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‘परदेशी कलेक्शन’ पर पीएफ टीम का छापा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 11 Jun 2016 01:35 AM IST
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बलदेव प्लाजा स्थित परदेशी क्लेक्शन में जांच करते पीएफ विभाग के अफसर।
- फोटो : shivharsh
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क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय की टीम ने शुक्रवार को शहर में बड़ी कार्रवाई की। गोलघर के बलदेवा प्लाजा स्थित ‘परदेशी कलेक्शन’ और उसी के भीतर स्थित दो और फर्म ‘परदेशी फे मिली बाजार’ और ‘परदेशी मेंस वियर’ पर छापामारी कर वहां काम करने वालों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
टीम ने तारामंडल रोड स्थित रॉयल इनफिल्ड के डीलर मैसर्स ‘शिव मोटर्स’ और वेस्पा स्कूटर के विक्रय केंद्र ‘विशाल मोटर्स’ की भी जांच की। शिव प्रसाद जायसवाल इन पांचों फर्मोँ के प्रोपराइटर है या फिर पार्टनर हैं । जांच में हर फर्म में काम करने वालों का पीएफ जमा नहीं किए जाने की बात सामने आई। फर्म संचालक को पक्ष रखने का मौका दिया गया है। इसके बाद पीएफ बकाये का निर्धारण होगा।
विभाग के अफसरों के आकलन के मुताबिक इन सभी पांच फर्म पर कर्मचारियों के पीएफ के तौर पर करोड़ों बकाया निकल सकता है। दरअसल ‘परदेशी कलेक्शन’ 1999 से चल रही है जबकि ‘परदेशी फे मिली बाजार’ 2009 से। इसी तरह ‘परदेशी मेंस वियर’ को भी दो साल से अधिक का समय हो गया और ‘शिव मोटर्स’ और ‘विशाल मोटर्स’ को भी साल भर से अधिक का समय गुजरने को है। इन सभी फर्म में 75 से अधिक कर्मचारी काम करते हुए पाए गए हैं। सभी को आठ हजार या उससे अधिक का वेतन दिया जाता है। बकाये का निर्धारण होने के बाद जुर्माना और फिर ब्याज की रकम भी जोड़ी जाएगी।
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बताया जा रहा है कि शहर में पीएफ महकमे की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। महकमे के 18 अफसरों और छह पुलिस वालों की टीम ने करीब डेढ़ बजे कार्रवाई शुरू की। एक-एक कर जब टीम कई फर्मों तक पहुंची तो आसपास के अन्य कारोबारी प्रतिष्ठानों में हड़कंप जैसी स्थिति हो गई। कुछ दुकानदारों ने तो अपने कारिंदों को कुछ समय के लिए प्रतिष्ठान से बाहर भगा दिया। अलबत्ता जांच थमने के बाद सभी के कामगार काम पर लौट आए।
पीएफ टीम को धमकी
कार्रवाई के दौरान फर्म से जुड़े कुछ लोगों ने पीएफ ऑफिस की टीम को देख लेने की धमकी भी दी। यही नहीं टीम के मुताबिक जांच में भी बाधा भी पैदा की गई मगर जब सख्ती की गई तो धमकी देने वालों के तेवर नरम पड़ गए। जांच के दौरान कई फर्मों में काम करने वालों की संख्या, उनकी उपस्थिति और तैनाती से संबंधित रिकॉर्ड देखने को नहीं मिला।
सूचना मिली थी कि संबंधित फर्मों में कर्मचारियों की भविष्य निधि का अंशदान नहीं जमा किया जा रहा है। इसी की जांच के लिए कार्रवाई की गई। जांच में भी इसकी पुष्टि हुई। फर्म को अपना पक्ष रखने के लिए एक मौका दिया गया है। इसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के मुताबिक बकाए का निर्धारण किया जाएगा। बकाया तय होने पर जुर्माने और ब्याज की रकम भी तय की जाएगी।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर
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टीम ने तारामंडल रोड स्थित रॉयल इनफिल्ड के डीलर मैसर्स ‘शिव मोटर्स’ और वेस्पा स्कूटर के विक्रय केंद्र ‘विशाल मोटर्स’ की भी जांच की। शिव प्रसाद जायसवाल इन पांचों फर्मोँ के प्रोपराइटर है या फिर पार्टनर हैं । जांच में हर फर्म में काम करने वालों का पीएफ जमा नहीं किए जाने की बात सामने आई। फर्म संचालक को पक्ष रखने का मौका दिया गया है। इसके बाद पीएफ बकाये का निर्धारण होगा।
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विभाग के अफसरों के आकलन के मुताबिक इन सभी पांच फर्म पर कर्मचारियों के पीएफ के तौर पर करोड़ों बकाया निकल सकता है। दरअसल ‘परदेशी कलेक्शन’ 1999 से चल रही है जबकि ‘परदेशी फे मिली बाजार’ 2009 से। इसी तरह ‘परदेशी मेंस वियर’ को भी दो साल से अधिक का समय हो गया और ‘शिव मोटर्स’ और ‘विशाल मोटर्स’ को भी साल भर से अधिक का समय गुजरने को है। इन सभी फर्म में 75 से अधिक कर्मचारी काम करते हुए पाए गए हैं। सभी को आठ हजार या उससे अधिक का वेतन दिया जाता है। बकाये का निर्धारण होने के बाद जुर्माना और फिर ब्याज की रकम भी जोड़ी जाएगी।
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बताया जा रहा है कि शहर में पीएफ महकमे की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। महकमे के 18 अफसरों और छह पुलिस वालों की टीम ने करीब डेढ़ बजे कार्रवाई शुरू की। एक-एक कर जब टीम कई फर्मों तक पहुंची तो आसपास के अन्य कारोबारी प्रतिष्ठानों में हड़कंप जैसी स्थिति हो गई। कुछ दुकानदारों ने तो अपने कारिंदों को कुछ समय के लिए प्रतिष्ठान से बाहर भगा दिया। अलबत्ता जांच थमने के बाद सभी के कामगार काम पर लौट आए।
पीएफ टीम को धमकी
कार्रवाई के दौरान फर्म से जुड़े कुछ लोगों ने पीएफ ऑफिस की टीम को देख लेने की धमकी भी दी। यही नहीं टीम के मुताबिक जांच में भी बाधा भी पैदा की गई मगर जब सख्ती की गई तो धमकी देने वालों के तेवर नरम पड़ गए। जांच के दौरान कई फर्मों में काम करने वालों की संख्या, उनकी उपस्थिति और तैनाती से संबंधित रिकॉर्ड देखने को नहीं मिला।
सूचना मिली थी कि संबंधित फर्मों में कर्मचारियों की भविष्य निधि का अंशदान नहीं जमा किया जा रहा है। इसी की जांच के लिए कार्रवाई की गई। जांच में भी इसकी पुष्टि हुई। फर्म को अपना पक्ष रखने के लिए एक मौका दिया गया है। इसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम के मुताबिक बकाए का निर्धारण किया जाएगा। बकाया तय होने पर जुर्माने और ब्याज की रकम भी तय की जाएगी।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर