फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Principal stricts on the death of encephaalytis patients

इंसेफेलाइटिस वार्ड में हुई मौत पर प्राचार्य की दो टूक

Tue, 30 Aug 2016 07:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर। Updated Tue, 30 Aug 2016 07:06 PM IST
विज्ञापन
Principal stricts on the death of encephaalytis patients
इंसेफेलाइ‌ट‌िस
इंसेफेलाइटिस वार्ड में कुशीनगर निवासी मासूम आफताब की मौत के मामले में लापरवाही के आरोपों को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने गंभीरता से लिया है। सुबह होते ही उन्होंने वार्ड का निरीक्षण किया और इस संबंध में डॉक्टरों से जानकारी ली। वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ बैठक कर उन्हें लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई को लेकर चेताया।
विज्ञापन


बता दें कि रविवार रात इंसेफेलाइटिस वार्ड में आफताब की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया था। उनका आरोप था कि मासूम की तड़पकर मौत हो गई, लेकिन वार्ड में चिकित्सक ढूंढे नहीं मिले। उनका कहना था कि अगर समय पर डॉक्टर ने उसे देखा होता तो शायद उसकी जान बच जाती। रात दो बजे हुए इस हंगामे के बारे में सोमवार को अखबार के जरिए प्राचार्य को जानकारी मिली तो सुबह ही वार्ड के निरीक्षण को निकल पड़े। प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्रा ने वार्ड के निरीक्षण के बाद विभाग के सीनियर डॉक्टरों के साथ बैठक की। प्रो. राजीव मिश्रा ने डॉक्टरों से दो टूक कह दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। दो खराब वेंटिलेटर और 18 मॉनीटर के बारे में भी पूछताछ की। कहा कि जो भी कमियां हैं उन्हें जल्द दूर कर लिया जाए।
विज्ञापन

इंसेफेलाइटिस से तीन की मौत, 28 भर्ती

इंसेफेलाइटिस से मंगलवार को तीन और मरीजों की मौत हो गई। इंसेफेलाइटिस से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बीते 24 घंटे के भीतर कुशीनगर तरया सुजान की रिंकी कुमारी (8) पुत्री धमेंद्र, गोंडा प्रेम यादव (3) पुत्र शिवकुमार, गोला बाजार के राज (6) पुत्र संतोष की मौत हो गई। जनवरी से अब तक 770 मरीज इलाज को अकेले मेडिकल कॉलेज में आ चुके है जिसमें से 197 मरीजों की मौत हो चुकी है। अभी 99 मरीजों का उपचार चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉक्टर की लापरवाही से लटका इलाज

एईएस नंबर जारी करने को लेकर डॉक्टरों की लापरवाही मरीजों की मुसीबत बढ़ा रही है। मंगलवार को इसकी जानकारी पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। डॉक्टर को फोन कर तत्काल नंबर जारी करने को कहा। इस सबके बीच मरीज को मुफ्त इलाज देर से शुरू हो सका। मेडिकल कॉलेज में संभावित एईएस के मरीज भर्ती होने के बाद डॉक्टर उसकी जांच कर डायग्नोसिस करते हैं। डॉक्टर रिपोर्ट के आधार पर जब उसे एईएस मरीज घोषित कर देते हैं तो उसका एसईएस नंबर जारी होता है। इस नंबर से ही उसे मुफ्त जांच और दवा की सुुविधा मिलती है।


मंगलवार को डॉक्टर राउंड पर तो गए मगर नंबर जारी ही नहीं किया। जब दोपहर में सीएमओ ने फोन कर मंगलवार को भर्ती हुए मरीजों की संख्या पूछी तब उन्हें इसका पता चला। सीएमओ को बताया गया कि अभी नंबर ही नहीं जारी हुआ है। यह सुनने के बाद सीएमओ खफा हो गए और उन्होंने तत्काल डॉक्टर को फोन कर नाराजगी जाहिर की जिसके बाद नंबर जारी हुआ और मरीजों का मुफ्त इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed