरार हो गया। फरार आरोपी ही गैंग का सरगना है। जिसकी पहचान बिहार के नालंदा निवासी कुंदन के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है। पुलिस के अनुसार ये सभी मंगलवार को आयोजित एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देने आए थे।
एसपी नार्थ अरविंद कुमार पांडेय और सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी नौसड़ स्थित स्वास्तिक ऑनलाइन और जंगल धूसड़ स्थित ई टेक्निकल सेंटर पर एसएससी की परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देने कुछ साल्वर आ रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों जगहों पर घेराबंदी की। नौसड़ सेंटर पर कोई साल्वर नहीं आया। लेकिन जंगल धूसड़ में सेंटर के बाहर दो लग्जरी कार में पांच लोग दिखे। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया। एक युवक भाग निकला। गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान बिहार के जहानाबाद के छकौड़ी बीघा निवासी बलजीत कुमार सिंह, नालंदा के पटेल नगर निवासी सुबोध कुमार, जहानाबाद के थल्लू बिहार निवासी राजेश कुमार और नालंदा के सिंधू निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई। एसपी नार्थ ने बताया कि राहुल और राजेश साल्वर हैं, जो बलजीत के जगह पर परीक्षा देने आए थे। इन्हें गैंग के सरगना कुंदन के कहने पर सुबोध लेकर यहां आया था। पुलिस ने इनके पास से प्रवेश पत्र, अलग-अलग नाम के नौ आधार कार्ड, एक निर्वाचन कार्ड, एक पैन कार्ड, सात मोबाइल फोन, पांच पासपोर्ट, आठ एटीएम कार्ड, चार सौ रुपये बरामद हुए। पुलिस ने इनकी दोनों कारें जब्त कर लीं हैं।
परीक्षा से पहले पचास हजार, नौकरी मिलने पर वसूलते थे 2.5 लाख
एसएससी परीक्षा में धांधली के आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया
एक दूसरे से नहीं हैं परिचित, मोबाइल से ही होता था संपर्क
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि नौकरी दिलाने का सौदा तीन लाख में होता था। गैंग का सरगना कुंदन परीक्षा दिलाने के लिए एक अभ्यर्थी से एडवांस के तौर पर पचास हजार रुपये लेता था। नौकरी मिलने के बाद 2.5 लाख रुपये वसूला जाता था। अगर नौकरी नहीं मिली तो 2.5 लाख नहीं लेते थे। परीक्षार्थी से संपर्क के बाद ऑनलाइन परीक्षा के लिए साल्वर का फर्जी आधार कार्ड सहित अन्य कागजात शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों के जरिए बनवाया जाता था। परीक्षार्थियों से मिली रकम को गैंग के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
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पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य इतनी सफाई से काम करते हैं कि इन्हें एक दूसरे के बारे में जानकारी नहीं होती। सभी का एक दूसरे से संपर्क मोबाइल फोन के जरिए होता था। गैंग का सरगना कुंदन मोबाइल फोन सुबोध को उपलब्ध कराता है। परीक्षा से एक दिन पहले सुबोध सभी से संपर्क कर परीक्षा केंद्र वाले शहर में बुलाता था। सभी किसी होटल में रूकते थे और वहां भी एक दूसरे के बारे में ज्यादा पूछताछ नहीं करते थे। काम पूरा होने के बाद अपने-अपने हिस्से की रकम लेकर वापस चले जाते हैं।
प्रापर्टी डीलिंग करता है सुबोध
सुबोध सरगना कुंदन का दाहिना हाथ है। वह प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है। उसका कारोबार नालंदा, जहानाबाद आदि शहरों में है। ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में कुंदन के कहने पर वह साल्वरों को फोन कर परीक्षा वाली जगह लाता था।
बलजीत के पास से मिले दो प्रवेश पत्र
पुलिस के अनुसार बलजीत कुमार सिंह के पास से दो प्रवेश पत्र मिले हैं। उस पर अभ्यर्थी का पता व फोटो अंकित था। एक पर बलजीत की फोटो और दूसरे पर किसी अन्य की फोटो थी। दोनों प्रमाण पत्रों पर अभ्यर्थी बलजीत कुमार का ही हस्ताक्षर है। परीक्षा केंद्र का नाम ई परीक्षा टेक्निकल कैंपस, जंगल धूसड़ निकट महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, भट्ठा चौराहा पिपराइच रोड लिखा था।
