फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   ruckus in district hospital for ct scan

जिला अस्पताल में सीटी स्कैन के लिए हंगामा

Sat, 13 Feb 2016 08:55 PM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 13 Feb 2016 08:55 PM IST
विज्ञापन
ruckus in district hospital for ct scan
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था कई दिनों से ठप होने पर शनिवार को मरीजों के सब्र टूट गया। लोगों ने वहां जमकर हंगामा किया। किसी तरह उन्हें समझाकर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
विज्ञापन


जिला अस्पताल में डॉक्टर न होने से एक फरवरी से ही सीटी स्कैन नहीं हो पा रहा है। यहां आने वाले मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। पहले जिला अस्पताल और फिर यहां से मेडिकल कॉलेज के सफर में तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा वहां सीटी स्कैन के लिए 820 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, प्राइवेट डायग्नोसिस सेंटर में कम से कम 1500 रुपये खर्च करने होते हैं, जबकि जिला अस्पताल में यह जांच 500 रुपये में हो जाती थी। इसके अलावा नि:शुल्क इलाज की सुविधा का लाभ लेने वाले बीपीएल कार्ड धारकों को भी अब रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन


इन्हीं सब समस्याओं को लेकर शनिवार को मरीजों और उनके तीमारदारों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने लोगों को समझाकर मेडिकल कॉलेज रेफर किया। वहीं डॉक्टर की नियुक्ति को लेकर भी एसआईसी और एडी हेल्थ में खींचतान चल रही है। एसआईसी का कहना है कि दूसरे जिले में ट्रेंड डॉक्टर होने के बावजूद एडी हेल्थ की जिद के कारण उनकी तैनाती यहां नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि जिन टेक्नीशियनों की जरूरत नहीं है उन्हें बेवजह संबंद्ध किया गया है और जिस डॉक्टर की जरूरत है उसकी नियुक्ति नहीं की जा रही है। दोनों ही अफसरों के बीच के मतभेद में जिला अस्पताल में सीटी स्कैन ठप पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट का कहना है कि आए दिन मरीजों और उनके तीमारदारों से कहासुनी हो रही है। इसके कारण अन्य जांच के लिए आने वाले मरीजों के लिए भी समस्या खड़ी हो जा रही है।

एडी हेल्थ को डॉक्टर के लिए कई बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है। उनसे कहा जा चुका है कि जब तक शासन से ट्रेंड डॉक्टर नहीं मिलते हैं। तब तक एक डॉक्टर को अटैच कर दें। ताकि मरीजों को न लौटना पड़े।

- डॉ. एचआर यादव, एसआईसी

रोजाना लौटाई जा रहीं हैं गर्भवती
महिला अस्पताल से रोजाना ही गर्भवती लौटाई जा रही हैं। यहां जनवरी के शुरुआत से ही एक ही रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे काम चल रहा है, जबकि सीएमओ के अधीन कई ट्रेंड डॉक्टर हैं जो इस काम को कर सकते हैं। एक ही रेडियोलॉजिस्ट होने की वजह से 50 महिलाओं का ही एक दिन में अल्ट्रासाउंड हो पाता है। वह भी रेडियोलॉजिस्ट जिला अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र से भेजे गए हैं, जिसे एसआईसी वापस मांग चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed