यूपी: नदियों में उफान से सहमे लोग, सैकड़ों परिवारों ने किया पलायन
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पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश आफत बन गई है। शहर के ही तमाम इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। कई मोहल्लों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। लोग पलायन कर रहे हैं। सबसे खराब स्थिति अलीनगर और शहीदनगर की है। कुर्ना नाले के ओवरफ्लो करने से यहां सब जगह पानी ही पानी है। कमर से ऊपर तक भरे पानी में लोग जान जोखिम में डालकर ट्यूब और रस्सी की मदद से सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। साकेतनगर पूर्वी, इंदिरानगर और गरुणपार मोहल्लों के तीन सौ से अधिक घरों में पानी घुस गया है। हैरानी की बात तो यह है कि प्रशासन इससे बेखबर है।
शुक्रवार को जब ‘अमर उजाला’ टीम इन क्षेत्रों का हाल जानने पहुंची तो लोगों में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा दिखा। बारिश के चलते कुर्ना नाले का पानी अलीनगर के करीब डेढ़ सौ घरों में घुस गया है। मोहल्ले के युवा घरों में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। लोगों का कहना है कि गुरुवार की रात 10 बजे के बाद अचानक पानी बढ़ा। नगर पालिका प्रशासन को बताया गया, लेकिन कोई देखने तक नहीं आया। नाले के किनारे बसे शहीद नगर में सौ से अधिक परिवार पलायन कर गए हैं। घरों से सामान सुरक्षित जगह पहुंचाए जा रहे हैं।
रात में अचानक पानी बढ़ने पर लोगों ने छतों पर बारिश के बीच किसी तरह रात गुजारी। सुबह युवकों ने सभी को बाहर निकाला। कुर्ना नाले का पानी गरूलपार, साकेतनगर, इंदिरा नगर में भी बढ़ रहा है, जबकि शहर से सटे महुआबारी, मूड़ाडीह में भी इसका असर दिख रहा है। महुआबारी जाने वाला मुख्य मार्ग डूब गया है। यहां भी 50 से अधिक परिवार पलायन कर चुके हैं। जो हैं वे बच्चों को अपने रिश्तेदारों के यहां पहुंचा रहे हैं। कठिनइया, सोंदा और रामनाथ देवरिया का कुछ हिस्सा भी पानी से घिर गया है।
नदियों में उफान से सहमे लोग
बारिश के चलते देवरिया ही नहीं महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, कुशीनगर में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सड़कें सब जलमग्न हैं। सिद्धार्थनगर में जहां राप्ती लाल निशान के करीब पहुंच गई है वहीं बूढ़ी राप्ती, कूड़ा नदियां भी उफान पर हैं। महराजगंज में महाव नाले के उफान पर आने से आसपास के लोग सहम गए हैं। धुंधली और मिठौरा में जलभराव से नाराज लोगों ने प्रदर्शन भी किया। बस्ती में सरयू नदी खतरे के करीब पहुंचती जा रही है। कुशीनगर और संतकबीरनगर में भी जलभराव से लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है।