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मेडिकोलीगल कराने वालों की बढ़ी मुसीबत
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2016 09:34 PM IST
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गोरखपुर। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन ठप होने से मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी मेडिकोलीगल के लिए आने वाले मरीजों को हो रही है। चूंकि मेडिकल कॉलेज में प्राइवेट पैथोलॉजी में सीटी स्कैन होता है, ऐसे में वहां मेडिकोलीगल नहीं हो पा रहे हैं। यदि जल्द जिला अस्पताल में सीटी स्कैन शुरू नहीं हुआ तो मेडिकल कराने के लिए मरीजों को लखनऊ ही रेफर किया जाएगा।
जिला अस्पताल में डॉक्टर के सेवानिवृत्त होने से चार दिन पहले सीटी स्कैन पूरी तरह ठप हो चुकी है। इसके कारण मरीजों को अब मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। साधारण मरीजों की जांच तो वहां स्थित प्राइवेट पैथोलॉजी में हो जा रही है। मगर मुसीबत मेडिकोलीगल के मरीजों को हो रही है।
प्राइवेट पैथोलॉजी होने के कारण वहां मेडिकल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अगर जिला अस्पताल में ठप पड़ी सीटी स्कैन की सुविधा जल्द शुरू नहीं हुई तो मरीजों को लखनऊ ही जाना पड़ेगा। उधर, साधारण मरीजों को भी मेडिकल कॉलेज जाने पर ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जो जांच जिला अस्पताल में 500 रुपये में होती है उसके लिए यहां 820 रुपये देने पड़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने इसे लेकर कई बार एडी हेल्थ को पत्र लिखा है।
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जिला अस्पताल में डॉक्टर के सेवानिवृत्त होने से चार दिन पहले सीटी स्कैन पूरी तरह ठप हो चुकी है। इसके कारण मरीजों को अब मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। साधारण मरीजों की जांच तो वहां स्थित प्राइवेट पैथोलॉजी में हो जा रही है। मगर मुसीबत मेडिकोलीगल के मरीजों को हो रही है।
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प्राइवेट पैथोलॉजी होने के कारण वहां मेडिकल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अगर जिला अस्पताल में ठप पड़ी सीटी स्कैन की सुविधा जल्द शुरू नहीं हुई तो मरीजों को लखनऊ ही जाना पड़ेगा। उधर, साधारण मरीजों को भी मेडिकल कॉलेज जाने पर ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जो जांच जिला अस्पताल में 500 रुपये में होती है उसके लिए यहां 820 रुपये देने पड़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने इसे लेकर कई बार एडी हेल्थ को पत्र लिखा है।
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