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दो यात्रियों को एक ही बर्थ, पूर्वांचल एक्सप्रेस में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 12 Jun 2016 12:36 AM IST
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कोलकाता जाने वाली पूर्वांचल एक्सप्रेस में शनिवार को दो-दो यात्रियों को एक ही बर्थ एलॉट करने की चूक का मामला सामने आया है। इसके चलते ट्रेन में गोरखपुर से लेकर मऊ स्टेशन की अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बर्थ पर दावे को लेकर कई यात्री आपस में भिड़ भी गए। मऊ में संशोधित चार्ट ट्रेन में चल रहे चेकिंग स्टाफ का उपलब्ध कराया गया।
पूर्वांचल एक्सप्रेस (15050) सुबह 8 बजे गोरखपुर से रवाना हुई। कुछ यात्री गोरखपुर में ही चढ़ गए। कुछ देवरिया और भटनी में चढ़े। परेशानी तब बढ़ी जब एक ही बर्थ के दो दावेदार सामने आ गए। एसी-2 के बर्थ नंबर 21, 43 और 45 को दो यात्री अपना बताने लगे। एसी-3 के तीन बर्थों पर भी यह स्थिति सामने आई। शयनयान श्रेणी के एस-7 के अलावा एस-11 में 25, 26, 28 और 31 तथा एस-12 के 51 और 54 नंबर के बर्थ पर भी दो-दो यात्रियों के नाम आरक्षित थे। पहले तो बर्थ को लेकर यात्री भिड़ गए, लेकिन जब यह लड़ाई कोच कंडक्टर के पास पहुंची तो उनके कान भी खड़े हो गए।
कोच कंडक्टर ने जब अपना चार्ट देखा तो उसमें भी एक-एक बर्थ दो-दो यात्रियों के नाम पर दर्ज थे। कंडक्टर ने तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। जानकारी मिलते ही रेल प्रशासन ने तेजी दिखाई और मऊ में दूसरा संशोधित चार्ट चेकिंग स्टाफ को उपलब्ध कराया। हालांकि संशोधित चार्ट में बर्थ से वंचित हुए यात्रियों ने रेल इंतजाम को खूब कोया।
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गलत प्रिंट हो गया चार्ट
कोच में जितने बर्थ थे, उतने ही यात्रियों को टिकट जारी किए गए थे। सप्लीमेंट्री बनाते समय चार्ट में नाम गलत प्रिंट हो गया था। सूचना मिलते ही उसे दुरुस्त करा लिया। चार्ट गलत कैसे प्रिंट हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी।
संजय यादव, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे
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पूर्वांचल एक्सप्रेस (15050) सुबह 8 बजे गोरखपुर से रवाना हुई। कुछ यात्री गोरखपुर में ही चढ़ गए। कुछ देवरिया और भटनी में चढ़े। परेशानी तब बढ़ी जब एक ही बर्थ के दो दावेदार सामने आ गए। एसी-2 के बर्थ नंबर 21, 43 और 45 को दो यात्री अपना बताने लगे। एसी-3 के तीन बर्थों पर भी यह स्थिति सामने आई। शयनयान श्रेणी के एस-7 के अलावा एस-11 में 25, 26, 28 और 31 तथा एस-12 के 51 और 54 नंबर के बर्थ पर भी दो-दो यात्रियों के नाम आरक्षित थे। पहले तो बर्थ को लेकर यात्री भिड़ गए, लेकिन जब यह लड़ाई कोच कंडक्टर के पास पहुंची तो उनके कान भी खड़े हो गए।
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कोच कंडक्टर ने जब अपना चार्ट देखा तो उसमें भी एक-एक बर्थ दो-दो यात्रियों के नाम पर दर्ज थे। कंडक्टर ने तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। जानकारी मिलते ही रेल प्रशासन ने तेजी दिखाई और मऊ में दूसरा संशोधित चार्ट चेकिंग स्टाफ को उपलब्ध कराया। हालांकि संशोधित चार्ट में बर्थ से वंचित हुए यात्रियों ने रेल इंतजाम को खूब कोया।
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गलत प्रिंट हो गया चार्ट
कोच में जितने बर्थ थे, उतने ही यात्रियों को टिकट जारी किए गए थे। सप्लीमेंट्री बनाते समय चार्ट में नाम गलत प्रिंट हो गया था। सूचना मिलते ही उसे दुरुस्त करा लिया। चार्ट गलत कैसे प्रिंट हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी।
संजय यादव, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे