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चंद्रवीर हत्याकांड से प्रदीप सिंह बरी
gorakhpur
Updated Mon, 17 Oct 2016 09:04 PM IST
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बारह साल पहले सिविल कोर्ट परिसर में हुए चंद्रबीर सिंह हत्याकांड के आरोप से सहजनवां के मल्हीपुर निवासी प्रदीप सिंह को विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट सीताराम वर्मा ने सबूत के अभाव में बरी कर दिया।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि घटना 4 अगस्त 2004 को दिन के लगभग एक बजे की है। घटना की रिपोर्ट वादी सुधीर सिंह ने कैंट थाने में दर्ज कराया था। तहरीर में वादी का कथन था कि पिपरौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह की जिला पंचायत गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के दिन मृतक चंद्रवीर और वादी उसी मुकदमे की तारीख लेने आया था। तभी बदमाशों ने चंद्रवीर को गोली मार दी। वादी ने भाग कर जान बचाई।
अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने चंद्रवीर को मृत घोषित कर दिया।
कोर्ट में वादी सुधीर सिंह को छोड़कर सभी गवाह पक्ष द्रोही हो गए और अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों के आधार पर वादी की घटनास्थल पर उपस्थिति संदेहास्पद पाया और सबूत के अभाव में प्रदीप सिंह को बरी कर दिया।
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कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि घटना 4 अगस्त 2004 को दिन के लगभग एक बजे की है। घटना की रिपोर्ट वादी सुधीर सिंह ने कैंट थाने में दर्ज कराया था। तहरीर में वादी का कथन था कि पिपरौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह की जिला पंचायत गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के दिन मृतक चंद्रवीर और वादी उसी मुकदमे की तारीख लेने आया था। तभी बदमाशों ने चंद्रवीर को गोली मार दी। वादी ने भाग कर जान बचाई।
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अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने चंद्रवीर को मृत घोषित कर दिया।
कोर्ट में वादी सुधीर सिंह को छोड़कर सभी गवाह पक्ष द्रोही हो गए और अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों के आधार पर वादी की घटनास्थल पर उपस्थिति संदेहास्पद पाया और सबूत के अभाव में प्रदीप सिंह को बरी कर दिया।
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