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योगी मंत्रिमंडल में बढ़ा भाजपा गोरखपुर क्षेत्र का कद

Thu, 22 Aug 2019 02:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2019 02:18 AM IST
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योगी मंत्रिमंडल में बढ़ा भाजपा गोरखपुर क्षेत्र का कद
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संतोष सिंह
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में भाजपा गोरखपुर क्षेत्र का कद बढ़ गया है। मंत्रिमंडल में क्षेत्र के तीन मंडलों (गोरखपुर, आजमगढ़ और बस्ती) के 10 जिलों से नौ मंत्री हैं। इसमें से तीन मंत्रियों ने बुधवार को शपथ ली है। मंत्रिमंडल विस्तार के बहाने भाजपा ने इस क्षेत्र का सामाजिक समीकरण भी साधा है। दो ब्राह्मण (सतीश द्विवेदी व आनंद स्वरूप शुक्ल) और अनुसूचित जाति के एक (श्रीराम चौहान) मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। पहले मंत्रिमंडल में इस क्षेत्र से ब्राह्मण व अनुसूचित जाति को प्रतिनिधित्व नहीं मिला था।
मंत्रिमंडल विस्तार के बहाने मुख्यमंत्री योगी ने मिशन 2022 की तैयारी शुरू कर दी है। मुसलमानों को छोड़ दिया जाए तो इस क्षेत्र से मंत्रिमंडल में हर वर्ग का प्रतिनिधित्व है। मुख्यमंत्री भी इसी क्षेत्र से आते हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि भाजपा ने पूर्वांचल का सामाजिक और जातीय समीकरण साधकर विपक्षियों की धार कुंद कर दी। इस क्षेत्र की घोसी सहित यूपी की कई विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। 2022 में विधानसभा चुनाव भी होंगे। ऐसे में योगी ने युवाओं को मंत्रिमंडल में जगह देकर सकारात्मक संदेश दिया। संतकबीरनगर की घनघटा सीट से विधायक श्रीराम चौहान को मंत्रिमंडल में जगह देकर अनुसूचित जाति के लोगों को रिझाने की कोशिश भी की है। श्रीराम की गिनती अनुसूचित जाति के बड़े नेताओं में होती है। वह दो बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बहाने मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया है। ज्यादातर जनता ऐसा मानती है कि अच्छा प्रदर्शन न करने और शिकायतों के आधार पर कई मंत्रियों की छुट्टी की गई है।
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ये हैं तीन नए मंत्री
सतीश द्विवेदी, सिद्धार्थनगर: एबीवीपी के कार्यकर्ता और शिक्षक रहे सतीश द्विवेदी ने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता है। उन्होंने सपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे माता प्रसाद पांडेय को हराया था। इसका इनाम स्वतंत्र प्रभार मंत्री के तौर पर मिला है। वह ब्राह्मण हैं। समाज में अच्छी पकड़ है।
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श्रीराम चौहान, संतकबीरनगर: सुरक्षित रही बस्ती लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे। अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे थे। श्रीराम चौहान को इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति का बड़ा नेता माना जाता है।
आनंद स्वरूप शुक्ल, बलिया: विधायक आनंद स्वरूप को पहली बार मंत्री बनाया गया है। वह ब्राह्मण हैं। उनकी अपने समाज में अच्छी पैठ है।
पहले से चार कैबिनेट व दो राज्यमंत्री
राजा जय प्रताप सिंह, सिद्धार्थनगर : बांसी इस्टेट के राजा हैं। कैबिनेट मंत्री के तौर पर आबकारी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। क्षत्रिय समाज में अच्छी पकड़ है।
स्वामी प्रसाद मौर्या, कुशीनगर: राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर श्रम मंत्रालय का काम संभाल रहे हैं। ओबीसी समुदाय के बड़े नेता और समाज में अच्छी पकड़।
सूर्य प्रताप शाही, देवरिया: कैबिनेट मंत्री के तौर पर कृषि मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे हैं। वह भूमिहार हैं। भाजपा की क्षेत्रीय इकाई से संबंधित गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल भूमिहार अच्छी संख्या में हैं।
दारा सिंह चौहान, मऊ: कैबिनेट मंत्री के तौर पर वन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दारा सिंह चौहान ओबीसी संवर्ग से आते हैं। इस समाज में उनकी अच्छी पकड़ है।
उपेंद्र तिवारी, बलिया: स्वतंत्र प्रभार मंत्रालय की जिम्मेदारी उठा रहे उपेंद्र तिवारी भूमिहार हैं। उनकी समाज में अच्छी पैठ है।
जय प्रकाश निषाद, देवरिया: गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल में निषादों की संख्या बहुत अच्छी है। अकेले गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में तीन लाख से ज्यादा निषाद मतदाता हैं। जयप्रकाश के बहाने निषाद वोट बैंक को साधा गया था।
प्रभारी मंत्री की कुर्सी गई
गोरखपुर के प्रभारी व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह की कुर्सी चली गई है। वह प्रभारी मंत्री के तौर पर कई बार गोरखपुर आए। विकास कार्यों के साथ ही कानून व्यवस्था की समीक्षा भी की। अब धर्मपाल सिंह से इस्तीफा ले लिया गया है। उनकी जगह जल्द ही गोरखपुर का प्रभारी मंत्री किसी दूसरे को बनाया जाएगा।
चुनाव से पहले, फिर बाद में भी साधा गणित
लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने सामाजिक और जातीय समीकरण साधा था। तब निषाद पार्टी से गठबंधन किया गया, फिर सपा के शहर सांसद प्रवीण निषाद को टिकट देकर संतकबीरनगर से चुनाव मैदान में उतार दिया गया। इसका बड़ा लाभ पार्टी को मिला। पार्टी ने गोरखपुर और बस्ती मंडल की नौ लोकसभा सीटों का चुनाव जीता था। चुनावी परिणाम आने के बाद घोसी से भाजपा विधायक फागू चौहान को राज्यपाल बना दिया गया। वह ओबीसी संवर्ग से आते हैं। उनकी समाज में अच्छी पैठ है।

कोट:::
तीन मंडलों के 10 जिलों में विधानसभा की 62 और लोकसभा की 13 सीटें हैं। तीन नए मंत्रियों ने शपथ ली है। अब इस क्षेत्र से मंत्रियों की संख्या नौ हो गई है। इसमें से चार कैबिनेट मंत्री हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक समीकरण का खास ध्यान दिया गया है। विधायक श्रीराम चौहान क्षेत्र के बड़े नेता हैं। इसका फायदा पार्टी को जरूर मिलेगा। - डॉ. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा गोरखपुर क्षेत्र
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