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सत्ता की खुशामद में पिटते-पिटते बचा आरटीओ स्टाफ
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 05 Nov 2016 12:11 AM IST
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मारपीट
- फोटो : demo
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सत्ता की खुशामद में जुटा आरटीओ स्टाफ रेलवे स्टेशन पर पिटते-पिटते बच गया। तीखी नोकझोंक व मारपीट की नौबत होने पर मौजूद लोगों ने स्थिति संभाली। सत्ताधारी दल लखनऊ में शनिवार को पार्टी की रजत जयंती समारोह मनाने जा रहा है। जहां पार्टी के दिग्गजों का जमावड़ा होना है। इस समारोह में शामिल होने के लिए गोरखपुर से भी समर्थकों को जाना है, जिनकी खुशामद के लिए आरटीओ स्टाफ शुक्रवार को वाहनों की व्यवस्था करने निकल पड़ा।
दरअसल लंबी दूरी की ज्यादातर निजी बसों का संचालन रेलवे स्टेशन से होता है और यहीं पर निजी टूर एंड ट्रैवल्स के तमाम दफ्तर खुले हुए हैं। इसलिए आरटीओ के कई अफसर और कर्मचारी सपा नेताओं को लखनऊ भेजने के लिए बस की व्यवस्था करने रेलवे स्टेशन पहुंच गए। स्टाफ के लोग एक बस मालिक को लखनऊ चलने के लिए मनाने लगे। मगर वह नहीं माना तो आरटीओ स्टाफ जोर-जबरदस्ती पर उतर आया। इससे उनमें तीखी नोकझोंक होने लगी।
इस बीच वहां कई दूसरे टूर आपरेटर्स भी जुट गए, जिन्होंने जबरदस्ती बस पकड़ने का विरोध किया। मगर आरटीओ स्टाफ बस ले जाने पर अड़ा रहा। इसके बाद माहौल गरमा गया। एकजुट हुए टूर ऑपरेटर्स आरटीओ स्टाफ पर भारी पड़ने लगे और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। बाद में कुछ लोगों के बीच-बचाव करने पर मामला शांत हुआ।
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- चालक तेजी से बस भगा रहा था। इस स्थिति में भीड़-भाड़ वाले इलाके में किसी को भी चोट लग सकती थी। इस पर स्टाफ के लोगों की चालक से बहस हो गई। मारपीट की जानकारी मुझे नहीं है।
- राकेश सिंह, आरटीओ (प्रवर्तन)
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दरअसल लंबी दूरी की ज्यादातर निजी बसों का संचालन रेलवे स्टेशन से होता है और यहीं पर निजी टूर एंड ट्रैवल्स के तमाम दफ्तर खुले हुए हैं। इसलिए आरटीओ के कई अफसर और कर्मचारी सपा नेताओं को लखनऊ भेजने के लिए बस की व्यवस्था करने रेलवे स्टेशन पहुंच गए। स्टाफ के लोग एक बस मालिक को लखनऊ चलने के लिए मनाने लगे। मगर वह नहीं माना तो आरटीओ स्टाफ जोर-जबरदस्ती पर उतर आया। इससे उनमें तीखी नोकझोंक होने लगी।
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इस बीच वहां कई दूसरे टूर आपरेटर्स भी जुट गए, जिन्होंने जबरदस्ती बस पकड़ने का विरोध किया। मगर आरटीओ स्टाफ बस ले जाने पर अड़ा रहा। इसके बाद माहौल गरमा गया। एकजुट हुए टूर ऑपरेटर्स आरटीओ स्टाफ पर भारी पड़ने लगे और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। बाद में कुछ लोगों के बीच-बचाव करने पर मामला शांत हुआ।
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- चालक तेजी से बस भगा रहा था। इस स्थिति में भीड़-भाड़ वाले इलाके में किसी को भी चोट लग सकती थी। इस पर स्टाफ के लोगों की चालक से बहस हो गई। मारपीट की जानकारी मुझे नहीं है।
- राकेश सिंह, आरटीओ (प्रवर्तन)