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बिकने से बची सीलिंग की जमीन, जांच के आदेश 

Fri, 29 Apr 2016 08:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Fri, 29 Apr 2016 08:41 PM IST
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sealing's land are not sold, oreder to enquiry
जमीन
महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो में प्रशासन द्वारा घोषित सीलिंग की जमीन बवाले-ए-जान बन गई है। कई बार हुए विवाद के बाद एक बार फिर इस जमीन को लेकर मामला गरमा गया है। सप्ताह भर पूर्व कुछ भू- माफियाओं ने रजिस्ट्री दफ्तर में अफसरों पर दबाव बनाकर जबरन वहां की चार जमीन का बैनामा कराने की कोशिश की।
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इसकी सूचना जब दिलीप सिंह मजीठिया के मुख्तारेआम को लगी तो वे भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए और अपना पक्ष रखते हुए जमीन को अब भी सरकारी बताया। फिलहाल बैनामा तो नहीं हुआ मगर यह मामला डीएम ओएन सिंह तक पहुंच गया।
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मजीठिया के मुख्तारेआम अखिलेश चंद यादव ने उनसे शिकायत की थी कि कुछ भू-माफिया सीलिंग की जमीन बेचना चाहते हैं, जबकि दस्तावेजों पर उनका कहीं भी नाम नहीं है। डीएम ने इस मामले में एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह को जांच सौंपी थी। सूत्रों के मुताबिक एआईजी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को दे दी है।
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इसमें कहा गया है कि शशि कुमार के साथ कुछ लोग सप्ताह भर पहले महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो की चार जमीन का बैनामा करने आए थे। उनके अधिवक्ताओं का कहना था कि गाटा संख्या 222/1/1 के कुल क्षेत्रफल में से पांच एकड़ जमीन का विक्रय वर्ष 1972 में शशि कुमार के पक्ष में हुआ था। लिहाजा वे जमीन के मालिक हैं और बैनामा करने के हकदार भी।

दस्तावेजों की जांच की गई तो पता चला कि इस जमीन से जुड़े कई मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। यही नहीं, उक्त भूमि की खतौनी में यह भूमि श्रेणी चार यानी सीलिंग की जमीन के तौर पर दर्ज है।

बता दें कि इस जमीन पर मालिकाना हक को लेकर शशि कुमार की तरफ से सिविल जज सीनियर डिविजन के यहां अपना नाम दर्ज कराने के लिए अपील की थी जो खारिज हो चुकी है। यही नहीं, हाईकोर्ट से भी उनकी अपील खारिज की जा चुकी है। कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी क ी है कि इतने बड़े रकबे में उनकी पांच एकड़ जमीन कहां है, यह वह खुद तय कर प्रमाण समेत बताएं।


कोर्ट ने उन्हें सिविल कोर्ट में अपील करने की सलाह दी मगर  दोबारा भी वहां उनकी अपील खारिज हो गई। वहीं महादेव झारखंडी की सीलिंग की जमीन का पहले भी कुछ भू-माफियाओं द्वारा एग्रीमेंट किया जा चुका है। यही नहीं, इस जमीन पर कुछ माह पूर्व भी सीमेंटेड पीलर लगाने की कोशिश की गई थी मगर तत्कालीन डीएम रंजन कुमार के निर्देश पर एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंच कर पीलर जब्द कर लिए।
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