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परीक्षा के दौरान हाईस्कूल हिंदी का पेपर वायरल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:47 AM IST
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एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज में परीक्षा देतीं छात्राएं।
- फोटो : Amar Ujala
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यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन हाईस्कूल का हिंदी का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पेपर पर दर्ज कोड के आधार पर अंदेशा लगाया गया कि पेपर इंद्रासना इंटर कॉलेज, बालापार से वायरल किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने पड़ताल के बाद इसे खारिज कर दिया। उनका कहना है कि पेपर किसी और जिले से वायरल हुआ है।
गुरुवार को सुबह की पॉली में हाईस्कूल की हिंदी की परीक्षा के दौरान 10.25 बजे पेपर का पेज 1, 8, 11 और 14 सोशल मीडिया पर आ गया, जबकि परीक्षा 10.45 बजे तक चली। वायरल हुए पेपर में भी वही सवाल पूछे गए थे जो विद्यार्थियों को हल करने थे। सूत्रों की मानें तो बालापार में बने परीक्षा केंद्र में एक विद्यार्थी मोबाइल लेकर पहुंच गया था पर बाद में उससे मोबाइल छीन लिया गया। संदेह है कि उसी विद्यार्थी ने पेपर वायरल किया है। जब यह खबर अधिकारियों के पास पहुंची तो उनमें हड़कंप मच गया। डीआईओएस एएन मौर्या ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक से इस बाबत पूछताछ की गई तो उन्होेंने किसी भी विद्यार्थी के पास से मोबाइल पकड़े जाने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि पेपर कहीं और से वायरल हुआ है।
इंद्रासना इंटर कॉलेज बालापार में इमला बोलकर नकल कराने की भी चर्चा रही। इस कॉलेज को नकल कराने के आरोप में पांच साल पहले डिबार किया गया था, लेकिन दो साल से इसे फिर परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है। गुरुवार को इसी कॉलेज से पेपर वायरल होने की भी चर्चा रही। परीक्षा केंद्र पर कोई जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं पहुंचा।
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प्रशिक्षण देते हुए सीडीओ ने अफसरों से अपनी पूरी प्लानिंग साझा की और कार्रवाई को लेकर उनकी तरफ से जारी दिशा निर्देशों को गोपनीय रखने के निर्देश दिए। तय हुआ है कि तहसीलवार अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। संबंधित तहसीलों में जितने भी दागी परीक्षा केंद्र हैं वहां चार अफसरों की एक-एक टीम पूरे परीक्षा के समय जमी रहेगी। इसी तरह कई टीमें घूमती रहेंगी और परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी। यही नहीं, टीम को भी पहले से यह जानकारी नहीं होगी कि उन्हें किस केंद्र पर जाना है। इसकी जानकारी उन्हें कुछ देर पहले एसएमएस से दी जाएगी।
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गुरुवार को सुबह की पॉली में हाईस्कूल की हिंदी की परीक्षा के दौरान 10.25 बजे पेपर का पेज 1, 8, 11 और 14 सोशल मीडिया पर आ गया, जबकि परीक्षा 10.45 बजे तक चली। वायरल हुए पेपर में भी वही सवाल पूछे गए थे जो विद्यार्थियों को हल करने थे। सूत्रों की मानें तो बालापार में बने परीक्षा केंद्र में एक विद्यार्थी मोबाइल लेकर पहुंच गया था पर बाद में उससे मोबाइल छीन लिया गया। संदेह है कि उसी विद्यार्थी ने पेपर वायरल किया है। जब यह खबर अधिकारियों के पास पहुंची तो उनमें हड़कंप मच गया। डीआईओएस एएन मौर्या ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक से इस बाबत पूछताछ की गई तो उन्होेंने किसी भी विद्यार्थी के पास से मोबाइल पकड़े जाने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि पेपर कहीं और से वायरल हुआ है।
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इंद्रासना इंटर कॉलेज बालापार में इमला बोलकर नकल कराने की भी चर्चा रही। इस कॉलेज को नकल कराने के आरोप में पांच साल पहले डिबार किया गया था, लेकिन दो साल से इसे फिर परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है। गुरुवार को इसी कॉलेज से पेपर वायरल होने की भी चर्चा रही। परीक्षा केंद्र पर कोई जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं पहुंचा।
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नकल रोकने को सीडीओ ने रचा व्यूह
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में नकल पर प्रभावी रोक लगाने के लिए इस बार शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अलावा सीडीओ डॉ मन्नान अख्तर ने भी अलग से अफसरों की टीम बनाई है। इस टीम में पांच सौ से अधिक अफसर शामिल किए गए हैं। इनमें 147 ग्राम विकास अधिकारी, 140 सेक्रेटरी समेत जिले के सभी लेखपाल शामिल हैं। गुरुवार को दो-दो तहसीलों के इन अफसरों को शिफ्टवार गोरखपुर यूनिवर्सिटी के संवाद भवन में ट्रेनिंग दी गई। शुक्रवार से ये टीमें सक्रिय हो जाएंगी।प्रशिक्षण देते हुए सीडीओ ने अफसरों से अपनी पूरी प्लानिंग साझा की और कार्रवाई को लेकर उनकी तरफ से जारी दिशा निर्देशों को गोपनीय रखने के निर्देश दिए। तय हुआ है कि तहसीलवार अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। संबंधित तहसीलों में जितने भी दागी परीक्षा केंद्र हैं वहां चार अफसरों की एक-एक टीम पूरे परीक्षा के समय जमी रहेगी। इसी तरह कई टीमें घूमती रहेंगी और परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी। यही नहीं, टीम को भी पहले से यह जानकारी नहीं होगी कि उन्हें किस केंद्र पर जाना है। इसकी जानकारी उन्हें कुछ देर पहले एसएमएस से दी जाएगी।