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मेडिकल कॉलेज में मासूम की मौत पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 20 Apr 2017 01:53 AM IST
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : Amar Ujala
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूम की मौत के बाद घरवालों ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। घरवालों की तहरीर पर पुलिस जांच में जुटी है।
चिलुआताल इलाके के दुर्गापुर निवासी दुर्गेश यादव की पत्नी पिंकी देवी को 17 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद मंगलवार को उन्होंने बच्चे का जन्म दिया। बुधवार की सुबह डॉक्टर ने बच्चे को गहन शिशु कक्ष में भर्ती कराने को कहा, मगर जब घरवाले वहां पहुंचे तो वहां के डॉक्टर ने बच्चे को स्वस्थ बताते हुए वापस कर दिया। बच्चे को लेकर घरवाले जब वार्ड में पहुंचे तो एक बार फिर उसकी तबियत बिगड़ गई।
आनन-फानन में घरवाले जब बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद घरवालों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना है कि अगर समय रहते बच्चे को सही इलाज हुआ होता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। डॉक्टरों की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है। इस मामले में एसआईसी डॉ. एके सिंह का कहना है कि अगर इलाज में लापरवाही हुई है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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चिलुआताल इलाके के दुर्गापुर निवासी दुर्गेश यादव की पत्नी पिंकी देवी को 17 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद मंगलवार को उन्होंने बच्चे का जन्म दिया। बुधवार की सुबह डॉक्टर ने बच्चे को गहन शिशु कक्ष में भर्ती कराने को कहा, मगर जब घरवाले वहां पहुंचे तो वहां के डॉक्टर ने बच्चे को स्वस्थ बताते हुए वापस कर दिया। बच्चे को लेकर घरवाले जब वार्ड में पहुंचे तो एक बार फिर उसकी तबियत बिगड़ गई।
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आनन-फानन में घरवाले जब बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद घरवालों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना है कि अगर समय रहते बच्चे को सही इलाज हुआ होता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। डॉक्टरों की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है। इस मामले में एसआईसी डॉ. एके सिंह का कहना है कि अगर इलाज में लापरवाही हुई है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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