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रूट डायवर्जन से रोका जाम
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 05 Jun 2017 09:06 PM IST
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फलमंडी के पास लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को गोरखपुर-लखनऊ रूट पर चलने वाली रोडवेज बसों को डायवर्ट कर दिया। इससे रुस्तमपुर, फलमंडी और नौसड़ के आसपास जाम नहीं लगा। यह डायवर्जन दो घंटे (सुबह 9 बजे से 11 बजे तक) तक रहा। यातायात व्यवस्था सामान्य तरीके से चली। रोडवेज की बसों को देवरिया बाईपास से जगदीशपुर फोरलेन के रास्ते राष्ट्रीय राजमार्ग से निकाला गया। एसपी ट्रैफिक का कहना है कि यह डायवर्जन पहली बार किया गया। प्रयोग सफल रहा तो इसे हर सोमवार को लागू किया जा सकता है।
फलमंडी के आसपास जाम लगने की सूचना सोमवार को सुबह ही मिल गई। इसका संज्ञान एसपी ट्रैफिक श्रीप्रकाश द्विवेदी ने लिया। साथ ही मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। देवरिया बाईपास ही गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग की रोडवेज बसों को डायवर्ट करा दिया। जगदीशपुर फोरलेन से बसें राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गईं, फिर लखनऊ के लिए रवाना हुईं। इस प्रयोग से यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई। रुस्तमपुर से नौसड़ तक वाहन फर्राटा भरते रहे। सुबह 11 बजे के बाद डायवर्जन हटा लिया गया। इसके बाद बसें गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग (फलमंडी रोड) से होकर जाने लगीं। इसी का नतीजा रहा कि हर सोमवार को रूट डायवर्जन पर चर्चा शुरू हो गई। यातायात विभाग का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो सोमवार का डायवर्जन आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसा हुआ तो यात्री किराया में बढ़ोतरी संभव है, क्योंकि देवरिया बाईपास से रूट डायवर्जन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर जाने वाली बसों से टोल टैक्स वसूला जाता है। इसका भार भी यात्रियों पर आ सकता है।
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हर सोमवार को फलमंडी के पास जाम अधिक लगता है। प्रयोग के तौर पर लखनऊ रूट की बसों को डायवर्ट कर चलाया गया। बेहतर रिस्पांस मिला है। भविष्य में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए इसे नियमित किया जा सकता है। बेहतर विकल्प को लेकर इस पर विमर्श किया जाएगा।
- श्रीप्रकाश, एसपी ट्रैफिक
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फलमंडी के आसपास जाम लगने की सूचना सोमवार को सुबह ही मिल गई। इसका संज्ञान एसपी ट्रैफिक श्रीप्रकाश द्विवेदी ने लिया। साथ ही मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। देवरिया बाईपास ही गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग की रोडवेज बसों को डायवर्ट करा दिया। जगदीशपुर फोरलेन से बसें राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गईं, फिर लखनऊ के लिए रवाना हुईं। इस प्रयोग से यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई। रुस्तमपुर से नौसड़ तक वाहन फर्राटा भरते रहे। सुबह 11 बजे के बाद डायवर्जन हटा लिया गया। इसके बाद बसें गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग (फलमंडी रोड) से होकर जाने लगीं। इसी का नतीजा रहा कि हर सोमवार को रूट डायवर्जन पर चर्चा शुरू हो गई। यातायात विभाग का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो सोमवार का डायवर्जन आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसा हुआ तो यात्री किराया में बढ़ोतरी संभव है, क्योंकि देवरिया बाईपास से रूट डायवर्जन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर जाने वाली बसों से टोल टैक्स वसूला जाता है। इसका भार भी यात्रियों पर आ सकता है।
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88 बसें रोजाना चलती हैं लखनऊ रूट पर
गोरखपुर बस डिपो से रोजाना लखनऊ के लिए 88 रोडवेज बसें चलती हैं। इनमें 50 बसें रेगुलर और 28 बसें एसी हैं। एआरएम आरके मंडल ने बताया कि अगर प्रशासन रूट डायवर्ट करने के प्रयोग को नियमित करता है तो किराया बढ़ाया जाएगा। इसके बाद सर्वे कर देखा जाएगा कि कितना किलोमीटर बढ़ा है और उसी के हिसाब से किराया तय होगा।
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यात्रियों की बढ़ी समस्या
ट्रैफिक सुधारने को लेकर किया प्रयोग सफल रहा लेकिन इससे रुस्तमपुर, फलमंडी, महेवा, नौसढ़ चौराहे पर बसों में चढ़ने वाले यात्रियों की समस्या बढ़ गई। सोमवार को उन्हें बस पकड़ने के लिए देवरिया बाईपास मोड़ तक आना पड़ा। वहीं कुछ यात्रियों को जब बसें वहां भी नहीं मिली तो वे बस स्टेशन पहुंच गए।हर सोमवार को फलमंडी के पास जाम अधिक लगता है। प्रयोग के तौर पर लखनऊ रूट की बसों को डायवर्ट कर चलाया गया। बेहतर रिस्पांस मिला है। भविष्य में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए इसे नियमित किया जा सकता है। बेहतर विकल्प को लेकर इस पर विमर्श किया जाएगा।
- श्रीप्रकाश, एसपी ट्रैफिक