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लावारिस असलहों को अब मिल सकेंगे ‘वारिस’
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Feb 2016 08:05 PM IST
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गोरखपुर। नए शस्त्र लाइसेंस के लिए तो अभी कोई छूट नहीं मिली है लेकिन विरासत और असलहा न संभाल पाने वालों के मामलों में प्रशासन ने ढील देने का निर्णय किया है। पुलिस वेरिफिकेशन के बाद अब इन्हें लाइसेंस जारी कर दिए जाएंगे। सख्ती की वजह से तीन सालों से इन दोनों ही मामलों से जुड़े सैकड़ों लोग पुलिस और डीएम कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे।
2012 में पदभार संभालने के बाद से पूर्व डीएम रवि कुमार एनजी ने असलहा लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी थी। उन्होंने विरासत और असलहा स्थानांतरण के मामलों में भी सख्ती कर रखी थी। अभी डीएम स्तर से यह सख्ती चल ही रही थी कि 2013 में हाई कोर्ट ने भी नए लाइसेंस जारी करने को लेकर सख्ती के निर्देश जारी कर दिए। हालांकि विरासत और असलहा संभालने में अक्षम लोगों के शस्त्र लाइसेंस के स्थानांतरण को लेकर कभी कोई रोक नहीं लगाई गई मगर जिले में ऐसे सभी आवेदन लटके ही रहे।
शासन के निर्देश पर अब ऐसे मामलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विरासत के मामलों में पुलिस से जांच कराई जाएगी। अगर संबंधित वारिस के खिलाफ कोई आपराधिक मामला थानों में नहीं दर्ज होगा और उसकी छवि साफ-सुथरी होगी तो उन्हें लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इसी तरह से असलहा न संभाल पाने वालों के आवेदन पर भी प्रशासन ने छूट देने का मन बनाया है।
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2012 में पदभार संभालने के बाद से पूर्व डीएम रवि कुमार एनजी ने असलहा लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी थी। उन्होंने विरासत और असलहा स्थानांतरण के मामलों में भी सख्ती कर रखी थी। अभी डीएम स्तर से यह सख्ती चल ही रही थी कि 2013 में हाई कोर्ट ने भी नए लाइसेंस जारी करने को लेकर सख्ती के निर्देश जारी कर दिए। हालांकि विरासत और असलहा संभालने में अक्षम लोगों के शस्त्र लाइसेंस के स्थानांतरण को लेकर कभी कोई रोक नहीं लगाई गई मगर जिले में ऐसे सभी आवेदन लटके ही रहे।
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शासन के निर्देश पर अब ऐसे मामलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विरासत के मामलों में पुलिस से जांच कराई जाएगी। अगर संबंधित वारिस के खिलाफ कोई आपराधिक मामला थानों में नहीं दर्ज होगा और उसकी छवि साफ-सुथरी होगी तो उन्हें लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इसी तरह से असलहा न संभाल पाने वालों के आवेदन पर भी प्रशासन ने छूट देने का मन बनाया है।
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