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जुलाई से एस्टोटर्फ ग्राउंड और कुश्ती हॉल में होगी प्रैक्टिस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 25 Apr 2017 01:55 AM IST
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स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे खेल निदेशक आरपी सिंह।
- फोटो : Amar Ujala
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रीजनल स्टेडियम का निरीक्षण करने के एक दिन बाद खेल निदेशक आरपी सिंह ने सोमवार को स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण कर कामों की समीक्षा की। निर्माण एजेंसी के लचर रवैये पर फटकार लगाते हुए दो महीने में एस्टोटर्फ ग्राउंड और कुश्ती हॉल केे निर्माण को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।
सोमवार सुबह वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज पहुंचे खेल निदेशक आरपी सिंह सीधे निर्माणाधीन कुश्ती हॉल पहुंचे। इस दौरान राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एके शुक्ल और जेई रजनीश श्रीवास्तव से निर्माण में हुई देरी की वजह पूछी और संतोषजनक जवाब ने मिलने पर नाराजगी जताई। इसके बाद हॉकी के एस्टोटर्फ ग्राउंड का जायजा लिया। इस दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर ने गिट्टी और बालू न मिलने से काम में देरी होने की बात बताई। इस पर खेल निदेशक ने दोनों ही जगहों पर निर्माण कार्य दो महीने में पूरा करने का निर्देश दिया।
बताया कि ग्राउंड और कुश्ती हॉल के लिए दिसंबर 2015 में ही बजट अवमुक्त हुआ था, लेकिन एक साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी इसका काम पूरा न हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। दो महीनें में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जुलाई से खिलाड़ी ग्राउंड और कुश्ती हॉल में प्रैक्टिस कर सकेंगे। निरीक्षण के दौरान स्पोर्ट्स कॉलेज की प्रधानाचार्य संतोष रावत, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी एके पांडेय भी मौजूद थे।
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स्टेडियम में टहलने वालों के लिए बन रही योजना
खेल निदेशक ने बताया कि रीजनल स्टेडियम में टहलने वालों के पंजीकरण का सख्ती से पालन होगा। इस पर शासन से बात चल रही है। कार्ययोजना बनते ही इसे लागू किया जाएगा। हाल ही में ‘अमर उजाला’ ने ‘छह रुपये चमका सकते हैं स्टेडियम’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें वहां संसाधनों के इस्तेमाल करने के बाद भी नागरिकों द्वारा पंजीकरण शुल्क न जमा करने का मुद्दा उठाया गया था। इसी के बाद से जिम्मेदार इसका कड़ाई से पालन करने की योजना बना रहे हैं।
प्रदेश का पहला तीन मैट वाला कुश्ती हॉल
स्पोर्ट्स कॉलेज में बन रहा कुश्ती हॉल प्रदेश का पहला ऐसा हॉल है, जहां तीन मैट पर कुश्ती करने की सुविधा मिल सकेगी। दिसंबर 2015 में 516.36 लाख के बजट की पहली किस्त अवमुक्त हुई थी, मगर आज तक इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। 45 बाई 30 फुट में बन रहे इस हॉल में एक मैट करीब 12 बाई 12 का लगाया जा रहा है। इस पर पहलवानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली कुश्ती की तैयारी की सुविधा मिल सकेगी। वहीं स्पोर्ट्स कॉलेज में बन रहे हॉकी के एस्टोटर्फ ग्राउंड के लिए भी उसी समय 694.55 लाख का बजट जारी हुआ। ग्राउंड का काम भी निर्माण एजेंसी के लचर रवैये का खामियाजा भुगत रहा है।
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सोमवार सुबह वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज पहुंचे खेल निदेशक आरपी सिंह सीधे निर्माणाधीन कुश्ती हॉल पहुंचे। इस दौरान राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एके शुक्ल और जेई रजनीश श्रीवास्तव से निर्माण में हुई देरी की वजह पूछी और संतोषजनक जवाब ने मिलने पर नाराजगी जताई। इसके बाद हॉकी के एस्टोटर्फ ग्राउंड का जायजा लिया। इस दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर ने गिट्टी और बालू न मिलने से काम में देरी होने की बात बताई। इस पर खेल निदेशक ने दोनों ही जगहों पर निर्माण कार्य दो महीने में पूरा करने का निर्देश दिया।
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बताया कि ग्राउंड और कुश्ती हॉल के लिए दिसंबर 2015 में ही बजट अवमुक्त हुआ था, लेकिन एक साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी इसका काम पूरा न हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। दो महीनें में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जुलाई से खिलाड़ी ग्राउंड और कुश्ती हॉल में प्रैक्टिस कर सकेंगे। निरीक्षण के दौरान स्पोर्ट्स कॉलेज की प्रधानाचार्य संतोष रावत, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी एके पांडेय भी मौजूद थे।
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स्टेडियम में टहलने वालों के लिए बन रही योजना
खेल निदेशक ने बताया कि रीजनल स्टेडियम में टहलने वालों के पंजीकरण का सख्ती से पालन होगा। इस पर शासन से बात चल रही है। कार्ययोजना बनते ही इसे लागू किया जाएगा। हाल ही में ‘अमर उजाला’ ने ‘छह रुपये चमका सकते हैं स्टेडियम’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें वहां संसाधनों के इस्तेमाल करने के बाद भी नागरिकों द्वारा पंजीकरण शुल्क न जमा करने का मुद्दा उठाया गया था। इसी के बाद से जिम्मेदार इसका कड़ाई से पालन करने की योजना बना रहे हैं।
प्रदेश का पहला तीन मैट वाला कुश्ती हॉल
स्पोर्ट्स कॉलेज में बन रहा कुश्ती हॉल प्रदेश का पहला ऐसा हॉल है, जहां तीन मैट पर कुश्ती करने की सुविधा मिल सकेगी। दिसंबर 2015 में 516.36 लाख के बजट की पहली किस्त अवमुक्त हुई थी, मगर आज तक इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। 45 बाई 30 फुट में बन रहे इस हॉल में एक मैट करीब 12 बाई 12 का लगाया जा रहा है। इस पर पहलवानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली कुश्ती की तैयारी की सुविधा मिल सकेगी। वहीं स्पोर्ट्स कॉलेज में बन रहे हॉकी के एस्टोटर्फ ग्राउंड के लिए भी उसी समय 694.55 लाख का बजट जारी हुआ। ग्राउंड का काम भी निर्माण एजेंसी के लचर रवैये का खामियाजा भुगत रहा है।