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कारोबारी पति-पत्नी के छह पैन कार्ड, 1.33 करोड़ का बैंक ऋण
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कारोबारी पति-पत्नी के छह पैन कार्ड, 1.33 करोड़ का बैंक ऋण
संतोष सिंह
गोरखपुर। शहर के कारोबारी जितेंद्र मौर्या और उनकी पत्नी पुतुल ने गलत सूचना व दस्तावेज के सहारे छह पैन कार्ड बनवाए, फिर अलग-अलग बैंकों से 1.33 करोड़ रुपये के ऋण ले लिया। यह आरोप लगाते हुए शहर के एक बिल्डर युवराज पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरबीआई गवर्नर और प्रधान आयकर आयुक्त के साथ ही एसएसपी को शिकायती पत्र भेजा है। एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने पूरे मामले की रिपोर्ट पुलिस उपाधीक्षक अपराध प्रवीण सिंह से तलब की है।
शिकायती पत्र के मुताबिक लक्ष्मी फर्नीचर के प्रोपराइटर जितेंद्र मौर्या और शुभ ट्रेडर्स की प्रोपराइटर पुतुल मौर्या ने तीन-तीन पैन कार्ड बनवाए हैं। पैन कार्डों की फोटोकॉपी के साथ भेजी गई जानकारी में उन बैंकों के नाम भी हैं, जहां से ऋण लिए गए। युवराज के मुताबिक पैन कार्ड बनवाने और बैंकों से ऋण लेने में फर्जी दस्तावेज लगाए गए हैं। इसकी जांच विजिलेंस कर रही है। अब आयकर विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने का पत्र भी एसएसपी को दिया गया है।
नाम की स्पेलिंग, जन्म तिथि बदलकर किया ‘खेल’
आरोप है कि पैन कार्ड बनवाने के दौरान अपने नाम और पिता के नाम की स्पेलिंग में ‘खेल’ किया गया। जन्म तिथि भी अलग-अलग दर्शाई गई है। जितेंद्र ने पहला पैन कार्ड (CHAPM4311D) जितेंद्र मौर्या पुत्र जज किशोर के नाम से बनवाया, जिसमें जन्म तिथि 3 मई 1981 है। दूसरा पैन कार्ड (AKWPM6689B) जितेंद्र कुमार मौर्या पुत्र जयकिशोर मौर्या के नाम से बना है, इसमें जन्म तिथि 16 जनवरी 1980 है। तीसरा पैन कार्ड (BOCPK0547K) जितेंद्र कुमार पुत्र जय किशोर नाम से बनवाया, जिसमें जन्म तिथि 1 जुलाई 1988 है।
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तीन बार बदले पिता के नाम, फिर बने पैन कार्ड
पत्नी पुतुल के पैन कार्ड बनाने में भी गलत स्पेलिंग का सहारा लिया गया। उनका पहला पैन कार्ड (CLHPP0194C) पुतुल पुत्री श्री जतन सिंह के नाम से बना, जिसमें जन्म तिथि 17 अगस्त 1991 दिखाई गई है। दूसरा पैन कार्ड (BOOPD9535E) पुतुल पुत्री राम जतन के नाम से बना है। इसमें पुतुल की जन्म तिथि 1 जनवरी 1990 लिखी है। तीसरा पैन कार्ड (DJRPM5567H) पुतुल पुत्री यतन सिंह के नाम से बनवाया है। इस पैन कार्ड में पुतुल की जन्म तिथि 16 जुलाई 1985 है।
चार बैंकों से 1.33 करोड़ करोड़ से ज्यादा का ऋण
एसएसपी को जो पत्र दिया गया है, उसके मुताबिक गलत दस्तावेज के सहारे जितेंद्र मौर्या और उनकी पत्नी ने अलग-अलग बैंकों से 1.33 करोड़ रुपये ऋण लिया है। पंजाब नेशनल बैंक की विकास भवन शाखा से लक्ष्मी फर्नीचर के जितेंद्र मौर्या ने 40 लाख रुपये (सीसी लिमिट) का ऋण लिया। इसी तरह पंजाब नेशनल बैंक की स्टेशन रोड देवरिया शाखा से 28 लाख रुपये का हाउसिंग लोन कराया है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कृष्णानगर ब्रांच गोरखपुर से शुभ ट्रेडर्स (एमएसएमई लोन) की पुतुल मौर्या ने 40 लाख रुपये का ऋण लिया। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की गोलघर शाखा से लक्ष्मी फर्नीचर के जितेंद्र मौर्या ने 25 लाख रुपये का बिजनेस लोन लिया है।
आरोपी की बात
जिस व्यक्ति ने शिकायत की है, उनपर जानलेवा हमले का आरोप लग चुका है। गलत काम का विरोध किया। शिकायत दर्ज कराई तो मामले को दूसरी तरफ मोड़ा जा रहा है। पैन कार्ड बनवाने में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। जब मौका आएगा, उसका जवाब दिया जाएगा। इन आरोपों व शिकायतों में कोई दम नहीं है। हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं।
जितेंद्र मौर्या, कारोबारी
अफसर का बयान
गलत सूचना के सहारे ज्यादा पैन कार्ड बनवाना अपराध व धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। आयकर कानून के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई के प्रावधान हैं। शिकायत मिली तो जांच कराके कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नित्यानंद ठाकुर, प्रधान आयकर आयुक्त गोरखपुर