देरी से पहुंचे तो नहीं हो पाई इंट्री
सीओ ने बताया कि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर ढाई बजे तक पहुंचना था पर आरोपी साढ़े तीन बजे पहुंचे इसलिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला और मुखबिर की सूचना पर टीम ने बाहर से ही दबोच लिया।
ऑनलाइन परीक्षा सेंटर बने नकल के अड्डे
शहर कई सेंटरों पर विभिन्न नौकरियों के लिए ऑनलाइन परीक्षाएं होतीं हैं। इनमें से कुछ सेंटरों से अक्सर नकल के मामले सामने आते हैं। नौसड़ स्थित स्वास्तिक ऑनलाइन सेंटर से कई बार साल्वर पकड़े गए हैं। पकड़े गए आरोपियों में अधिकांश बिहार के नालंदा, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर आदि शहरों के होते हैं। मास्टरमाइंड अभ्यर्थी से मोटी रकम वसूलते हैं और साल्वरों को छह से सात हजार रुपये देते हैं।
पहले भी पकड़े गए हैं साल्वर
14 सितंबर 2018 को यूपीपीसीएल (यूपी पावर कार्पोरेशन) की सहायक समीक्षा अधिकारी की ऑनलाइन परीक्षा में स्वास्तिक सेंटर से अभ्यर्थी बस्ती निवासी अलमास, गोरखपुर निवासी दिलीप कुमार वर्मा और साल्वर बिहार के छपरा निवासी रोशन कुमार और मुजफ्फरपुर निवासी राजीव यादव गिरफ्तार हुए थे।
31 अक्तूबर 2018 को रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में स्वास्तिक सेंटर से बिहार के जहानाबाद निवासी साल्वर दिनेश कुमार और नालंदा निवासी राजीव कुमार पकड़े गए थे।
21 सितंबर 2018 को पिपराइच स्थित एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में अभ्यर्थी अमित, साल्वर अभिषेक , रोहित, राजीव व पंकज पकड़े गए थे।
15 सिंतंबर 2017 को दरोगा के प्लाटून कमांडर की ऑनलाइन परीक्षा में स्वास्तिक परीक्षा सेंटर से अभिषेक रंजन, अभ्यर्थी रमेश प्रसाद, मास्टरमाइंड अवधेश गिरफ्तार हुुए थे।
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गोरखपुर। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से दो साल्वर, एक परीक्षार्थी समेत चार युवकों को क्राइम ब्रांच और पिपराइच पुलिस ने मंगलवार दोपहर में गिरफ्तार कर लिया। सभी को जंगल धूसड़ स्थित परीक्षा केंद्र ई टेक्निकल सेंटर के बाहर से पकड़ा गया। इनका एक साथी फरार हो गया। फरार आरोपी ही गैंग का सरगना है। जिसकी पहचान बिहार के नालंदा निवासी कुंदन के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है। पुलिस के अनुसार ये सभी मंगलवार को आयोजित एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देने आए थे।
एसपी नार्थ अरविंद कुमार पांडेय और सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी नौसड़ स्थित स्वास्तिक ऑनलाइन और जंगल धूसड़ स्थित ई टेक्निकल सेंटर पर एसएससी की परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देने कुछ साल्वर आ रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों जगहों पर घेराबंदी की। नौसड़ सेंटर पर कोई साल्वर नहीं आया। लेकिन जंगल धूसड़ में सेंटर के बाहर दो लग्जरी कार में पांच लोग दिखे। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया। एक युवक भाग निकला। गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान बिहार के जहानाबाद के छकौड़ी बीघा निवासी बलजीत कुमार सिंह, नालंदा के पटेल नगर निवासी सुबोध कुमार, जहानाबाद के थल्लू बिहार निवासी राजेश कुमार और नालंदा के सिंधू निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई। एसपी नार्थ ने बताया कि राहुल और राजेश साल्वर हैं, जो बलजीत के जगह पर परीक्षा देने आए थे। इन्हें गैंग के सरगना कुंदन के कहने पर सुबोध लेकर यहां आया था। पुलिस ने इनके पास से प्रवेश पत्र, अलग-अलग नाम के नौ आधार कार्ड, एक निर्वाचन कार्ड, एक पैन कार्ड, सात मोबाइल फोन, पांच पासपोर्ट, आठ एटीएम कार्ड, चार सौ रुपये बरामद हुए। पुलिस ने इनकी दोनों कारें जब्त कर लीं हैं।
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परीक्षा से पहले पचास हजार, नौकरी मिलने पर वसूलते थे 2.5 लाख
एसएससी परीक्षा में धांधली के आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया
