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डाककर्मियों के सांकेतिक हड़ताल से डाकघर रहे बंद
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:48 AM IST
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कर्मचारियों की सांकेतिक हड़ताल से बंद रहे डाकघर।
- फोटो : Amar Ujala
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केंद्रीय कर्मचारी कन्फेडरेशन एंड वर्कर्स के आह्वान पर गुरुवार को गोरखपुर मंडल के डाक कर्मचारियों ने 21 सूत्री मांगों के लिए सांकेतिक हड़ताल की। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के बैनर तले हुए इस हड़ताल में प्रमुख रूप से ग्रुप सी पोस्टमैन, ग्रुप डी और ग्रामीण डाक सेवक शामिल हुए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।
डाककर्मियों की सांकेतिक हड़ताल के चलते गुरुवार को प्रधान डाकघर गोरखपुर बंद रहा। मंडल के अधिकांश उप डाकघर भी बंद रहे। केंद्रीय कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन 26000 करने, सातवें वेतन आयोग का फिटमेंट फार्मूला बदलना, मकान किराया भत्ता, ट्रांसपोर्ट अलाउंस में बढ़ोतरी, खाली पदों को भरने आदि मांगें शामिल हैं।
मंडलीय सचिव उमाशंकर सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने 11 जुलाई 2016 को उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन नौ माह बाद भी उनकी मांगों पर स्वीकृति नहीं हो पाई है, जिसके विरोध में कर्मचारियों ने सांकेतिक हड़ताल की है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी उक्त मांगों पर जल्द अमल नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान जो भी नुकसान होगा, उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
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डाककर्मियों की सांकेतिक हड़ताल के चलते गुरुवार को प्रधान डाकघर गोरखपुर बंद रहा। मंडल के अधिकांश उप डाकघर भी बंद रहे। केंद्रीय कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन 26000 करने, सातवें वेतन आयोग का फिटमेंट फार्मूला बदलना, मकान किराया भत्ता, ट्रांसपोर्ट अलाउंस में बढ़ोतरी, खाली पदों को भरने आदि मांगें शामिल हैं।
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मंडलीय सचिव उमाशंकर सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने 11 जुलाई 2016 को उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन नौ माह बाद भी उनकी मांगों पर स्वीकृति नहीं हो पाई है, जिसके विरोध में कर्मचारियों ने सांकेतिक हड़ताल की है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी उक्त मांगों पर जल्द अमल नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान जो भी नुकसान होगा, उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
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