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किराया न देने पर छह दुकानों का आवंटन निरस्त
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Feb 2016 02:08 AM IST
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एक लाख रुपये से ज्यादा बकाया वाले 50 दुकानदारों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए पहले तालाबंदी और फिर दुकानों का आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। वहीं सख्ती दिखाते हुए बकाया न चुकाने पर पांच दुकानों का आवंटन निरस्त किया गया है। नोटिस की अवधि 17 फरवरी को समाप्त हो रही है। फिर से उस दुकान का आवंटन कराने के लिए छह गुना ज्यादा रकम खर्च करनी होगी।
शहर में नगर निगम की तकरीबन 2250 दुकानें हैं। इनमें से कई दुकानदारों ने लंबेे अरसे से दुकान का किराया नहीं चुकाया है। ऐसे में नगर निगम ने इन दुकानदारों के खिलाफ सख्ती करते हुए पांच दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही 50 दुकानदारों को नोटिस दिया गया है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रबीश चंद्र ने बताया कि अगर इन दुकानों का आवंटन निरस्त होता है तो न सिर्फ दुकानों का किराया छह गुना बढ़ जाएगा बल्कि आवंटन के लिए भी तकरीबन छह गुना ज्यादा खर्च करनी होगी।
पहले जिन दुकानों के आवंटन के लिए सर्किल रेट के अनुसार अधिकतम 60 हजार रुपये देना पड़ता था, वहीं अब उसी दुकान के लिए तीन लाख रुपये तक देना पड़ जाएगा। साथ ही किराया 600 रुपये से बढ़कर 3600 रुपये हो जाएगा।
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शहर में नगर निगम की तकरीबन 2250 दुकानें हैं। इनमें से कई दुकानदारों ने लंबेे अरसे से दुकान का किराया नहीं चुकाया है। ऐसे में नगर निगम ने इन दुकानदारों के खिलाफ सख्ती करते हुए पांच दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही 50 दुकानदारों को नोटिस दिया गया है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रबीश चंद्र ने बताया कि अगर इन दुकानों का आवंटन निरस्त होता है तो न सिर्फ दुकानों का किराया छह गुना बढ़ जाएगा बल्कि आवंटन के लिए भी तकरीबन छह गुना ज्यादा खर्च करनी होगी।
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पहले जिन दुकानों के आवंटन के लिए सर्किल रेट के अनुसार अधिकतम 60 हजार रुपये देना पड़ता था, वहीं अब उसी दुकान के लिए तीन लाख रुपये तक देना पड़ जाएगा। साथ ही किराया 600 रुपये से बढ़कर 3600 रुपये हो जाएगा।
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