एक दूसरे से नहीं हैं परिचित, मोबाइल से ही होता था संपर्क
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि नौकरी दिलाने का सौदा तीन लाख में होता था। गैंग का सरगना कुंदन परीक्षा दिलाने के लिए एक अभ्यर्थी से एडवांस के तौर पर पचास हजार रुपये लेता था। नौकरी मिलने के बाद 2.5 लाख रुपये वसूला जाता था। अगर नौकरी नहीं मिली तो 2.5 लाख नहीं लेते थे। परीक्षार्थी से संपर्क के बाद ऑनलाइन परीक्षा के लिए साल्वर का फर्जी आधार कार्ड सहित अन्य कागजात शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों के जरिए बनवाया जाता था। परीक्षार्थियों से मिली रकम को गैंग के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
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पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य इतनी सफाई से काम करते हैं कि इन्हें एक दूसरे के बारे में जानकारी नहीं होती। सभी का एक दूसरे से संपर्क मोबाइल फोन के जरिए होता था। गैंग का सरगना कुंदन मोबाइल फोन सुबोध को उपलब्ध कराता है। परीक्षा से एक दिन पहले सुबोध सभी से संपर्क कर परीक्षा केंद्र वाले शहर में बुलाता था। सभी किसी होटल में रूकते थे और वहां भी एक दूसरे के बारे में ज्यादा पूछताछ नहीं करते थे। काम पूरा होने के बाद अपने-अपने हिस्से की रकम लेकर वापस चले जाते हैं।
प्रापर्टी डीलिंग करता है सुबोध
सुबोध सरगना कुंदन का दाहिना हाथ है। वह प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है। उसका कारोबार नालंदा, जहानाबाद आदि शहरों में है। ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में कुंदन के कहने पर वह साल्वरों को फोन कर परीक्षा वाली जगह लाता था।
बलजीत के पास से मिले दो प्रवेश पत्र
पुलिस के अनुसार बलजीत कुमार सिंह के पास से दो प्रवेश पत्र मिले हैं। उस पर अभ्यर्थी का पता व फोटो अंकित था। एक पर बलजीत की फोटो और दूसरे पर किसी अन्य की फोटो थी। दोनों प्रमाण पत्रों पर अभ्यर्थी बलजीत कुमार का ही हस्ताक्षर है। परीक्षा केंद्र का नाम ई परीक्षा टेक्निकल कैंपस, जंगल धूसड़ निकट महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, भट्ठा चौराहा पिपराइच रोड लिखा था।
देरी से पहुंचे तो नहीं हो पाई इंट्री
सीओ ने बताया कि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर ढाई बजे तक पहुंचना था पर आरोपी साढ़े तीन बजे पहुंचे इसलिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला और मुखबिर की सूचना पर टीम ने बाहर से ही दबोच लिया।
ऑनलाइन परीक्षा सेंटर बने नकल के अड्डे
शहर कई सेंटरों पर विभिन्न नौकरियों के लिए ऑनलाइन परीक्षाएं होतीं हैं। इनमें से कुछ सेंटरों से अक्सर नकल के मामले सामने आते हैं। नौसड़ स्थित स्वास्तिक ऑनलाइन सेंटर से कई बार साल्वर पकड़े गए हैं। पकड़े गए आरोपियों में अधिकांश बिहार के नालंदा, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर आदि शहरों के होते हैं। मास्टरमाइंड अभ्यर्थी से मोटी रकम वसूलते हैं और साल्वरों को छह से सात हजार रुपये देते हैं।
पहले भी पकड़े गए हैं साल्वर
14 सितंबर 2018 को यूपीपीसीएल (यूपी पावर कार्पोरेशन) की सहायक समीक्षा अधिकारी की ऑनलाइन परीक्षा में स्वास्तिक सेंटर से अभ्यर्थी बस्ती निवासी अलमास, गोरखपुर निवासी दिलीप कुमार वर्मा और साल्वर बिहार के छपरा निवासी रोशन कुमार और मुजफ्फरपुर निवासी राजीव यादव गिरफ्तार हुए थे।
31 अक्तूबर 2018 को रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में स्वास्तिक सेंटर से बिहार के जहानाबाद निवासी साल्वर दिनेश कुमार और नालंदा निवासी राजीव कुमार पकड़े गए थे।
21 सितंबर 2018 को पिपराइच स्थित एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में अभ्यर्थी अमित, साल्वर अभिषेक , रोहित, राजीव व पंकज पकड़े गए थे।
15 सिंतंबर 2017 को दरोगा के प्लाटून कमांडर की ऑनलाइन परीक्षा में स्वास्तिक परीक्षा सेंटर से अभिषेक रंजन, अभ्यर्थी रमेश प्रसाद, मास्टरमाइंड अवधेश गिरफ्तार हुुए थे।