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रजिस्ट्री विभाग: गहरा रही नोट पर रोक की चोट
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 10 Nov 2016 08:11 PM IST
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कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्री ऑफिस गुरुवार को भी सूना रहा।
- फोटो : shivharsh
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पांच सौ और हजार रुपये की नोटों पर रोक की चोट रजिस्ट्री विभाग में गहराती जा रही है। गुरुवार को विभाग में सन्नाटा और बढ़ गया। जिले के सभी आठ रजिस्ट्री दफ्तरों में महज 24 बैनामें ही हुए, जिनसे विभाग को 25.42 लाख रुपये की आय हुई। बुधवार को 83 बैनामे हुए थे और 40 लाख रुपये मिले थे।
एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह के मुताबिक शहर के दोनों कार्यालयों में ही सर्वाधिक 13 बैनामे हुए। इनमें सदर प्रथम में छह और द्वितीय में सात बैनामें शामिल हैं। अमूमन पूरे जिले में 170 से 200 बैनामें होते हैं। इनसे 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक की आय होती है। दो दिन में विभाग को एक करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। बताया जा रहा है कि इन दो दिनों में हुए बैनामो में भी लेन-देन पहले ही हो चुकी थी। ऐसे में आने वाले दिनों में विभाग का यह नुकसान और बढ़ेगा।
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एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह के मुताबिक शहर के दोनों कार्यालयों में ही सर्वाधिक 13 बैनामे हुए। इनमें सदर प्रथम में छह और द्वितीय में सात बैनामें शामिल हैं। अमूमन पूरे जिले में 170 से 200 बैनामें होते हैं। इनसे 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक की आय होती है। दो दिन में विभाग को एक करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। बताया जा रहा है कि इन दो दिनों में हुए बैनामो में भी लेन-देन पहले ही हो चुकी थी। ऐसे में आने वाले दिनों में विभाग का यह नुकसान और बढ़ेगा।
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कोषागार में लेन-देन ठप, वेंडर परेशान
गोरखपुर। कोषागार में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा और एक भी स्टांप नहीं बेचे गए। मुख्य कोषाधिकारी अजय सोनकर का कहना है कि जब तक लोगों के हाथ में नई नोट नहीं पहुंच जाती, स्टांप की बिक्री पर रोक लगी रहेगी। उधर, ट्रेजरी द्वारा बिके हुए स्टांप के रुपये नहीं लेने पर वेंडर भी परेशान हैं। उनका कहना है कि ज्यादातर नोट पांच सौ और हजार के ही हैं और ट्रेजरी उन्हें ले नहीं रहा। ऐसे में राह निकाली गई कि वेंडर अपने एकाउंट में रुपये जमा करें फिर ट्रेजरी के खाते में आरटीजीएस के जरिए स्टांप का भुगतान किया जा सकता है, हालांकि ट्रेजरी ने इस पर अपनी अंतिम रजामंदी नहीं दी है।
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