गलत तरीके से पैन कार्ड बनवाने की शिकायत मिली है। इसपर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी गोरखपुर
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संतोष सिंह
गोरखपुर। शहर के कारोबारी जितेंद्र मौर्या और उनकी पत्नी पुतुल ने गलत सूचना व दस्तावेज के सहारे छह पैन कार्ड बनवाए, फिर अलग-अलग बैंकों से 1.33 करोड़ रुपये के ऋण ले लिया। यह आरोप लगाते हुए शहर के एक बिल्डर युवराज पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरबीआई गवर्नर और प्रधान आयकर आयुक्त के साथ ही एसएसपी को शिकायती पत्र भेजा है। एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने पूरे मामले की रिपोर्ट पुलिस उपाधीक्षक अपराध प्रवीण सिंह से तलब की है।
शिकायती पत्र के मुताबिक लक्ष्मी फर्नीचर के प्रोपराइटर जितेंद्र मौर्या और शुभ ट्रेडर्स की प्रोपराइटर पुतुल मौर्या ने तीन-तीन पैन कार्ड बनवाए हैं। पैन कार्डों की फोटोकॉपी के साथ भेजी गई जानकारी में उन बैंकों के नाम भी हैं, जहां से ऋण लिए गए। युवराज के मुताबिक पैन कार्ड बनवाने और बैंकों से ऋण लेने में फर्जी दस्तावेज लगाए गए हैं। इसकी जांच विजिलेंस कर रही है। अब आयकर विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने का पत्र भी एसएसपी को दिया गया है।
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नाम की स्पेलिंग, जन्म तिथि बदलकर किया ‘खेल’
आरोप है कि पैन कार्ड बनवाने के दौरान अपने नाम और पिता के नाम की स्पेलिंग में ‘खेल’ किया गया। जन्म तिथि भी अलग-अलग दर्शाई गई है। जितेंद्र ने पहला पैन कार्ड (CHAPM4311D) जितेंद्र मौर्या पुत्र जज किशोर के नाम से बनवाया, जिसमें जन्म तिथि 3 मई 1981 है। दूसरा पैन कार्ड (AKWPM6689B) जितेंद्र कुमार मौर्या पुत्र जयकिशोर मौर्या के नाम से बना है, इसमें जन्म तिथि 16 जनवरी 1980 है। तीसरा पैन कार्ड (BOCPK0547K) जितेंद्र कुमार पुत्र जय किशोर नाम से बनवाया, जिसमें जन्म तिथि 1 जुलाई 1988 है।
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तीन बार बदले पिता के नाम, फिर बने पैन कार्ड
पत्नी पुतुल के पैन कार्ड बनाने में भी गलत स्पेलिंग का सहारा लिया गया। उनका पहला पैन कार्ड (CLHPP0194C) पुतुल पुत्री श्री जतन सिंह के नाम से बना, जिसमें जन्म तिथि 17 अगस्त 1991 दिखाई गई है। दूसरा पैन कार्ड (BOOPD9535E) पुतुल पुत्री राम जतन के नाम से बना है। इसमें पुतुल की जन्म तिथि 1 जनवरी 1990 लिखी है। तीसरा पैन कार्ड (DJRPM5567H) पुतुल पुत्री यतन सिंह के नाम से बनवाया है। इस पैन कार्ड में पुतुल की जन्म तिथि 16 जुलाई 1985 है।
चार बैंकों से 1.33 करोड़ करोड़ से ज्यादा का ऋण
एसएसपी को जो पत्र दिया गया है, उसके मुताबिक गलत दस्तावेज के सहारे जितेंद्र मौर्या और उनकी पत्नी ने अलग-अलग बैंकों से 1.33 करोड़ रुपये ऋण लिया है। पंजाब नेशनल बैंक की विकास भवन शाखा से लक्ष्मी फर्नीचर के जितेंद्र मौर्या ने 40 लाख रुपये (सीसी लिमिट) का ऋण लिया। इसी तरह पंजाब नेशनल बैंक की स्टेशन रोड देवरिया शाखा से 28 लाख रुपये का हाउसिंग लोन कराया है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कृष्णानगर ब्रांच गोरखपुर से शुभ ट्रेडर्स (एमएसएमई लोन) की पुतुल मौर्या ने 40 लाख रुपये का ऋण लिया। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की गोलघर शाखा से लक्ष्मी फर्नीचर के जितेंद्र मौर्या ने 25 लाख रुपये का बिजनेस लोन लिया है।
आरोपी की बात
जिस व्यक्ति ने शिकायत की है, उनपर जानलेवा हमले का आरोप लग चुका है। गलत काम का विरोध किया। शिकायत दर्ज कराई तो मामले को दूसरी तरफ मोड़ा जा रहा है। पैन कार्ड बनवाने में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। जब मौका आएगा, उसका जवाब दिया जाएगा। इन आरोपों व शिकायतों में कोई दम नहीं है। हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं।
जितेंद्र मौर्या, कारोबारी
अफसर का बयान
गलत सूचना के सहारे ज्यादा पैन कार्ड बनवाना अपराध व धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। आयकर कानून के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई के प्रावधान हैं। शिकायत मिली तो जांच कराके कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नित्यानंद ठाकुर, प्रधान आयकर आयुक्त गोरखपुर
गलत तरीके से पैन कार्ड बनवाने की शिकायत मिली है। इसपर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी गोरखपुर