फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   notice send to relince company manager

रिलायंस कंपनी के प्रबंधक को नोटिस

Thu, 25 Feb 2016 10:25 PM IST
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 25 Feb 2016 10:25 PM IST
विज्ञापन
notice send to relince company manager
गोरखपुर। सड़क दुर्घटना में मरे बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक के परिजनों को कोर्ट के निर्णय के दो माह बाद भी 50.38 लाख रुपये सात प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान नहीं करने पर एडीजे सीताराम वर्मा ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक को नोटिस भेजा।
विज्ञापन


कोर्ट में खोराबार क्षेत्र के सिक्टौर निवासी वादी पुष्पा मिश्रा की ओर से रितेश कुमार श्रीवास्तव अधिवक्ता का कथन था कि वादिनी के पति राम प्रकाश मिश्रा 21 मई 2011 को सिवान से तिलक समारोह से बोलेरो गाड़ी से वापस लौट रहे थे। चौरीचौरा के देवीपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें राम प्रकाश मिश्रा घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कोर्ट ने 15 दिसंबर 2015 को क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया था लेकिन बीमा कंपनी ने आदेश का पालन नहीं किया।
विज्ञापन



कोर्ट ने एसएसपी को भेजा पत्र
गोरखपुर। थानाध्यक्ष झंगहा द्वारा आख्या न भेजे जाने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एसएसपी को पत्र लिखकर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करवाने को कहा है। मामला किसान पूर्व माध्यमिक विद्यालय दुबौली ब्रह्मपुर का है। कोर्ट में विद्यालय के सहायक अध्यापक शब्बीर खान का कथन था कि उसी गांव के रहने वाले गुलाब साहनी प्रबंधक नहीं हैं लेकिन प्रबंधक बनकर पत्राचार करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


24 जून 2013 को वे इसकी शिकायत की थी। जिस पर उन्हें गुलाब ने जान से मारने की धमकी दी। कोर्ट ने इस मामले में 28 सितंबर 2015 को विवेचना का आदेश दिया था। लेकिन थानाध्यक्ष झंगहा ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।

ब्रांच मैनेजर और एफओ पर केस
गोरखपुर। शाखा प्रबंधक और फील्ड आफिसर द्वारा फर्जी ढंग से लोन खाता खोलकर 4.56 लाख रुपये निकाल लेने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश एसओ गगहा को दिया है। मामला पंजाब नेशनल बैंक की साईं ताल शाखा का है। कोर्ट में कौड़ीराम क्षेत्र के जरलही निवासी वादी राघवेंद्र मौर्य की ओर से जयजय राम पांडेय अधिवक्ता का कथन था वादी ने 2012 में उस बैंक से लोन लिया था।


चार दिसंबर 2012 को शाखा प्रबंधक मेवा लाल दिवाकर और फील्ड आफिसर अनिल कुमार उपाध्याय उसके घर आए और कुछ कागजी कार्रवाई करने के बहाने वादी की पत्नी कुसुम देवी से अंगुठा लगवाए और कुछ कागजात ले गए। बाद में पता चला कि वादी की पत्नी के फर्जी लोन खाते से 31 जुलाई 2014 तक 4.56 लाख रुपये निकल गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed