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वैकल्पिक दवा देने पर मेडिकल कॉलेज में हंगामा
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2016 08:42 PM IST
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मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद गार्जियन फार्मेसी के फार्मासिस्ट को एक मरीज को वैकल्पिक दवा तो दूसरे मरीज को जरूरत से ज्यादा देना भारी पड़ गया। दवा लिखने वाले जूनियर डॉक्टर ने फार्मेसी पहुंचकर फार्मासिस्ट को जमकर डांटा और आगे से ऐसा करने पर पिटाई की धमकी दी। इसे लेकर करीब आधे घंटे तक हंगामे की स्थिति रही। कॉलेज प्रशासन ने पूछताछ के लिए शनिवार को जूनियर डॉक्टर और फार्मासिस्ट को बुलाया है।
शुक्रवार को बिहार के पश्चिमी चंपारन जिले से इलाज के लिए कमालुन्निसा और अहमद नाम के व्यक्ति मेडिकल कालेज आए थे। उन्होंने मेडिसिन की ओपीडी में तैनात जूनियर डॉक्टर प्रमोद से चिकित्सकीय परामर्श लिया। उन्होंने दोनों को दवा लिखी और एक बार दिखा लेने की सलाह दी। गार्जियन फार्मेसी के फार्मासिस्ट ने एक को वैकल्पिक दवा दे दी और दूसरे को पांच दिन की बजाय 10 दिन की दवाईयां दी। जब मरीज दवा लेकर जूनियर डॉक्टर के पास पहुंचे तो बदली और अधिक दवा देखकर उनकी नाराजगी चरम पर पहुंच गई।
नाराज डॉक्टर ने तत्काल फार्मेसी पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर का कहना था कि फार्मासिस्ट हर दिन यही कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा फिर हुआ तो उसे परिणाम भुगतना होगा। दवा की वापसी के लिए जब डॉक्टर ने फिर मरीज को फार्मेसी पर भेजा तो फार्मासिस्ट ने यह कहकर वापस कर दिया कि दवा तो शाम चार बजे ही वापस होगी। जब मरीज ने यह जानकारी जूनियर डॉक्टर को दी तो वे तमतमाए हुए फिर वहां गए और दवा वापस कराई।
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गार्जियन फार्मेसी का फार्मासिस्ट यदि वैकल्पिक दवा दे रहा है तो उसे डॉक्टर को विश्वास में लेना चाहिए। अगर दवा फायदा ही नहीं करेगी तो इलाज का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। डॉक्टर और फार्मासिस्ट को शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। गार्जियन फार्मेसी को इसके लिए लिखित चेतावनी दी जाएगी।
-प्रो. राम कुमार, एसआईसी, मेडिकल कॉलेज
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शुक्रवार को बिहार के पश्चिमी चंपारन जिले से इलाज के लिए कमालुन्निसा और अहमद नाम के व्यक्ति मेडिकल कालेज आए थे। उन्होंने मेडिसिन की ओपीडी में तैनात जूनियर डॉक्टर प्रमोद से चिकित्सकीय परामर्श लिया। उन्होंने दोनों को दवा लिखी और एक बार दिखा लेने की सलाह दी। गार्जियन फार्मेसी के फार्मासिस्ट ने एक को वैकल्पिक दवा दे दी और दूसरे को पांच दिन की बजाय 10 दिन की दवाईयां दी। जब मरीज दवा लेकर जूनियर डॉक्टर के पास पहुंचे तो बदली और अधिक दवा देखकर उनकी नाराजगी चरम पर पहुंच गई।
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नाराज डॉक्टर ने तत्काल फार्मेसी पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर का कहना था कि फार्मासिस्ट हर दिन यही कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा फिर हुआ तो उसे परिणाम भुगतना होगा। दवा की वापसी के लिए जब डॉक्टर ने फिर मरीज को फार्मेसी पर भेजा तो फार्मासिस्ट ने यह कहकर वापस कर दिया कि दवा तो शाम चार बजे ही वापस होगी। जब मरीज ने यह जानकारी जूनियर डॉक्टर को दी तो वे तमतमाए हुए फिर वहां गए और दवा वापस कराई।
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गार्जियन फार्मेसी का फार्मासिस्ट यदि वैकल्पिक दवा दे रहा है तो उसे डॉक्टर को विश्वास में लेना चाहिए। अगर दवा फायदा ही नहीं करेगी तो इलाज का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। डॉक्टर और फार्मासिस्ट को शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। गार्जियन फार्मेसी को इसके लिए लिखित चेतावनी दी जाएगी।
-प्रो. राम कुमार, एसआईसी, मेडिकल कॉलेज